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अंधविश्वास और तर्कशीलता पर हुआ गवेषणा संवाद, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट महिलाओं का सम्मान

शिक्षा और कौशल विकास: बेटियों को सशक्त बनाने की ओर एक सार्थक पहल!!


कमिश्नर डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत ने शाला त्यागी बालिकाओं को प्रेरित किया और वितरित किए प्रमाण पत्र

सागर संभाग के कमिश्नर डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत ने कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में शाला त्यागी बालिकाओं के लिए आयोजित रेडीमेड गारमेंट्स वोकेशनल ट्रेनिंग कार्यक्रम के अंतर्गत प्रमाण पत्र वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने बालिकाओं को शिक्षा और कौशल विकास के महत्व को समझाते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

पढ़ाई: अंधकार से रोशनी की ओर जाने का माध्यम

कमिश्नर डॉ. रावत ने बालिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अगर बेटियों को जीवन में आगे बढ़ना है, तो पढ़ाई का दामन थामना होगा। पढ़ाई ही वह माध्यम है, जिससे ज्ञान प्राप्त कर किसी भी क्षेत्र में सफलता पाई जा सकती है। उन्होंने बेटियों को आश्वस्त किया कि किसी भी स्थिति में पढ़ाई न छोड़ें और अपनी शिक्षा को प्राथमिकता दें।

शिक्षा और कौशल का संतुलन

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बालिकाओं से कहा कि वे मोबाइल का उपयोग पढ़ाई और कौशल विकास के लिए करें। साथ ही, उन्होंने बालिकाओं को रेडीमेड गारमेंट्स में प्राप्त प्रशिक्षण का सही उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार उनकी शिक्षा और अन्य आवश्यकताओं में सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।

माता-पिता और समाज की भूमिका

कमिश्नर ने कहा कि बेटियों की पढ़ाई को जारी रखने में माता-पिता और समाज की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए उनकी शिक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है। वर्तमान में सरकार द्वारा बेटियों के लिए अनेक योजनाएँ चलाई जा रही हैं, जिनका लाभ लेकर वे अपनी शिक्षा और कौशल को निखार सकती हैं।

प्रशिक्षण से आत्मविश्वास का विकास

बालिकाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण ने न केवल उन्हें एक नया हुनर सिखाया, बल्कि उनमें आत्मविश्वास भी जगाया है। मोनम कुर्मी, एक प्रतिभागी, ने कहा कि पहले उन्हें लगा था कि उनके सपने अधूरे रह जाएंगे, लेकिन इस प्रशिक्षण और जीवन कौशल शिक्षा ने उन्हें आगे बढ़ने का मार्ग दिखाया।

महिला एवं बाल विकास विभाग की पहल

महिला एवं बाल विकास विभाग ने किशोर सशक्तिकरण कार्यक्रम के तहत आकांक्षी ब्लॉक तेन्दूखेड़ा की 11 ग्राम पंचायतों की 40 शाला त्यागी बालिकाओं के लिए यह रेडीमेड गारमेंट्स ट्रेनिंग आयोजित की। प्रशिक्षण का आयोजन उद्यमिता विकास केंद्र (सेडमैप) के सहयोग से किया गया। बालिकाओं ने शासकीय विभागों का दौरा कर योजनाओं और उनके क्रियान्वयन की जानकारी ली।

भविष्य की राह

इस पहल के माध्यम से बालिकाओं ने न केवल अपने कौशल में सुधार किया, बल्कि शिक्षा को पुनः आरंभ करने और अपने सपनों को साकार करने का आत्मविश्वास भी पाया। कमिश्नर डॉ. रावत ने यह विश्वास दिलाया कि उनकी शिक्षा और प्रगति के लिए हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

यह कार्यक्रम बालिकाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनने के लिए प्रेरित करता है।

-The News Grit, 11/01/2025


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