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अंधविश्वास और तर्कशीलता पर हुआ गवेषणा संवाद, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट महिलाओं का सम्मान

सीएम राइज स्कूलों का नया नाम अब 'सांदीपनि विद्यालय' होगा!!!!

सीएम राइज स्कूल अब सांदीपनि विद्यालय के नाम से जाने जाएंगे, ऐसा ऐलान किया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने। ये जानकारी उन्होंने भोपाल के अरेरा कॉलोनी में स्थित शासकीय नवीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (ओल्ड कैम्पियन) में आयोजित स्कूल चलें हम कार्यक्रम के दौरान दी, जिसमें नए और चल रहे सीएम राइज स्कूल शामिल हैं।

भगवान श्रीकृष्ण ने सबसे पहले 'स्कूल चलें हम' का शुरू किया था।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जब भगवान श्रीकृष्ण ने कंस का सामना किया, तब उन्होंने शिक्षा की अहमियत को समझा और इसी वजह से सांदीपनि आश्रम में पढ़ाई की। उस समय ये 'स्कूल चलें हम' का एक तरह का अभियान था। उन्होंने श्रीकृष्ण और सुदामा की दोस्ती का जिक्र करते हुए बच्चों को सच्ची दोस्ती और अनुशासन का महत्व बताया।

एजुकेशन पोर्टल 3.0 का शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में एजुकेशन पोर्टल 3.0 का लॉन्च किया। इस पोर्टल से छात्रों की एडमिशन प्रक्रिया, पढ़ाई की गतिविधियां और स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़ी सभी चीजें ऑनलाइन होंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार छात्रों को गणवेश, लैपटॉप, ई-स्कूटी, साइकिल और कोचिंग जैसी चीजें दे रही है। राज्य में उद्योग कॉन्क्लेव के जरिए उद्योगपतियों को बुलाकर रोजगार के मौके बढ़ाए जा रहे हैं।

नए छात्रों का स्वागत और उपहार वितरण

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में के.जी.-2 में दाखिला लेने वाली छोटी बच्चियों को फूलों की माला पहनाकर उनका स्वागत किया और उन्हें उपहार दिए। इस मौके पर उन्होंने बच्चों द्वारा बनाई गई प्रदर्शनी और चित्रों को देखा और उनकी तारीफ की। साथ ही, कुछ प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित भी किया।

विद्यार्थियों के लिए सरकार की योजनाएं

·         कक्षा 1 से 12 के छात्रों को 5.60 करोड़ किताबें मुफ्त दी जा रही हैं।

·         1 करोड़ से ज्यादा फाउंडेशन लिटरेसी और न्यूमरेसी अभ्यास किताबें बांटी जा रही हैं।

·         सुपर-100 योजना के तहत खास कोचिंग की व्यवस्था की गई है।

·         जो छात्र जेईई मेन्स और नीट में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, उन्हें भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

·         पिछले साल 4.75 लाख छात्रों को साइकिल और 7,832 छात्रों को ई-स्कूटी दी गई थी।

·         जो छात्र 12वीं में 75% से ज्यादा अंक लाते हैं, उन्हें 224 करोड़ रुपये की लागत से लैपटॉप मिलते हैं।

मुख्यमंत्री ने छात्रों से कुछ सुझाव दिए हैं:

1. समय का सही इस्तेमाल करें।

 2. पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन रखें।

 3. दोस्ती की कदर करें और श्रीकृष्ण-सुदामा की दोस्ती से सीखें

4. सरकार की तरफ से मिल रही सुविधाओं का पूरा फायदा उठाएं।

5. अपनी प्रतिभा से प्रदेश और देश का नाम रोशन करें।

नवीन शिक्षा नीति और विद्या समीक्षा केंद्र

मुख्यमंत्री ने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत विद्या समीक्षा केंद्र के जरिए प्रदेश में शैक्षणिक डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है। डिजिटल मॉनिटरिंग की मदद से योजनाओं को अच्छे से लागू किया जा रहा है।

अतिथियों की उपस्थिति

कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप, जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, विधायक श्री भगवान दास सबनानी, महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

The News Grit, 03/04/2025

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