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अंधविश्वास और तर्कशीलता पर हुआ गवेषणा संवाद, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट महिलाओं का सम्मान

150वीं वर्षगांठ: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का गौरवशाली सफर!!

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 15 जनवरी 2025 को अपनी स्थापना के 150 वर्ष पूरे किए। यह दिन भारत के मौसम विज्ञान क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है। IMD, जिसकी स्थापना 1875 में हुई थी, आज भारत की जलवायु और मौसम संबंधी जानकारी प्रदान करने वाली प्रमुख राष्ट्रीय एजेंसी है।

150वीं वर्षगांठ समारोह की झलकियाँ

14 जनवरी 2025: सागर स्थित मौसम कार्यालय में "150वीं वर्षगांठ कार्यक्रम" का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य कार्यक्रम "भारत मंडपम, नई दिल्ली" से लाइव स्ट्रीम किया गया, जिसमें सागर कार्यालय के अधिकारियों, कर्मचारियों और विभिन्न स्कूलों के छात्रों ने भाग लिया।


कार्यक्रम के दौरान निबंध और पेंटिंग प्रतियोगिता के विजेताओं को विशेष अतिथि श्री वी.के. वर्मा (सहायक निदेशक, आकाशवाणी, सागर) ने सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त, छात्रों और आम जनता को मौसम कार्यालय की गतिविधियों और विभाग की सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम के अंत में सभी के लिए "सेल्फ-पहार" की व्यवस्था भी की गई।

15 जनवरी 2025: सागर स्थित सिविल लाइंस में मौसम कार्यालय द्वारा एक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें जलवायु से संबंधित उपकरणों और गतिविधियों को प्रदर्शित किया गया। यह प्रदर्शनी सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और सरकारी व गैर-सरकारी संस्थानों के छात्रों, कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए खुली रही।


भारतीय मौसम विज्ञान विभाग: 150 वर्षों का सफर

IMD ने अपने 150 वर्षों के सफर में खुद को न केवल भारत बल्कि दुनिया के अग्रणी जलवायु विज्ञान संस्थानों में स्थापित किया है। मौसम की भविष्यवाणी, चक्रवात, लू, ठंड की लहरें, तूफान और बाढ़ जैसी चरम मौसमी घटनाओं की समय पर चेतावनी देकर IMD ने जीवन और संपत्ति के नुकसान को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

IMD ने 2024-25 के दौरान अपनी 150वीं वर्षगांठ मनाने के लिए कई कार्यक्रमों की योजना बनाई। 15 जनवरी 2025 को, IMD के 150वें स्थापना दिवस पर नई दिल्ली के भारत मंडपम में एक भव्य समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में "मेरा टिकट IMD तक" और ₹5 मूल्य की स्मारक मुद्रा जारी की गई। यह मुद्रा IMD की 150 वर्षों की यात्रा और उपलब्धियों को दर्शाती है।

मौसम पूर्वानुमान, कृषि, विमानन और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में IMD की सेवाएँ भारत की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। आने वाले समय में, IMD जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों का सामना करने और विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत रहेगा।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की 150वीं वर्षगांठ पर हम उनके इस असाधारण योगदान को सलाम करते हैं।

- The News Grit, 15/01/2025

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