Skip to main content

इंदौर में पहली बार टैंडम पैराग्लाइडिंग फेस्टिवल, आसमान में उड़ान का रोमांच!!

मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान के तहत हटा में हुआ मेगा शिविर, विकास योजनाओं और कृषि उपकरणों का हुआ प्रदर्शनी!!

हटा में मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान अंतर्गत विकासखण्ड स्तरीय मेगा शिविर का हुआ आयोजन

आज हटा जनपद में मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान अंतर्गत मेगा शिविर का आयोजन किया गया है, यह अभियान पूरे मध्यप्रदेश में चल रहा है। हर विकासखंड में एक-एक मेगा शिविर लग रहा है। इसी क्रम में पहला मेगा शिविर दमोह विकासखंड में लगाया गया था, यह दूसरा मेगा शिविर हटा में लगा है जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण जन और शहरी वार्डो से नागरिक उपस्थित हुए हैं, अलग-अलग हितग्राही मूलक योजनाएं जो मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान अंतर्गत है, उससे संबंधित आवेदन लोग लेकर आए हैं, जिनकी समस्याओं का निराकरण किया गया है। यहां पर एसडीएम और तहसीलदार ने एक अच्छा काम किया है कि शिविर में सीएम हेल्पलाइन के आवेदकों को भी बुलाया है, बड़ी संख्या में सीएम हेल्पलाइन के आवेदक भी आए हैं, उसमें राजस्व और दूसरे विभागों से संबंधित समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

जो मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान का उद्देश्य था कि लोगों से आवेदन भी प्राप्त किए जाएं और उनको तत्काल लाभ भी दे दिया जाए, इन दोनों उद्देश्यों की पूर्ति का प्रयास मेगा शिविर में किया गया है। यहां पर किसानों से संबंधित बहुत से कृषि उपकरण का प्रदर्शन भी किया जा रहा है, जैविक खेती के ऊपर भी स्टॉल लगे हैं, अलग-अलग योजनाओं के स्टॉल लगे हैं। विधायक श्रीमती खटीक के द्वारा कई सारे स्व-सहायता समूह को ऋण अनुदान वितरण किया गया है, इससे स्व-सहायता समूह स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बन सकते हैं, इसके अलावा जो समूह जैविक और प्राकृतिक खेती से जुड़े हैं, उनको जिला स्तर पर मार्केट उपलब्ध कराया गया है, अभी तक चार जैविक हाट लगे हैं, उसमें लगभग 2 लाख रुपए की बिक्री इन समूह की हुई है, यह समूह बड़ी संख्या में जैविक हाट में आ रहे हैं। यहां पर देखा है कि कुछ पत्तल दोना बनाने वाले समूह भी आए हैं, कोंदों-कुटकी की फसल को लेकर भी समूह आए हैं, इसके अलावा मिट्टी से बने कुल्हड़ भी आए हैं। यहां पर अलग-अलग मदों के अंतर्गत सहायता दी जाएगी ताकि इन्हें मार्केट उपलब्ध हो सके।

14 जनवरी तक महाराष्ट्र के जलगांव में अंतर्राष्ट्रीय किसान मेला आयोजन किया जा रहा, जिले के इच्छुक युवा किसानो को भेजने की व्यवस्था शासन स्तर पर की जा रही हैं।


शिविर में स्वास्थ्य विभाग, नगरपालिका और महिला बाल विकास आदि के स्टॉल का भी अवलोकन किया। स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा बनाए उत्पाद देखे और इनकी लागत, विक्रय, लाभ की जानकारी ली।


शिविर में वर्तन मांजने का गुंजा खरीदकर दुर्गा पटेल को 10 रूपये का डिजिटल भुगतान भी किया। कृषि कल्याण विभाग के स्टॉल पर मैन्युअल सीड ड्रिल मशीन, पावर वीडर, मशीनों के उपयोग, किसानों को सब्सिडी, कीमत और मशीनों के कार्य की जानकारियां ली, कृषि कल्याण एवं कृषि विभाग द्वारा प्रदर्शनी में प्रकाश प्रपंच यंत्र का भी प्रदर्शन कर बताया गया। इस मशीन में मख्खियां और कीट उड़कर इसमें फंस जाते हैं, जिससे किसान अपनी फसल की सुरक्षा कर पाते हैं। स्टाल पर जैविक कृषि करने वाले युवाओं ने वर्मी कम्पोस्ट, जैविक दवाओं आदि की जानकारी देकर लाभ बताए। कुंवरपुर निवासी किसान ने बताया कि वे 15 एकड़ में जैविक कृषि कर बढ़ावा दे रहे हैं।

- The News Grit, 06/01/2025

Comments

Popular posts from this blog

प्रोजेक्ट आरोहण: NHAI की नई योजना, लेकिन किसके लिए?

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ( NHAI) ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल करते हुए टोल प्लाज़ा कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा और करियर निर्माण के लिए ‘प्रोजेक्ट आरोहण’ की शुरुआत की है। इस योजना का शुभारंभ एनएचएआई के अध्यक्ष श्री संतोष कुमार यादव ने नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में किया। इस अवसर पर वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के कार्यकारी निदेशक एवं संयुक्त सीईओ डॉ. जफर खान और एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। शिक्षा तक समान पहुँच देने का प्रयास एनएचएआई ने वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के साथ मिलकर यह योजना शुरू की है , जिसका मकसद टोल प्लाज़ा कर्मचारियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इस पहल का उद्देश्य वित्तीय बाधाओं को दूर करना , सामाजिक-आर्थिक भेदों को कम करना और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों , जिनमें निम्न-आय वाले परिवारों की लड़कियाँ , पहली पीढ़ी के शिक्षार्थी तथा अनुसूचित जाति , अनुसूचित जनजाति , अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र शामिल हैं , के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुँच प्रदान करना है। एनएचएआई का मानना है कि शिक्षा ही वह साध...

बढ़ते एशिया को रोकने में कोरियाई उपमहाद्वीप की उथल पुथल के भरोसे अमरीकी थिंकटैंक!!

आधुनिक वित्तीय और आर्थिक प्रणाली औपनिवेशिक यूरोप और नवऔपनिवेशिक अमरीकी आधिपत्य की देन है। किंतु 21 वीं सदी आते-आते एशिया की नई उभरती अर्थव्यवस्थाओं चीन , भारत , जापान , कोरिया , वियतनाम , इंडोनेशिया आदि ने यह साबित कर दिया कि यह सदी एशिया की है। यही कारण है कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एशिया में बढ़ते प्रभाव और असंतुलन को देखते हुए लगातार तनावपूर्ण बयानबाज़ी कर रहे हैं। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग से उनकी हालिया मुलाक़ात इसी पृष्ठभूमि में बेहद महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है। शांति की पहल और ट्रम्प टॉवर का सपना व्हाइट हाउस में हुई मुलाक़ात के दौरान दोनों नेताओं ने उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन से संवाद स्थापित करने की इच्छा जताई। ली ने कहा कि यदि विभाजित कोरिया में शांति स्थापित हो जाती है तो यह ऐतिहासिक होगा। उन्होंने व्यंग्य और संकेत दोनों में जोड़ा कि “आप (ट्रम्प) उत्तर कोरिया में ट्रम्प टॉवर बना सकते हैं , जहाँ मैं आकर गोल्फ़ खेलूँगा।” ट्रम्प ने भी पुरानी मित्रता याद दिलाई और कहा कि वे किम जोंग उन से पहले ही तीन बार मिल चुके हैं और भविष्य में दोबारा मिलन...

भोपाल बनेगा देश का स्पोर्ट्स साइंस और हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग हब!!

खेल के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल करने और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण देने की दिशा में मध्यप्रदेश एक बड़ा कदम उठा रहा है। खेल विभाग द्वारा नाथु बरखेड़ा स्थित स्पोर्ट्स सिटी में लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक स्पोर्ट्स साइंस एवं हाई-परफॉर्मेंस सेंटर स्थापित किया जा रहा है। यह सेंटर उन सभी आधुनिक वैज्ञानिक और तकनीकी सुविधाओं से लैस होगा , जिनकी आज के समय में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को निखारने और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में जरूरत होती है। इसमें खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता , मानसिक दृढ़ता , चोटों से बचाव , और कुल प्रदर्शन सुधार पर व्यापक रूप से काम किया जाएगा। क्यों जरूरी है स्पोर्ट्स साइंस सेंटर ? आज का खेल जगत बेहद तेज और चुनौतीपूर्ण हो गया है। सिर्फ प्रतिभा या अच्छी कोचिंग अब पर्याप्त नहीं है। विशेषज्ञ बताते हैं कि कई खिलाड़ी , चाहे वे कितने ही प्रतिभाशाली हों , मनोवैज्ञानिक दबाव , तकनीकी कमी या चोटों की वजह से अपने लक्ष्य तक नहीं पहुँच पाते। अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा में सफलता के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तकन...