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अंधविश्वास और तर्कशीलता पर हुआ गवेषणा संवाद, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट महिलाओं का सम्मान

नेशनल लोक अदालत विवाद समाधान का एक प्रभावी माध्यम!!!!!

मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सागर, श्री एम.के. शर्मा के मार्गदर्शन में आगामी 8 मार्च 2025 (शनिवार) को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह लोक अदालत जिला न्यायालय, परिवार न्यायालय एवं समस्त तहसील न्यायालयों में आयोजित होगी, जिसका उद्देश्य अधिक से अधिक प्रकरणों का सौहार्दपूर्ण निराकरण करना है।

इस लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मामलों का निपटारा राजीनामा के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पक्षकारों को शीघ्र और प्रभावी न्याय मिल सके। इस संबंध में प्रधान जिला न्यायाधीश महोदय ने श्रृंखला न्यायालय राहतगढ़, सागर में अधिवक्ताओं के साथ बैठक आयोजित कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सागर के सचिव श्री अंकित श्रीवास्तव ने बताया कि इस नेशनल लोक अदालत में निम्नलिखित प्रकरणों को शामिल किया जाएगा:

न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के अंतर्गत

  • आपराधिक शमनीय प्रकरण
  • पराक्राम्य अधिनियम की धारा 138 के अंतर्गत चेक बाउंस के मामले
  • बैंक/मनी रिकवरी संबंधित मामले
  • मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा प्रकरण
  • श्रम एवं रोजगार विवाद प्रकरण
  • विद्युत एवं जल कर/बिल संबंधित (सिर्फ शमनीय प्रकरण)
  • वैवाहिक विवाद
  • दीवानी मामले                                                                                                               
                                                      Primary Source -Toppers Notes

प्री-लिटिगेशन (मुकदमा पूर्व) मामलों के अंतर्गत

  • पराक्रम्य अधिनियम की धारा 138 के अंतर्गत प्रकरण
  • ई-ट्रैफिक चालान संबंधित प्रकरण
  • मनी रिकवरी संबंधित मामले
  • श्रम विवाद संबंधी मामले
  • विद्युत एवं जल कर/बिल संबंधित (सिर्फ शमनीय प्रकरण)
  • दूरसंचार के बकाया लैण्डलाइन/मोबाइल बिल संबंधित प्रकरण
  • आपराधिक शमनीय प्रकरण
  • वैवाहिक विवाद
  • दीवानी मामले

लोक अदालत का उद्देश्य और लाभ

नेशनल लोक अदालत का प्रमुख उद्देश्य न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का शीघ्र निपटान करना है। इसके माध्यम से समय और धन की बचत होती है तथा पक्षकारों के बीच आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में विवादों का समाधान किया जाता है।

इस प्रक्रिया में किसी भी पक्षकार को अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ता, और न्यायिक निर्णय की तुलना में यह समाधान अधिक शीघ्र और प्रभावी होता है। लोक अदालत में समझौते के आधार पर किए गए निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होते हैं तथा उनके खिलाफ किसी भी उच्च न्यायालय में अपील नहीं की जा सकती।

नागरिकों से अपील

सागर जिले के समस्त नागरिकों से अपील है कि यदि उनके प्रकरण उपरोक्त श्रेणियों में आते हैं तो वे 8 मार्च 2025 को आयोजित नेशनल लोक अदालत में भाग लेकर अपने मामलों का सौहार्दपूर्ण समाधान प्राप्त करें।

लोक अदालत न्याय व्यवस्था में सुलह, समझौते और आपसी सहमति के सिद्धांतों पर आधारित एक प्रभावी और सुलभ माध्यम है, जो न केवल न्यायालयों पर भार कम करता है बल्कि विवादों को त्वरित रूप से हल करने में भी सहायक सिद्ध होता है।

The News Grit, 28/02/2025                                                      (Source - PRO Sagar)

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