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कर्क रेखा के चिन्हांकन से दमोह जिले को मिलेगा पर्यटन में नया आयाम!!

दमोह जिले के लिए एक महत्वपूर्ण विकास की शुरुआत हुई है, क्योंकि भारत सरकार की एक टीम ने जिले में कर्क रेखा के दो महत्वपूर्ण स्थानों का चिन्हांकन किया है। यह कदम जिले के पर्यटन मानचित्र पर दमोह को और अधिक उभारने में मदद करेगा। कर्क रेखा, जो पृथ्वी के उत्तरी गोलार्ध में स्थित एक महत्वपूर्ण भूमध्य रेखा है, अब दमोह जिले में भी चिह्नित हो गई है।


इस सर्वे का नेतृत्व भारतीय सर्वेक्षण विभाग (Survey of India) द्वारा किया गया था, जिसमें टीम ने जिले के दो प्रमुख स्थानों – ग्राम पिंडरई और ग्राम बगदरी में कर्क रेखा का चिन्हांकन किया। यह चिन्हांकन अभाना-तेंदूखेड़ा हाइवे पर ग्राम पिंडरई और तेंदूखेड़ा-रहली मार्ग पर ग्राम बगदरी में किया गया।


दमोह जिले के नागरिकों के लिए यह गर्व का विषय है क्योंकि यह क्षेत्र न केवल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध है, बल्कि अब कर्क रेखा के मिलने से यह पर्यटन के दृष्टिकोण से और भी महत्वपूर्ण बन गया है। कलेक्टर और जिला प्रशासन ने इसे पर्यटन के लिए एक नए अवसर के रूप में देखा है, जो जिले की पहचान को और मजबूती प्रदान करेगा।


भारत सरकार की टीम ने आज प्रारंभिक सर्वे पूरा कर लिया है और कल अंतिम सर्वे के बाद कर्क रेखा को पेंट से सड़क पर चिन्हित किया जाएगा। इसके साथ ही, इस लाइन के सही स्थान को अंतिम रूप से सत्यापित किया जाएगा।

उप अधीक्षण सर्वेक्षक अधिकारी, जय प्रकाश पाटीदार ने बताया कि आज कर्क रेखा के लिए चार महत्वपूर्ण पॉइंट्स चिन्हांकित किए गए हैं, जिनका वेरीफिकेशन किया जाएगा। इस वेरीफिकेशन के बाद कर्क रेखा की स्थिति पूरी तरह से तय की जाएगी।

यह विकास जिले के पर्यटन और पुरातत्व के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। कर्क रेखा के मिलने से पर्यटकों को आकर्षित करने के नए रास्ते खुलेंगे और जिले की ऐतिहासिक महत्वता को नया मोड़ मिलेगा।

यह कदम न केवल पर्यटन के लिहाज से बल्कि सांस्कृतिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी जिले के लिए फायदेमंद साबित होगा, जिससे दमोह को भारत के नक्शे पर एक नया स्थान मिलेगा।

- The News Grit, 07/12/2024

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