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अंधविश्वास और तर्कशीलता पर हुआ गवेषणा संवाद, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट महिलाओं का सम्मान

स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 हेतु सागर में स्वच्छता को प्रभावी बनाने के लिये युवा आये आगे।

 सागर को स्वच्छता में अग्रणी बनाने और जन जागरूकता में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका :निगमायुक्त


सागर स्मार्ट सिटी कार्यालय में स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 की तैयारियों के तहत स्थानीय छात्र-छात्राओं, रंगकर्मियों, सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर सहित शहर के ऊर्जावान युवाओं की बैठक आयोजित की गई। नगर निगम आयुक्त सह कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ सागर स्मार्ट सिटी श्री राजकुमार खत्री की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में उपस्थित सभी युवाओं को स्वच्छ सर्वेक्षण की थीम और उद्देश्य से परिचित कराया गया और विस्तार से जानकारी दी गई। निगमायुक्त श्री राजकुमार खत्री ने बताया की नागरिकों की स्वच्छता चेतना को जगाकर जन जागरूकता लाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने बताया की सागर शहर उभरता हुआ स्मार्ट शहर है यहां नागरिक सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिये अत्याधुनिक तकनीकी अपनाते हुये तेजी से बुनियादी ढांचे में विकास किया जा रहा है। शहर पहले की अपेक्षा अधिक साफ-स्वच्छ और सुंदर होता जा रहा है। शहर विकास की दिशा में ही नागरिकों में स्वच्छता से जुडी आदतों का विकसित होना जरूरी है तभी हमारा सागर भी अन्य शहरों की तरह स्वच्छता में सिरमौर बनेगा। उन्होंने बताया की आज सागर में अत्याधुनिक मशीनों सहित मसवासी कचरा प्रोसेसिंग प्लांट है जहाँ डोर टू डोर कचरा कलेक्शन से एकत्र कचरा प्रोसेस कर उपयोगी उत्पाद खाद आदि बनाये जा रहे हैं। रोड स्वीपिंग के लिये सफाई मित्रों की टीम सहित अत्याधुनिक मशीने हैं। सकुशल संचालित सीवर ट्रीटमेंट प्लांट सहित सीवरेज सिस्टम नेटवर्क, स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज़ सिस्टम, निर्माण एवं ध्वंस सामग्री का पुनरुपयोग कर नये उत्पाद बनाने हेतु सी एंड डी वेस्ट प्लांट, एंड टू एंड पेबर ब्लॉक सहित बेहतर चौड़ी रोड, पक्के नाले-नालियों का नेटवर्क आदि सुविधाएं हैं। सागर में विभिन्न स्वच्छता गतिविधियों के साथ ही स्वच्छता को प्रभावित करने वाले तीन बिंदुओं पर सुधारकार्य का प्रयास हम कर रहे हैं जिन्हें हम यलो स्पॉट, रेड स्पॉट और ब्लैक स्पॉट से परिभाषित करते हैं।

1- यलो स्पॉट- खुले में पेशाब करना
इस समस्या को समाप्त करने के लिये नागरिकों में जागरूकता होना अनिवार्य है हम सभी अपने घर में कहीं भी हो परन्तु टॉयलेट लगने पर निर्धारित टॉयलेट में पहुंच कर ही करते हैं। इसी प्रकार शहर भी हमारा घर है और यहां विभिन्न स्थलों पर 33 से अधिक टॉयलेटस, शौचालय आदि आधुनिक सुविधाओं सहित बने हैं इन टॉयलेटस शौचालय आदि को गूगल मेप से जोड़ा गया है ताकि कोई भी व्यक्ति गूगल मेप की मदद से नजदीकी टॉयलेट तक सहजता से पहुंच सके और नित्यक्रिया कर सके।
2- रेड स्पॉट - पान गुटखा थूकने के निशान
पान गुटखा आदि खाने का चलन अन्य शहरों में भी है लेकिन हमारे यहां सड़कों पर, भावनो की दीवारों और अन्य स्थलों पर थूकने के लाल निशान अक्सर दिखाई देते हैं। नवनिर्मित चकराघाट के आस-पास भी दिखाई दिये इस समस्या को समाप्त करने के लिये थूकने वालों पर जुर्माना भी किया गया है इस समस्या से पूरी तरह मुक्त होने के लिये जन जागरूकता आवश्यक है। पान गुटखा खाकर यहां वहाँ थूकते पाये जाने पर जुर्माने की कार्यवाही निरंतर जारी है।
3- ब्लैक स्पॉट - ऐसे छिपे स्थल जो कचराघर बने हैं
इस समस्या को समाप्त करने के लिये शहर में ऐसे स्थल चिन्हित किये गये जो अक्सर साफ-सफाई की जद से बाहर रहकर गंदे ही रह जाते थे, जिन्हें साफ-स्वच्छ करने में अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ता था। इन चिन्हित स्थलों को पूरी तरह साफ-स्वच्छ कर नये स्वरूप में परिवर्तित किया जा रहा है पीली कोठी चौराहा पर बना स्टेप फाउंटेन झरना और शीतला माता तिराहा पर आकर्षक रथ और निर्माणाधीन पार्क आदि इसके उदाहरण हैं आगे भी ऐसे अन्य ब्लैक स्पॉट स्थलों को नये स्वरूप में विकसित कर साफ-स्वच्छ और सुंदर बनाया जायेगा।


शहर की स्वच्छता को प्रभावी बनाते हुए सागर को स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में अग्रणी बनाने के लिये निगमायुक्त श्री राजकुमार खत्री के द्वारा दी गई महत्वपूर्ण जानकारी से प्रभावित होकर उपस्थित सभी युवा शहर में स्वच्छता की लहर लाने के लिए प्रेरित हुये। युवाओं ने भी शहर में गंदगी दिखने के कारणों पर प्रकाश डालते हुये अपने विचार रखे किसी ने बताया की बच्चों के डायपर यहां वहाँ फेकने से जानवर इन्हें नोचकर कचरा फैला देते हैं। किसी ने कहा की पुराने अनुपयोगी कपड़े बड़ी मात्रा में यहां वहाँ डाल दिये जाते है। जाने अनजाने की गई ये तमाम लापरवाहियां शहर की स्वच्छता को प्रभावित करती हैं। सभी युवाओं ने आगे आकर इस स्वच्छता मुहिम में बढ़चढ़ कर सहभागिता करने, नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाने, शहर की स्वच्छता सुंदरता को प्रभावित करने वालों को रोकने-टोकने का प्रण लिया। सभी अपने अपने स्तर पर जन जागरूकता से स्वच्छ सागर बनाने में सहयोगी बनेंगे। छात्र-छात्राएं स्कूल- कॉलेज, कोचिंग संस्थान आदि में जागरूकता के लिये कार्य करेंगे और शहर की स्वच्छता से अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ेंगे, रंगकर्मी नुक्कड़ नाटक व अन्य विधाओं से स्वच्छता का संदेश जन जन तक पहुंचायेंगे। सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर अपने-अपने मीडिया पेज आदि के माध्यम से स्वच्छता का संदेश जन-जन तक पहुंचाकर स्वच्छ सागर की परिकल्पना को साकार बनाने के साथ स्वच्छता में अग्रणी सागर बनाने में सहयोगी बनेंगे।

- The News Grit, 06/01/2025

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