Skip to main content

इंदौर में पहली बार टैंडम पैराग्लाइडिंग फेस्टिवल, आसमान में उड़ान का रोमांच!!

मध्यप्रदेश के मुरैना में बनेगा देश का सबसे बड़ा सोलर पावर स्टोरेज प्लांट!!!!!

मध्यप्रदेश में ऊर्जा के क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत हो रही है। मुरैना जिले में देश का सबसे बड़ा सोलर पावर स्टोरेज प्लांट स्थापित किया जाएगा, जो न केवल मध्यप्रदेश, बल्कि पूरे देश के लिए ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ती और सतत ऊर्जा उपलब्ध कराने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

परियोजना का उद्देश्य और महत्व

देश में बढ़ती ऊर्जा मांग को देखते हुए, सौर ऊर्जा के क्षेत्र में विकास की आवश्यकता बढ़ती जा रही है। हालांकि, सौर ऊर्जा की एक बड़ी चुनौती यह है कि यह केवल दिन के समय उत्पन्न होती है, जबकि रात के समय इसकी आपूर्ति रुक जाती है। इसी समस्या को हल करने के लिए, मुरैना में सोलर पावर स्टोरेज प्लांट की स्थापना की जा रही है, जो दिन में उत्पन्न सौर ऊर्जा को स्टोर करेगा और उसे रात के समय भी उपयोग में लाया जा सकेगा।

प्रोजेक्ट की विशेषताएँ

क्षमता और निवेश: इस प्लांट की क्षमता 600 मेगावाट होगी और इसका निर्माण लगभग 3500 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। यह परियोजना सौर ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ी छलांग साबित होगी और देश के ऊर्जा मिक्स को हरित ऊर्जा की दिशा में मजबूत करेगी।

आधुनिक तकनीकी उपयोग: इस परियोजना में सौर ऊर्जा को स्टोर करने के लिए अत्याधुनिक बैटरी स्टोरेज तकनीकी का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके द्वारा उत्पन्न ऊर्जा को रात के समय उपयोग करने के लिए संग्रहित किया जाएगा, जिससे निरंतर ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

भूमि और स्थान: मुरैना जिले के लगभग 3000 हेक्टेयर भूमि पर यह प्रोजेक्ट स्थापित होगा। यह स्थान ऊर्जा उत्पादन के लिए आदर्श है क्योंकि यहां की मौसम की स्थिति और भूमि की उपयुक्तता इसे एक आकर्षक विकल्प बनाती है।

कृषि और किसानों को मिलेगा लाभ

इस सोलर पावर स्टोरेज प्लांट से सबसे बड़ा लाभ कृषि क्षेत्र को होगा। खासकर रबी फसलों के दौरान किसानों को रात में सस्ती दरों पर बिजली उपलब्ध होगी। इससे किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा और वे अपनी फसलों का उत्पादन बढ़ा सकेंगे। यह कदम मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के लाखों किसानों के लिए वरदान साबित होगा, जो कृषि में आधुनिक तकनीक का उपयोग करने में सक्षम होंगे।

प्रत्याशित परिणाम और भविष्य की दिशा

मुरैना में बन रहे इस सोलर पावर स्टोरेज प्लांट के सफल संचालन के बाद, यह देश में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित करेगा। यह परियोजना न केवल पर्यावरण के लिए लाभकारी होगी, बल्कि यह राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता को भी बढ़ाएगी।

मध्यप्रदेश का मुरैना जिले में बन रहा देश का सबसे बड़ा सोलर पावर स्टोरेज प्लांट ऊर्जा के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व कदम है। यह परियोजना ना केवल राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि देश को हरित ऊर्जा की दिशा में एक नई दिशा प्रदान करेगी। इससे न सिर्फ किसानों को सस्ती और स्थिर ऊर्जा मिलेगी, बल्कि पर्यावरण को भी बेहतर बनाए रखने में मदद मिलेगी। यह भारत की सौर ऊर्जा की क्षमता को वैश्विक स्तर पर प्रोत्साहित करने में भी सहायक होगा।

The News Grit 13/02/2025

Comments

Popular posts from this blog

प्रोजेक्ट आरोहण: NHAI की नई योजना, लेकिन किसके लिए?

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ( NHAI) ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल करते हुए टोल प्लाज़ा कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा और करियर निर्माण के लिए ‘प्रोजेक्ट आरोहण’ की शुरुआत की है। इस योजना का शुभारंभ एनएचएआई के अध्यक्ष श्री संतोष कुमार यादव ने नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में किया। इस अवसर पर वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के कार्यकारी निदेशक एवं संयुक्त सीईओ डॉ. जफर खान और एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। शिक्षा तक समान पहुँच देने का प्रयास एनएचएआई ने वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के साथ मिलकर यह योजना शुरू की है , जिसका मकसद टोल प्लाज़ा कर्मचारियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इस पहल का उद्देश्य वित्तीय बाधाओं को दूर करना , सामाजिक-आर्थिक भेदों को कम करना और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों , जिनमें निम्न-आय वाले परिवारों की लड़कियाँ , पहली पीढ़ी के शिक्षार्थी तथा अनुसूचित जाति , अनुसूचित जनजाति , अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र शामिल हैं , के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुँच प्रदान करना है। एनएचएआई का मानना है कि शिक्षा ही वह साध...

बढ़ते एशिया को रोकने में कोरियाई उपमहाद्वीप की उथल पुथल के भरोसे अमरीकी थिंकटैंक!!

आधुनिक वित्तीय और आर्थिक प्रणाली औपनिवेशिक यूरोप और नवऔपनिवेशिक अमरीकी आधिपत्य की देन है। किंतु 21 वीं सदी आते-आते एशिया की नई उभरती अर्थव्यवस्थाओं चीन , भारत , जापान , कोरिया , वियतनाम , इंडोनेशिया आदि ने यह साबित कर दिया कि यह सदी एशिया की है। यही कारण है कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एशिया में बढ़ते प्रभाव और असंतुलन को देखते हुए लगातार तनावपूर्ण बयानबाज़ी कर रहे हैं। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग से उनकी हालिया मुलाक़ात इसी पृष्ठभूमि में बेहद महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है। शांति की पहल और ट्रम्प टॉवर का सपना व्हाइट हाउस में हुई मुलाक़ात के दौरान दोनों नेताओं ने उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन से संवाद स्थापित करने की इच्छा जताई। ली ने कहा कि यदि विभाजित कोरिया में शांति स्थापित हो जाती है तो यह ऐतिहासिक होगा। उन्होंने व्यंग्य और संकेत दोनों में जोड़ा कि “आप (ट्रम्प) उत्तर कोरिया में ट्रम्प टॉवर बना सकते हैं , जहाँ मैं आकर गोल्फ़ खेलूँगा।” ट्रम्प ने भी पुरानी मित्रता याद दिलाई और कहा कि वे किम जोंग उन से पहले ही तीन बार मिल चुके हैं और भविष्य में दोबारा मिलन...

भोपाल बनेगा देश का स्पोर्ट्स साइंस और हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग हब!!

खेल के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल करने और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण देने की दिशा में मध्यप्रदेश एक बड़ा कदम उठा रहा है। खेल विभाग द्वारा नाथु बरखेड़ा स्थित स्पोर्ट्स सिटी में लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक स्पोर्ट्स साइंस एवं हाई-परफॉर्मेंस सेंटर स्थापित किया जा रहा है। यह सेंटर उन सभी आधुनिक वैज्ञानिक और तकनीकी सुविधाओं से लैस होगा , जिनकी आज के समय में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को निखारने और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में जरूरत होती है। इसमें खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता , मानसिक दृढ़ता , चोटों से बचाव , और कुल प्रदर्शन सुधार पर व्यापक रूप से काम किया जाएगा। क्यों जरूरी है स्पोर्ट्स साइंस सेंटर ? आज का खेल जगत बेहद तेज और चुनौतीपूर्ण हो गया है। सिर्फ प्रतिभा या अच्छी कोचिंग अब पर्याप्त नहीं है। विशेषज्ञ बताते हैं कि कई खिलाड़ी , चाहे वे कितने ही प्रतिभाशाली हों , मनोवैज्ञानिक दबाव , तकनीकी कमी या चोटों की वजह से अपने लक्ष्य तक नहीं पहुँच पाते। अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा में सफलता के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तकन...