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उज्जैन में राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन एवं विज्ञान उत्सव!!!!

27 मार्च को उज्जैन में महाराजा विक्रमादित्य शोघपीठ द्वारा उनके युग, भारत उत्कर्ष, नवजागरण और भारत विद्या पर एकाग्र विक्रमोत्सव 2025 के अंतर्गत राष्ट्रीय वैज्ञानिक एवं विज्ञान उत्सव का शुभारंभ। यह उत्सव पंडित सूर्य नारायण व्यास संकुल कालिदास अकादमी उज्जैन में सुबह 11:00 बजे से आरंभ हुआ। (विकास की बात विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं नव विचार के साथ), विकास- समाज अर्थव्‍यवस्‍था शिक्षा आदि का सुधार तब अधिक प्रभावी होते हैं, जब उसे विज्ञान प्रोद्योगिकी की (तकनीकी की उन्‍नति) और नव विचार (नई खोजें व सुधार) के साथ जोड़ा जाए।

महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक द्वारा

श्रीराम तिवारी ने बताया कि विक्रमोत्सव अंतर्गत 27 मार्च से राष्ट्रीय वैज्ञानिक एवं विज्ञान उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन को तीन भागों में बांटा गया है। पहला है राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन, दूसरा है 40वां मध्यप्रदेश युवा वैज्ञानिक सम्मेलन और अंतिम है विज्ञान उत्सव।

उन्‍होने ने बताया कि राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन की थीम ‘विकास की बात विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के साथ’ पर आधारित है। इसमें देशभर के 100 से अधिक शीर्ष वैज्ञानिक भागीदारी कर रहे है। सम्मेलन में वैज्ञानिकों द्वारा आधुनिक विज्ञान और भारतीय प्राचीन विज्ञान परंपरा पर विभिन्न सत्रों में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, खगोल विज्ञान, जीआईएस एंड रिमोट सेंसिंग अनुप्रयोग, कृषि एवं ग्रामीण प्रौद्योगिकी, स्टार्ट-अप, इनोवेशन एवं स्किल डेवलपमेंट, भारतीय ज्ञान विज्ञान परंपरा तथा आधुनिक प्रौद्योगिकी विषयों पर परिचर्चा होगी। इसके अलावा विज्ञान चौपाल का आयोजन भी होगा।

पुरस्‍कार भी दिया जाएगा

निदेशक ने कहा कि 40वां मध्यप्रदेश युवा वैज्ञानिक सम्मेलन अंतर्गत युवा शोधार्थियों द्वारा शोध पत्रों का वाचन होगा। उत्कृष्ट शोध पत्रों को युवा वैज्ञानिक पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र एवं फेलोशिप प्रदान की जायेगी। विभिन्न विषयों में 30 से अधिक युवा वैज्ञानिक पुरस्कार जिसमें प्रथम पुरस्कार 25 हजार रूपये, द्वितीय पुरस्कार 20 हजार रूपये तथा तृतीय पुरस्कार 15 हजार रूपये प्रदान की जायेगी।

संवाद का आयोजन

विज्ञान उत्सव में विद्यार्थी और वैज्ञानिकों के बीच संवाद, साइंस-शो, साइंटिफिक मॉडल कॉम्पिटिशन, टेलिस्कोप से आकाश दर्शन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम, तारामंडल में विशेष 3डी-4 के शो, प्रदर्शनी, कार्यशालाएँ, खगोलीय वेधशाला डोंगला का भ्रमण एवं स्टार्ट-अप इनोवेटर्स समिट शामिल है। 

इस प्रकार के सम्‍मेलन से जिसमें युवा वैज्ञानिकों को विज्ञान की दुनिया में बहुत कुछ सीखने मिलेगा। और साथ में उन्‍हें सवाद द्वारा अपने विचारों और सवालों को साझा करने का मौका मिलेगा, और पुरस्‍कारों के द्वारा उनका मनोबल बढ़ेगा। जिससे वह विज्ञान की दुनिया में और अधिक उत्‍साहित होंगे, इसलिए ऐसे महोत्‍सव का होने विज्ञान की दुनिया को बढ़ावा देता है। जिसमें विज्ञान की बात प्रोद्योगिकी और नवविचारों के साथ की जा रही हों। ऐसे में नए अविष्‍कारों का होना संभव है। जिससे देश की उन्‍नति हो सके।

The News Grit, 27/03/2025

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