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अंधविश्वास और तर्कशीलता पर हुआ गवेषणा संवाद, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट महिलाओं का सम्मान

पोषण भी पढ़ाई भी कार्यक्रम से बच्चों की आधारशिला होगी मजबूत!!

सागर जिले मे 2555 आंगनवाड़ी कार्यकर्तायें परियोजना स्तरीय 32  बैच में पोषण भी पढ़ाई भी से प्रशिक्षित: आंगनवाड़ीयों में बच्चों मे दिव्यांगता की भी होंगी पहचान, जन्म से 3 वर्ष  के बच्‍चे को मिलेगी नवचेतना, 3 से 6 वर्ष के बच्चों की बनेगी आधार शिला। कलेक्टर श्री संदीप जी आर के मार्गदर्शन मे संचालनालय महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देशानुसार जिले मे कार्यरत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का तीन दिवसीय पोषण भी पढ़ाई भी का प्रशिक्षण अलग अलग 32 बेचों में परियोजना मुख्यालयों पर परियोजना अधिकारियों द्वारा आयोजित किया गया।

पोषण भी पढ़ाई भी कार्यक्रम

जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री बृजेश त्रिपाठी से प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत सरकार ने आंगनवाडी केंद्रों को सक्षम आंगनवाड़ी के रुप मे विकसित कर उनमे जन्म से तीन वर्ष के बच्चों को नवचेतना,  तीन से छः वर्ष के बच्चों को आधार शिला एवं जन्म से छः वर्ष के बच्चों मे दिव्यांगता की पहचान हेतु पोषण भी पढ़ाई भी कार्यक्रम आरम्भ किया है।

अजीम प्रेम जी फाउंडेशन समन्वय द्वारा चलाया गया कार्यक्रम

जिले में इस कार्यक्रम को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए विगत 24 से 26 मार्च एवं 27 से 29 मार्च तक तीन दिवसीय प्रशिक्षणों के 32 बैच परियोजना अधिकारियो द्वारा 16 परियोजना मुख्यालयों पर अजीम प्रेम जी फाउंडेशन के समन्वय से चलाए गए। इन प्रशिक्षणों मे अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार, जिला प्रबंधक एन आर एल एम आदि, अधिकारियों द्वारा भी आकस्मिक भ्रमण किया गया। जबकि संयुक्त संचालक श्री बी एल प्रजापति और जिला कार्यक्रम अधिकारी बृजेश त्रिपाठी द्वारा सभी परियोजनाओं में पहुँचकर प्रतिभागियो को मार्गदर्शन दिया गया।

कार्यकर्ताओं को संचालन के लिए जरूरी समग्री प्रदान की

पोषण भी पढ़ाई भी प्रशिक्षण के लिए सभी आई सी डीएस पर्यवेक्षको को निपसिड इंदौर के द्वारा मास्टर ट्रेनर के रुप मे प्रशिक्षित किया गया था। जिन्होने सभी 32सत्रों मे ट्रेनिंग दी अजीम प्रेम जी फाउंडेशन की टीम के द्वारा टीचिंग लर्निग मटेरियल (टी एल एम ) के माध्यम से पूरे प्रशिक्षण को सजीव ढंग से रोचक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई। प्रशिक्षण में सभी कार्यकर्ताओं को लर्निग किट, स्टोरी बुक एवं हेंड बुक प्रदत्त की गईं, ताकि वह इनके सहयोग से आंगनवाड़ी केंद्र मे पोषण भी पढ़ाई भी का सफल संचालन कर सकें।

समापन सत्र में ऑन लाइन सर्टिफिकेट जनरेट कराते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी बृजेश त्रिपाठी ने सभी सहयोगी अधिकारियों,  कोर्स डायरेक्टर,मास्टर ट्रेनर, प्रतिभागियो एवं अजीम प्रेम जी फाउंडेशन का आभार व्यक्त किया।

पोषण और पढ़ाई का ये कार्यक्रम सागर जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत छोटे बच्चों को शुरुआती शिक्षा और पोषण का अच्छा आधार दिया जा रहा है, साथ ही दिव्यांग बच्चों की पहचान और सही मदद का भी ध्यान रखा गया है। 2555 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग दी गई है और उन्हें जरूरी सामग्री और संसाधन मिले हैं, ताकि वे अपने केंद्रों पर इस कार्यक्रम को सही से चला सकें। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन और दूसरे सहयोगी संगठनों के मिलकर काम करने से यह कार्यक्रम सफल हो रहा है। यह पहल बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास में मदद करेगी और उनके बेहतर भविष्य की नींव रखेगी।

The News Grit, 31/03/2025

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