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अंधविश्वास और तर्कशीलता पर हुआ गवेषणा संवाद, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट महिलाओं का सम्मान

योग से जुड़ेगा स्वास्थ्य और पर्यावरण, International Day of Yoga 2025!!

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (IDY) 2025 की थीम “Yoga for One Earth, One Health” घोषित की गई है। यह थीम योग को वैश्विक स्वास्थ्य और समरसता के एक सा धन के रूप में प्रस्तुत करती है, जो शारीरिक, मानसिक और पर्यावरणीय संतुलन को साधने का संदेश देती है। योग दिवस हर वर्ष 21 जून को मनाया जाता है, और यह इस आयोजन का 11वां संस्करण होगा।

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अधीन मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (MDNIY) को इस वर्ष योग दिवस से संबंधित गतिविधियों के भव्य आयोजन की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। संस्थान ने हाल ही में 13 मार्च 2025 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में योग महोत्सव के दौरान 100-दिन की उलटी गिनती की शुरुआत की।

वैश्विक मंच पर बढ़ती लोकप्रियता

योग और आयुर्वेद की वैश्विक स्वीकार्यता में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। कई देशों में विशेषकर दक्षिण अमेरिका के चिली जैसे देशों में आयुर्वेद तेज़ी से लोकप्रिय हो रहा है। ऐसे ही एक संगठन ‘Somos India’ (स्पेनिश में अर्थ: "हम भारत हैं") ने पिछले एक दशक से योग और आयुर्वेद को चिकित्सा और शिक्षा दोनों माध्यमों से बढ़ावा दिया है। संगठन ने इन पर आधारित जानकारी का स्पेनिश भाषा में अनुवाद भी किया है। वर्ष 2024 में ही इस संगठन के आयोजनों और पाठ्यक्रमों में करीब 9,000 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

IDY 2025 के लिए 10 प्रमुख सिग्नेचर कार्यक्रम घोषित

इस बार अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को और अधिक व्यापक, समावेशी और भव्य रूप देने के लिए सरकार द्वारा 10 विशिष्ट सिग्नेचर कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है, जिनमें शामिल हैं:

·         योग संगम – 1,00,000 स्थानों पर एक साथ योग प्रदर्शन कर विश्व रिकॉर्ड का प्रयास।

·         योग बंधन – 10 देशों में प्रतिष्ठित स्थलों पर अंतर्राष्ट्रीय योग सत्र।

·         योग पार्कसमुदाय आधारित योग गतिविधियों के लिए 1,000 योग पार्कों का निर्माण।

·         योग समावेशदिव्यांगजन, बुजुर्गों, बच्चों और हाशिए पर खड़े समुदायों के लिए विशेष सत्र।

·         योग प्रभावसार्वजनिक स्वास्थ्य पर योग के दशकीय प्रभाव का मूल्यांकन।

·         योग कनेक्टअंतर्राष्ट्रीय वर्चुअल सम्मेलन, जिसमें योग और चिकित्सा विशेषज्ञ भाग लेंगे।

·         हरित योगपर्यावरणीय अभियानों (जैसे वृक्षारोपण और सफाई) को योग से जोड़ने की पहल।

·         योग अनप्लग्डयुवाओं को आकर्षित करने के लिए संवादात्मक कार्यक्रम।

·         योग महाकुंभदेश के 10 स्थानों पर सप्ताहभर चलने वाला उत्सव।

·         संयोगमयोग को आधुनिक चिकित्सा प्रणाली के साथ जोड़ने वाली 100-दिन की पहल।

एक दशक की यात्रा: IDY की मुख्य उपलब्धियाँ

2014 में भारत की पहल पर संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया था। तब से लेकर अब तक योग दिवस ने अनेक उपलब्धियाँ हासिल की हैं।  अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की यात्रा पिछले एक दशक में वैश्विक स्वास्थ्य, एकता और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बन चुकी है।

साल 2015 में नई दिल्ली के राजपथ पर पहली बार योग दिवस मनाया गया, जहाँ 35,985 लोगों ने एक साथ योग कर दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए। अगले वर्ष 2016 में चंडीगढ़ में लगभग 30,000 प्रतिभागियों की उपस्थिति रही, जिसमें पहली बार 150 दिव्यांगजनों ने भी योग किया।

2017 में लखनऊ में हुए आयोजन में 51,000 प्रतिभागियों ने भाग लिया और योग को 'स्वास्थ्य बीमा' के रूप में प्रस्तुत किया गया। 2018 में देहरादून स्थित फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट में "Public Health" थीम पर कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें 50,000 से अधिक लोगों की भागीदारी रही। इसी वर्ष इसरो ने BHUVAN-YOGA और Yoga Locator जैसे ऐप्स भी लॉन्च किए।

2019 में रांची में योग को हृदय स्वास्थ्य के लिए समर्पित किया गया और इस अवसर पर खादी से बने पर्यावरण अनुकूल योग उत्पादों का उपयोग किया गया। 2020 में कोरोना महामारी के कारण कार्यक्रम को वर्चुअल रूप में आयोजित किया गया, जिसमें 12.06 करोड़ लोगों ने ऑनलाइन भाग लिया। इसी दौरान "My Life, My Yoga" प्रतियोगिता में 130 देशों से प्रविष्टियाँ प्राप्त हुईं।

2021 का आयोजन भी डिजिटल माध्यम से हुआ और इसकी थीम थी "Yoga for Wellness"। इस वर्ष कार्यक्रम ने 496.1 मिलियन लोगों तक पहुँच बनाई। खास बात यह रही कि टाइम्स स्क्वायर, एफिल टॉवर और टोक्यो स्काईट्री जैसे विश्व प्रसिद्ध स्थलों पर भी योग सत्र आयोजित हुए। 2022 में योग दिवस मैसूर में मनाया गया, जहाँ 15,000 लोगों ने भाग लिया। ‘Guardian Ring’ नामक वैश्विक योग रिले और वर्चुअल प्रदर्शनी इसकी मुख्य विशेषताएँ थीं।

2023 में कार्यक्रम जबलपुर और संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय, न्यूयॉर्क में आयोजित किया गया। इस वर्ष 23.44 करोड़ लोगों ने भागीदारी की और सूरत में 1.53 लाख लोगों ने एक साथ योग कर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। साथ ही, ‘Ocean Ring of Yoga’ ने 35,000 किलोमीटर की दूरी तय की। 2024 में आयोजन स्थल श्रीनगर रहा, जहाँ SKICC में 7,000 प्रतिभागियों ने बारिश के बीच योग किया। ISRO की 'Yoga for Space' पहल और उत्तर प्रदेश में 25.93 लाख लोगों द्वारा योग संकल्प ने इस दिन को ऐतिहासिक बना दिया। कुल मिलाकर इस वर्ष 24.53 करोड़ लोगों ने भाग लिया।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025, केवल एक आयोजन नहीं बल्कि एक वैश्विक स्वास्थ्य और चेतना अभियान बन चुका है। “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य” की थीम, आज के समय में योग की प्रासंगिकता को दर्शाती है। इस अभियान के माध्यम से भारत, अपनी प्राचीन परंपरा को न केवल संरक्षित कर रहा है, बल्कि उसे पूरी दुनिया के कल्याण हेतु साझा भी कर रहा है।

The News Grit, 20/06/2025

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