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बिजली चोरी के लंबित प्रकरणों के निपटारे का मौका, 14 मार्च को लगेगी लोक अदालत!!

सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए बड़ी पहल: अब मिलेगा कैशलेस इलाज, शुरू हुई “पीएम राहत” योजना!!

सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर और बिना आर्थिक बाधा के इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नई कैशलेस उपचार योजना “पीएम राहत” का शुभारंभ किया है। यह योजना सड़क हादसों के बाद गोल्डन आवर के भीतर त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने पर केंद्रित है , ताकि इलाज में देरी के कारण होने वाली मौतों को कम किया जा सके। सड़क हादसों में मौतें कम करने पर फोकस भारत में हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार , यदि घायल व्यक्ति को दुर्घटना के पहले एक घंटे (गोल्डन आवर) के भीतर अस्पताल पहुंचाकर उपचार शुरू कर दिया जाए , तो लगभग 50% तक मौतें रोकी जा सकती हैं। नई “पीएम राहत” योजना इसी महत्वपूर्ण समय खिड़की पर आधारित है और तत्काल चिकित्सा हस्तक्षेप को संस्थागत रूप देने का प्रयास करती है। 112 हेल्पलाइन से सीधा जुड़ाव योजना को आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली ( ERSS) की 112 हेल्पलाइन से जोड़ा गया है। सड़क दुर्घटना पीड़ित , राहगीर या प्रत्यक्षदर्शी कोई भी व्यक्ति 112 पर कॉल करके: ·          निकटत...

सिर की सुरक्षा से समझौता नहीं: केवल BIS प्रमाणित हेलमेट का ही करें उपयोग!!

  क्या आप जानते हैं? देश में प्रतिवर्ष हजारों दोपहिया वाहन चालक केवल इसलिए अपनी जान गंवा देते हैं क्योंकि उन्होंने गैर-प्रमाणित या घटिया गुणवत्ता वाले हेलमेट पहने होते हैं। इस गंभीर और खतरनाक प्रवृत्ति को रोकने के लिए उपभोक्ता मामले विभाग (Department of Consumer Affairs) ने अब सीधी और सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। सड़क सुरक्षा को लेकर उठाए गए हालिया कदमों के तहत उपभोक्ता मामले विभाग और भारतीय मानक ब्यूरो (Bureau of Indian Standards) ने दोपहिया चालकों से अपील की है कि वे केवल BIS प्रमाणित यानी ISI मार्क वाले हेलमेट का ही उपयोग करें। विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि बिना प्रमाणन वाले हेलमेट न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में जान के लिए भी गंभीर खतरा बन सकते हैं। DoCA की सख्त चेतावनी: सिर्फ BIS प्रमाणित हेलमेट का करें उपयोग उपभोक्ता मामले विभाग और भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने सभी दोपहिया वाहन चालकों से आग्रह किया है कि वे केवल ISI मार्क वाले BIS प्रमाणित हेलमेट ही पहनें। विभाग ने कहा है कि जो हेलमेट BIS मानकों (IS 4151:2015) को पूरा नहीं करते, वे कानूनी रूप से प...