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इंदौर में पहली बार टैंडम पैराग्लाइडिंग फेस्टिवल, आसमान में उड़ान का रोमांच!!

आधार डेटा पूरी तरह सुरक्षित, यूआईडीएआई डेटाबेस में अब तक कोई सेंधमारी नहीं: सरकार!!

आधार कार्ड धारकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा को लेकर सरकार ने बड़ा आश्वासन दिया है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि अब तक यूआईडीएआई के केंद्रीय डेटाबेस से आधार कार्ड धारकों के डेटा का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि आधार विश्व की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली है , जिसके अंतर्गत करीब 134 करोड़ सक्रिय आधार धारक पंजीकृत हैं। इस प्रणाली के माध्यम से अब तक 16,000 करोड़ से अधिक प्रमाणीकरण लेनदेन सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं , जो इसकी व्यापकता और उपयोगिता को दर्शाता है। बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू आधार जारी करने वाली संस्था भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने आधार संख्या धारकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के लिए व्यापक और मजबूत सुरक्षा उपाय लागू किए हैं। मंत्री ने बताया कि यूआईडीएआई ने अपने डेटाबेस की सुरक्षा के लिए गहन और बहुस्तरीय सुरक्षा प्रणाली विकसित की है , जिसकी निरंतर समीक्षा और ऑडिट किया जाता है। उन्नत एन्क्रिप्शन तकनीक का इस्तेमाल डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित ...

साइबर ठगी से बचाव के लिए RBI और दूरसंचार विभाग की महत्‍वपूर्ण पहल!!

30 जून 2025 डिजिटल इंडिया की ओर तेज़ी से बढ़ते भारत में साइबर वित्तीय अपराधों से नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक महत्‍वपूर्ण कदम उठाया गया है। भारतीय रिजर्व बैंक ( RBI) ने सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों , लघु वित्त बैंकों , भुगतान बैंकों और सहकारी बैंकों को निर्देशित किया है कि वे दूरसंचार विभाग ( DoT) द्वारा विकसित " वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक" ( Financial Fraud Risk Indicator – FRI) को अपने सिस्टम में एकीकृत करें। इस महत्वपूर्ण निर्णय का दूरसंचार विभाग ने स्वागत किया है , जो सरकार की विभिन्न एजेंसियों के बीच बढ़ते सहयोग और डिजिटल धोखाधड़ी के खिलाफ एकजुट लड़ाई का प्रतीक है। क्या है FRI ( वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक) ? यह एक तकनीकी उपकरण है , जिसे मई 2025 में दूरसंचार विभाग की डिजिटल इंटेलिजेंस यूनिट द्वारा विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य किसी मोबाइल नंबर के आधार पर यह आकलन करना है कि वह नंबर वित्तीय धोखाधड़ी के लिहाज से कितना जोखिमपूर्ण है। यह प्रणाली मोबाइल नंबरों को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत करती है – मध्यम जोखिम , उच्च जोखिम और बहुत उच्च जोखिम – जिससे संबंधित संस्...