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बिजली चोरी के लंबित प्रकरणों के निपटारे का मौका, 14 मार्च को लगेगी लोक अदालत!!

भारतीय नौसेना ने पहली बार सीटीएफ-154 की कमान संभाली, समुद्री सुरक्षा सहयोग में ऐतिहासिक कदम!!

भारतीय नौसेना ने पहली बार संयुक्त कार्य बल ( CTF)–154 की कमान संभालकर वैश्विक समुद्री सुरक्षा सहयोग में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह कदम हिंद महासागर क्षेत्र और उससे आगे बहुराष्ट्रीय समुद्री सहयोग , प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के प्रति भारत की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह कार्य बल Combined Maritime Forces ( सीएमएफ) के अंतर्गत संचालित एक प्रमुख बहुराष्ट्रीय प्रशिक्षण टास्क फोर्स है , जो सदस्य देशों की समुद्री सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने पर केंद्रित है। बहरीन में आयोजित हुआ कमान परिवर्तन समारोह सीटीएफ- 154 का कमान परिवर्तन समारोह 11 फरवरी 2026 को बहरीन की राजधानी मनामा स्थित सीएमएफ मुख्यालय में आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता United States Fifth Fleet के कमांडर वाइस एडमिरल कर्ट ए. रेनशॉ ने की। इस अवसर पर भारतीय नौसेना के उप नौसेना प्रमुख वाइस एडमिरल तरुण सोबती सहित विभिन्न सदस्य देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी उपस्थित रहे। भारतीय नौसेना के शौर्य चक्र से सम्मानित कमोडोर मिलिंद एम. मोकाशी ने इतालवी नौसेना के निवर्तमान कमांडर से सीटीएफ- 154 के कमांडर का पदभार ...

भारतीय नौसेना में शामिल होगा ‘इक्षक’: स्वदेशी हाइड्रोग्राफिक उत्कृष्टता का नया अध्याय!!

भारतीय नौसेना अपनी जल सर्वेक्षण क्षमताओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाने जा रही है। 6 नवंबर , 2025 को कोच्चि के नौसेना बेस में एक भव्य समारोह के दौरान भारतीय नौसेना ‘एसवीएल इक्षक’ को औपचारिक रूप से अपनी सेवा में शामिल करेगी। यह समारोह भारतीय नौसेना के लिए ऐतिहासिक क्षण होगा , जिसमें नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे और पोत को कमीशन करेंगे।  ‘ इक्षक’: स्वदेशी तकनीकी क्षमता का परिचायक इक्षक , सर्वेक्षण पोत (वृहद) [एस.वी.एल.] श्रेणी का तीसरा पोत है और यह दक्षिणी नौसेना कमान में शामिल होने वाला पहला जहाज होगा। इस पोत का निर्माण कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स ( GRSE) लिमिटेड ने किया है। यह पोत भारत की स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता , तकनीकी आत्मनिर्भरता और "आत्मनिर्भर भारत" अभियान की सफलता का शानदार उदाहरण है। इक्षक के निर्माण में 80% से अधिक स्वदेशी उपकरणों और सामग्रियों का उपयोग किया गया है। यह न केवल भारत की बढ़ती नौसैनिक तकनीकी दक्षता को प्रदर्शित करता है , बल्कि GRSE और देश के MSME क्षेत्र के बीच सशक्त होते औद्यो...

आईसीजीएस अदम्य: भारत का नया अविजेय प्रहरी पारादीप में तैनात!!

ओडिशा , पारादीप बंदरगाह 19 सितंबर 2025 को भारतीय तटरक्षक बल ने अपने फ्लीट में एक और अत्याधुनिक पोत आईसीजीएस ' अदम्य ' को शामिल कर समुद्री सुरक्षा को और मजबूत किया है। यह पोत अदम्य श्रेणी के आठ तीव्र गश्ती पोत ( Fast Patrol Vessel – FPV) श्रृंखला का पहला जहाज है। 51 मीटर लंबा यह पोत गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा पूरी तरह स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किया गया है। आईसीजीएस अदम्य में 60% से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है , जो ' आत्मनिर्भर भारत ' की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पोत भारतीय समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ हमारे समुद्री क्षेत्र में राष्ट्रीय हितों की रक्षा में अहम योगदान देगा। इस पोत का औपचारिक कमीशनिंग समारोह रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव (एएफ एवं नीति) श्री सत्यजीत मोहंती द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्यालय ईस्टर्न सीबोर्ड के चीफ ऑफ स्टाफ , इंस्पेक्टर जनरल योगिंदर ढाका , और केंद्र व राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। आईसीजीएस अदम्य की तैनाती ओडिशा के पारादीप बंदरगाह पर होगी और इसका संचालन आईसीजी जिला मुख्यालय स...

स्वदेशी तकनीक से बना INS निस्तार भारतीय नौसेना में शामिल, पनडुब्बी बचाव में माहिर!!

भारतीय नौसेना ने समुद्र की गहराइयों में राहत और बचाव अभियानों को नई धार देने वाला एक और स्वदेशी उपलब्धि हासिल की है। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ की उपस्थिति में विशाखापत्तनम में पहली बार पूरी तरह भारतीय डिजाइन पर आधारित डाइविंग सपोर्ट वेसल ( INS Nistar) को नौसेना के बेड़े में औपचारिक रूप से शामिल किया गया। यह एक ऐतिहासिक क्षण है जो न केवल भारतीय नौसेना की क्षमताओं को बढ़ाता है , बल्कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। समुद्र की गहराइयों के लिए बना ‘निस्तार’ आईएनएस निस्तार को हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा बनाया गया है और यह दो डाइविंग सपोर्ट वेसलों में से पहला है। यह पोत विशेष रूप से गहरे समुद्र में संतृप्ति डाइविंग (Saturation Diving) और पनडुब्बी बचाव अभियानों के लिए तैयार किया गया है। दुनिया की केवल कुछ ही नौसेनाओं के पास इस तरह की उच्च तकनीकी क्षमता है , जो भारतीय नौसेना को एक नई ऊँचाई पर स्थापित करता है। आईएनएस निस्तार की प्रमुख विशेषताएं आईएनएस निस्तार भारतीय नौसेना का एक अत्याधुनिक डाइविंग सपोर्ट वेसल है , जिसकी कुल लंबाई 118 मीटर है और यह ...

क्वाड की समुद्री रणनीति को नया बल – चार देशों के तटरक्षक बल एक ही जहाज पर!!

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता , शांति और सहयोग को मज़बूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए , क्वाड देशों – भारत , जापान , अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया – ने पहली बार संयुक्त रूप से समुद्र में एक विशेष मिशन की शुरुआत की है , जिसका नाम है ‘ क्वाड एट सी शिप ऑब्जर्वर मिशन’। यह पहल चारों देशों के तटरक्षक बलों   (Coast Guards)   के बीच साझा अभ्यास ,   अनुभवों का आदान-प्रदान और परिचालन तालमेल को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है। इस मिशन को   " विलमिंगटन घोषणा" के तहत लागू किया गया है ,   जिसकी घोषणा सितंबर   2024   में क्वाड नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान की गई थी। मिशन की खास बातें इस अभियान में भारत , जापान , अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के दो-दो अधिकारी , जिनमें महिला अधिकारी भी शामिल हैं , अमेरिका के कोस्ट गार्ड जहाज 'USCGC STRATTON' पर सवार हुए हैं। यह जहाज इस समय गुआम की यात्रा पर है और मिशन के तहत क्रॉस-एम्बार्केशन अभ्यास (Cross-Embarkation Mission) किया जा रहा है , जिसमें सभी देश एक-दूसरे के संचालन , तकनीक और प्रशिक्षण पद्धतियों को समझते हैं। क्य...