Skip to main content

Posts

मधुमेह से मुक्ति उचित आहार, विहार और उपचार का महत्त्व

Recent posts

पोषण भी पढ़ाई भी कार्यक्रम से बच्चों की आधारशिला होगी मजबूत!!

सागर जिले मे 2555 आंगनवाड़ी कार्यकर्तायें परियोजना स्तरीय 32   बैच में पोषण भी पढ़ाई भी से प्रशिक्षित: आंगनवाड़ीयों में बच्चों मे दिव्यांगता की भी होंगी पहचान , जन्म से 3 वर्ष  के बच्‍चे को मिलेगी नवचेतना , 3 से 6 वर्ष के बच्चों की बनेगी आधार शिला। कलेक्टर श्री संदीप जी आर के मार्गदर्शन मे संचालनालय महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देशानुसार जिले मे कार्यरत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का तीन दिवसीय पोषण भी पढ़ाई भी का प्रशिक्षण अलग अलग 32 बेचों में परियोजना मुख्यालयों पर परियोजना अधिकारियों द्वारा आयोजित किया गया। पोषण भी पढ़ाई भी कार्यक्रम जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री बृजेश त्रिपाठी से प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत सरकार ने आंगनवाडी केंद्रों को सक्षम आंगनवाड़ी के रुप मे विकसित कर उनमे जन्म से तीन वर्ष के बच्चों को नवचेतना ,   तीन से छः वर्ष के बच्चों को आधार शिला एवं जन्म से छः वर्ष के बच्चों मे दिव्यांगता की पहचान हेतु पोषण भी पढ़ाई भी कार्यक्रम आरम्भ किया है। अजीम प्रेम जी फाउंडेशन समन्वय द्वारा चलाया गया कार्यक्रम जिले में इस कार्यक्रम को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए विग...

मध्यप्रदेश को 1230 मेगावॉट अतिरिक्त बिजली!!!!

मध्यप्रदेश को आगामी दो से तीन वर्षों में दो चरणों में 1230 मेगावॉट विद्युत की अतिरिक्त उपलब्धता रहेगी , इस हेतु बिजली कंपनी के मुख्यालय जबलपुर में आर.ई.सी. ने अदानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड को ट्रांसमिशन एस.पी.व्ही. सौंपा। इस परियोजना के तहत मेसर्स महान एनर्जेन लिमिटेड के बंधौरा (सिंगरौली) पावर जनरेटिंग प्लांट से मध्यप्रदेश के हिस्से की 1230 मेगावॉट विद्युत निकासी के लिये ट्रांसमिशन नेटवर्क तैयार किया जाना है। पारेषण अद्योसंरचना होगी विस्तारित एम.पी. ट्रांसको के मुख्य अभियंता श्री देवाशीष चक्रवर्ती ने बताया कि मध्यप्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी ने 1230 मेगावॉट विद्युत प्रदाय हेतु मेसर्स महान एनर्जेन लिमिटेड से पॉवर परचेस अनुबंध किया था , उक्त हेतु मेसर्स महान एनर्जेन लिमिटेड द्वारा 2X800 मेगावॉट क्षमता के पावर जनरेटिंग प्लांट की स्थापना प्रस्तावित है। उक्त पावर प्लांट से मध्यप्रदेश के हिस्से की 1230 मेगावॉट विद्युत निकासी के लिये नियामक आयोग के विनियमानुसार टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धा बोली प्रक्रिया के अंतर्गत पारेषण अद्योसंरचना के विस्तार हेतु मध्यप्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी द्वारा मध्यप...

पीएम-उषा योजना के तहत शिक्षकों और छात्रों को विशेष प्रशिक्षण!!!!

तनाव मुक्ति के लिए ध्यान एवं योग हमारी प्राचीन ऋषि परंपरा की देन है। कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में पीएम उषा योजना के अंतर्गत आयोजित प्रशिक्षण कार्यशालाओं का हुआ समापन। शासकीय कला एवं वाणिज्य अग्रणी महाविद्यालय में पीएम उषा योजना के अंतर्गत शैक्षणिक स्टाफ एवं विद्यार्थियों के लिए आयोजित की गई अलग-अलग प्रशिक्षण कार्यशालाओं का समापन प्राचार्य डॉ जीएस रोहित ने किया। इन कार्यशालाओं का संचालन प्रशासनिक अधिकारी डॉ इमराना सिद्दीकी द्वारा किया गया। मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा पीएम उषा योजना के अंतर्गत सेडमेप के सहयोग से दिनांक 7 से 24 मार्च तक एआई एप्लीकेशन एवं कंटेंट क्रिएशन , कंप्यूटर अवेयरनेस , जीएसटी एवं टैक्सेशन , मार्केटिंग मैनेजमेंट एंड सेल्समैनशिप तथा स्ट्रेस मैनेजमेंट एंड मेडिटेशन से संबंधित 7 एवं 15 दिवसीय विभिन्न प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन महाविद्यालय में अलग-अलग सत्र में किया गया। समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि प्राचार्य डॉ . जी एस रोहित ने तनाव प्रबंधन एवं ध्यान पर आधारित कार्यशाला के संबंध में कहा कि प्राचीन संस्कृति में ध्यान एवं योग तथा स...

AIIMS नई दिल्‍ली और SAMEER बीच चिकित्‍सा इलेक्‍ट्रानिक्‍स उपकरण के विकास को लेकर हुआ समझौता!!!!

NMR विभाग के 32वें स्‍थापना दिवस पर 25 मार्च को सोसायइटी फॉर एम्‍लाइड माइक्रोवेव इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स इंजीनियरिंग एंड रिसर्च ( S AMEER ) और ( AIIMS ) ने मिलकर एक दूसरे के सहयोग से चिकित्‍सा उपकरणों के विकास करने पर एमओयू ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए। ताकि दोनों संस्‍थान उच्‍च क्षेत्र/निम्‍न क्षेत्र चुम्‍बकीय अनुदान इमेंजिंग (एमआरआई) परमाणु चुम्‍बकीय अनुदान (एनएमआर) प्रणालियों को विकसित करने और चिकित्‍सा अनुप्रयोगों के लिए रेडियो आवृत्ति , आरएफ , माइक्रोवेव , प्रणालियों और संबंद्ध क्षेत्रों में अनुसाधन को बढ़ावा देने के लिए सहयोत्‍मक रूप से काम कर सके। इस समझौता ज्ञापन में पांच प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं: 1. चिकित्सा उपकरणों के विकास में सहयोगात्मक अनुसंधान। 2. समीर , मुंबई द्वारा विकसित स्वदेशी 1.5 टी एमआरआई प्रणाली का नैदानिक ​​ सत्यापन। 3. तस्‍वीर संवर्द्धन और त्वरित इमेजिंग के लिए एआई/एमएल में सहयोगात्मक अनुसंधान। 4. उच्च/निम्न क्षेत्र एमआरआई स्कैनर के उप-प्रणालियों का डिजाइन और विकास। 5. उच्च क्षेत्र जीव एमआरआई स्कैनर के लिए आरएफ उप-प्रणालियों का विकास। भारत में एमआरआई तकनीक का वि...

उज्जैन में राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन एवं विज्ञान उत्सव!!!!

27 मार्च को उज्जैन में महाराजा विक्रमादित्य शोघपीठ द्वारा उनके युग , भारत उत्कर्ष , नवजागरण और भारत विद्या पर एकाग्र विक्रमोत्सव 2025 के अंतर्गत राष्ट्रीय वैज्ञानिक एवं विज्ञान उत्सव का शुभारंभ। यह उत्सव पंडित सूर्य नारायण व्यास संकुल कालिदास अकादमी उज्जैन में सुबह 11:00 बजे से आरंभ हुआ। (विकास की बात विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं नव विचार के साथ) , विकास- समाज अर्थव्‍यवस्‍था शिक्षा आदि का सुधार तब अधिक प्रभावी होते हैं , जब उसे विज्ञान प्रोद्योगिकी की (तकनीकी की उन्‍नति) और नव विचार (नई खोजें व सुधार) के साथ जोड़ा जाए। महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक द्वारा श्रीराम तिवारी ने बताया कि विक्रमोत्सव अंतर्गत   27   मार्च से राष्ट्रीय वैज्ञानिक एवं विज्ञान उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन को तीन भागों में बांटा गया है। पहला है राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन ,   दूसरा है   40 वां मध्यप्रदेश युवा वैज्ञानिक सम्मेलन और अंतिम है विज्ञान उत्सव। उन्‍होने ने बताया कि राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन की थीम ‘विकास की बात विज्ञान ,   प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के साथ’ पर...

स्कूल शिक्षा विभाग की सांस्कृतिक गतिविधियों में अभिनव पहल!!!!!

सागर में लोक शिक्षण संचनालय मध्य प्रदेश शासन के निर्देश अनुसार शिक्षा विभाग के द्वारा अभिनव पहल करते हुए शासकीय विद्यालयों की छात्र-छात्राओं को सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए अनुगूंज कार्यक्रम प्रारंभ किया गया जिसमें सागर जिले की एक दर्जन शालाओं में से 1006 छात्रों ने भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। छात्र-छात्राओं के इस उत्साह से संपूर्ण महाकवि पद्माकर सभागार तालियों की गढ़गढ़ाहट से गूंज उठा। अनुगूंज कार्यक्रम में एक भारत श्रेष्ठ भारत की अभिनव झलक दिखी। संयुक्त संचालक सागर संभाग डॉ मनीष वर्मा ने बताया कि शासन के निर्देश अनुसार यह अनुगूंज कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें सागर जिले की एक दर्जन शासकीय विद्यालयों की 1000 विद्यार्थियों ने भाग लिया और अपनी प्रतिभा को सबके सामने रखा। उन्होंने बताया कि शासकीय उ.मा.वि. बाघराज तिली स्कूल के द्वारा गणेश स्तुति एवं लावणी लोक नृत्य , शास. सी.एम. राइज म.ल.ब. कन्या उ.मा.वि.क्र. 1 सागर के द्वारा रस-रंजिनी नृत्य , शास. कन्या हाईस्कूल मकरोनिया के द्वारा एक भारत श्रेष्ठ भारत महारास नृत्य , रविशंकर कन्या उ.मा.वि. सागर के द्वारा महारास नृ...

Yes we can End TB Theme के साथ मनाया गया इस बार विश्व टीबी दिवस!!!!

टीबी बीमारी से लड़ने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) तथा अन्य संस्थाओं ने 24 मार्च को विश्व टीबी की दिवस के रूप में घोषित किया है। 24 मार्च को इस दिवस को मनाने की एक एहम बात यह है , की जर्मन वैज्ञानिक रॉबर्ट कोच ने 1882 में माइक्रोबैक्टेरियम ट्यूबरक्लोसिस नामक जीवाणु की खोज की थी। जो की टीबी बीमारी का कारण है , इस खोज ने टीवी के निदान और इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है , तथा 1905 में रॉबर्ट कोच को इस खोज के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इस दिन को मनाने का मकसद सभी को टीवी के खतरों के लक्षणों और बचाव के तरीके से अवगत कराना और इसके प्रति जागरूकता फैलाना है। वर्ष 2000 से अभी तक टीबी से निपटने के वैश्विक प्रयासों ने अनुमानित 7.9 करोड़ लोगों की जान बचाई है। विश्व टीबी दिवस दुनिया की जानलेवा बीमारियों में से एक (टीबी) को समाप्त करने पर जोर देता है। इस अवसर पर क्‍या कहा WHO के महानिदेशक ने डॉ.  टैडोस ऐडरेनाॅम गैबरेयेसस,  डो WHO के महानिदेशक , ने कहा , " पिछले 20 वर्षों में टीबी के खिलाफ जो बड़ी प्रगति हुई है , वह अब खतरे में है। इसका म...