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अंधविश्वास और तर्कशीलता पर हुआ गवेषणा संवाद, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट महिलाओं का सम्मान

TRAI का अलर्ट: फोन, मैसेज या वीडियो कॉल से किया गया कोई भी संपर्क फर्जी हो सकता है!!

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने एक अहम परामर्श जारी करते हुए देशवासियों को आगाह किया है कि उसके नाम का दुरुपयोग करके साइबर धोखाधड़ी और वित्तीय घोटालों की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। आम नागरिकों को फर्जी कॉल, संदेश, ईमेल और दस्तावेजों के माध्यम से ठगों द्वारा भ्रमित और धमकाया जा रहा है, जिससे कई लोग अपनी व्यक्तिगत जानकारी या धन गँवा रहे हैं।

बढ़ती धोखाधड़ी: ट्राई की पहचान के नाम पर घोटाले

TRAI ने स्पष्ट किया है कि हाल के महीनों में कई मामले सामने आए हैं, जहाँ धोखेबाज ट्राई के अधिकारी या कानून प्रवर्तन एजेंसी के प्रतिनिधि बनकर आम लोगों को फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। इन घोटालों में आमतौर पर निम्नलिखित तरीके अपनाए जा रहे हैं:

·         डिजिटल गिरफ्तारी का झांसा

एक विशेष किस्म की धोखाधड़ी ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ स्कैम के रूप में सामने आई है, जिसमें कॉलर खुद को ट्राई या पुलिस अधिकारी बताकर व्यक्ति पर किसी अपराध या टेलीकॉम उल्लंघन का झूठा आरोप लगाता है। उसके बाद फर्जी कानूनी दस्तावेज़ और गिरफ्तारी की धमकी देकर "जमानत" या "जांच शुल्क" के नाम पर पैसे की मांग की जाती है।

·         सिम निष्क्रिय करने की धमकियाँ

कुछ कॉल और संदेशों में यह दावा किया जाता है कि उपयोगकर्ता की KYC अधूरी है और अगर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई तो उनका मोबाइल नंबर निष्क्रिय कर दिया जाएगा। इससे भयभीत होकर लोग लिंक पर क्लिक कर बैठते हैं या जानकारी साझा कर देते हैं।

·         मोबाइल टावर स्थापना के फर्जी प्रस्ताव

लोगों को ट्राई की फर्जी मंजूरी पत्रों के साथ लालच दिया जाता है कि उनके क्षेत्र में मोबाइल टावर लगाने पर उन्हें ऊँचा किराया मिलेगा, जिसके बदले उनसे "पंजीकरण शुल्क" लिया जाता है। बाद में संपर्क बंद हो जाता है।

·         जाली ईमेल और दस्तावेज

TRAI के नकली लेटरहेड, ईमेल पते और लोगो का उपयोग कर निवेश प्रस्ताव, अनुपालन मांग या जुर्माने की फर्जी मांग की जा रही है। कई बार ये पत्र असली जैसे प्रतीत होते हैं, जिससे धोखा खाने की संभावना और बढ़ जाती है।

ट्राई का स्पष्टीकरण: ये गतिविधियाँ हमसे जुड़ी नहीं हैं

TRAI ने साफ शब्दों में कहा है कि वह कभी भी किसी उपभोक्ता को फोन कॉल, संदेश, ईमेल या वीडियो चैट के माध्यम से संपर्क नहीं करता है। ट्राई किसी को धमकी नहीं देता, न ही कोई भुगतान या व्यक्तिगत जानकारी माँगता है।

ट्राई द्वारा नहीं किए जाने वाले कार्यों में शामिल हैं:

·         किसी भी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध जाँच

·         आधार, बैंक खाता या OTP जैसी जानकारी माँगना

·         व्हाट्सएप/वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी की धमकी

·         मोबाइल नंबर बंद करने की चेतावनी देना

ट्राई ने दोहराया है कि वह एक स्वतंत्र वैधानिक संस्था है, जो दूरसंचार और प्रसारण सेवाओं के नियमन, नीतिगत सलाह और गुणवत्ता की निगरानी जैसे कार्य करता है, न कि व्यक्तिगत मामलों में दखल देता है।

नागरिकों के लिए जरूरी सुझाव

TRAI और साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने नागरिकों को सचेत करते हुए कुछ जरूरी सलाह दी है:

🔹 कभी भी अनजान नंबर से आई धमकी भरी कॉल को गंभीरता से न लें और तुरंत काट दें।

🔹 किसी भी संदिग्ध कॉल या वीडियो चैट पर व्यक्तिगत, बैंकिंग या पहचान संबंधी जानकारी साझा न करें।

🔹 कोई भी रकम, चाहे वह “जुर्माना”, “पंजीकरण” या “सत्यापन शुल्क” के नाम पर क्यों न हो, बिना सत्यापन के न भेजें।

🔹 सभी दस्तावेज या ऑफर की जानकारी को TRAI की आधिकारिक वेबसाइट (www.trai.gov.in) या अन्य सरकारी स्रोतों से सत्यापित करें।

🔹 किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर दें।

🔹 TRAI के ‘DND 2.0’ ऐप और ‘संचार साथी’ प्लेटफॉर्म की ‘चक्षु’ सुविधा के ज़रिए संदिग्ध नंबरों की रिपोर्ट करें।

वरिष्ठ नागरिक और डिजिटल नवशिक्षित रहें विशेष सतर्क

TRAI ने विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के नए उपयोगकर्ताओं से आग्रह किया है कि वे ऐसी किसी भी फर्जी गतिविधि का शिकार न बनें और अपने जान-पहचान के लोगों को भी इस बारे में जागरूक करें। ट्राई ने कहा कि यदि लोग समय रहते सतर्क रहें और सही प्लेटफॉर्म पर शिकायत दर्ज करें, तो इन स्कैम गतिविधियों को बहुत हद तक रोका जा सकता है।

जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा

TRAI की यह चेतावनी भारत में बढ़ते डिजिटल उपयोग के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण पहल है। जैसे-जैसे लोग डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ते जा रहे हैं, वैसे-वैसे साइबर ठग भी नए-नए रूपों में सामने आ रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि हर नागरिक सतर्क रहे, सही जानकारी रखे और किसी भी अनधिकृत मांग या धमकी से प्रभावित हुए बिना, तथ्यों की पुष्टि करे।

The News Grit, 07/08/2025


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