Skip to main content

Posts

Showing posts with the label InfrastructureDevelopment

बिजली चोरी के लंबित प्रकरणों के निपटारे का मौका, 14 मार्च को लगेगी लोक अदालत!!

मोबाइल गुणवत्ता नियंत्रण वैन के जरिए राजमार्गों की मजबूती का ऑन-स्पॉट परीक्षण!!

देश में तेजी से फैल रहे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के बीच अब फोकस सिर्फ लंबाई बढ़ाने पर नहीं , बल्कि गुणवत्ता , सुरक्षा और भरोसेमंद निर्माण पर है। इसी दिशा में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक अहम प्रायोगिक परियोजना शुरू की है , जिसके तहत मोबाइल गुणवत्ता नियंत्रण वैन ( MQCV) के माध्यम से निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्गों की मौके पर ही वैज्ञानिक जांच की जाएगी। यह पायलट प्रोजेक्ट चार राज्यों - राजस्थान , गुजरात , कर्नाटक और ओडिशा में लागू किया गया है। क्या है इस पहल का उद्देश्य ? इन मोबाइल गुणवत्ता नियंत्रण वैन का इस्तेमाल वर्तमान में जारी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी का जल्दी और सटीक पता लगाने के लिए किया जाएगा। हर मोबाइल वैन चलती-फिरती प्रयोगशाला की तरह कार्य करती है , जो अत्याधुनिक नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्टिंग इंस्ट्रूमेंट्स से पूरी तरह लैस होती है। इस वैन में अल्ट्रासोनिक पल्स वेलोसिटी मीटर , रिबाउंड हैमर , एस्फाल्ट डेंसिटी गेज और रिफ्लेक्टोमीटर इत्यादि शामिल हैं , जिनकी मदद से निर्माण कार्य को बिना नुकसान पहुंचाए मौके पर ही प्...

भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना में बड़ी उपलब्धि: समुद्र के नीचे सुरंग का पहला खंड पूरा!!

मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर ( MAHSR) के तहत भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना में एक और महत्‍वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। महाराष्ट्र में घनसोली और शिलफाटा के बीच 21 किलोमीटर लंबी समुद्र के नीचे सुरंग का पहला खंड पूरा कर लिया गया है। यह सुरंग बुलेट ट्रेन के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स ( BKC) से ठाणे तक के मार्ग का हिस्सा है , और इसे जापानी शिंकानसेन तकनीक से तैयार किया गया है। यह भारत के रेलवे बुनियादी ढांचे में तकनीकी क्रांति की शुरुआत मानी जा रही है। शिंकानसेन तकनीक: भविष्य की तेज रफ्तार रेल प्रणाली भारत-जापान साझेदारी के तहत इस परियोजना में ई 10 शिंकानसेन ट्रेनों का उपयोग किया जाएगा। वर्तमान में जापान में ई 5 शिंकानसेन ट्रेनों का संचालन होता है , लेकिन भारत के लिए अगली पीढ़ी की ई 10 शिंकानसेन ट्रेनें चुनी गई हैं। विशेष बात यह है कि ई 10 ट्रेनें भारत और जापान में एक साथ शुरू की जाएंगी , जो दोनों देशों के रणनीतिक और तकनीकी संबंधों को और मजबूत बनाती है। 508 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में जापानी गुणवत्ता इस पूरे बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की लंबाई 508 किलोमीटर है , जो मुंबई से अहमदाबा...