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अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़, ₹40 करोड़ से अधिक का सोना जब्त!!

रानी दुर्गावती शासकीय महाविद्यालय परसवाड़ा द्वारा ‘कॉलेज चलो अभियान’ का आयोजन!!

मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार रानी दुर्गावती शासकीय महाविद्यालय , परसवाड़ा द्वारा कॉलेज चलो अभियान का सफल आयोजन किया गया। यह अभियान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एल. एल. घोरमारे एवं आईक्यूएसी प्रभारी डॉ. अरुण कुमार वैद्य के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। अभियान के अंतर्गत महाविद्यालय के प्राध्यापकों की एक टीम ने ग्रामीण क्षेत्र के शासकीय विद्यालय–शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डोंगरिया (तहसील परसवाड़ा) का भ्रमण किया। प्राध्यापक दल में डॉ. जयश्री सूर्यवंशी (सहायक प्राध्यापक , वनस्पतिशास्त्र) , प्रीति बोपचे (सहायक प्राध्यापक , हिंदी साहित्य) , श्री. धरमचंद राठौर (गणित विभाग) शामिल रहे। विद्यालयों में उपस्थित कला , विज्ञान एवं कृषि संकाय के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के महत्व से अवगत कराते हुए महाविद्यालय में संचालित विभिन्न स्नातक पाठ्यक्रमों , प्रवेश प्रक्रिया , नई शिक्षा नीति 2020, छात्रवृत्तियों एवं शासन की विभिन्न छात्र हितैषी प्रोत्साहन योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही महाविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता , आधुनिक प्रयोगशालाओं , पुस्तकालय तथा खेलकूद स...

एआई अब बनेगा स्कूली शिक्षा का हिस्सा, 2026-27 से कक्षा 3 से होगी शुरुआत!!

शिक्षा मंत्रालय स्कूली शिक्षा को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ढ़ालने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रहा है। मंत्रालय के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने घोषणा की है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से देश के सभी स्कूलों में कक्षा 3 और उससे आगे के विद्यार्थियों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता ( Artificial Intelligence - AI) और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग पर आधारित नया पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति ( NEP) 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2023 के अनुरूप है। शिक्षा में एआई का समावेश परामर्श बैठक में डीओएसईएल के सचिव संजय कुमार ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता अब केवल एक तकनीकी विषय नहीं रही , बल्कि इसे हमारे आसपास की दुनिया से जुड़े एक बुनियादी सार्वभौमिक कौशल के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम व्यापक , समावेशी और एनसीएफ एसई 2023 के अनुरूप होना चाहिए। सचिव ने आगे कहा कि प्रत्येक बच्चे की अलग और विशिष्ट क्षमता हमारी प्राथमिकता है , और नीति निर्माताओं का दायित्व है कि वे शिक्षा की न्यूनतम मानक सीमाएँ तय करें और समय-समय पर बदलती जरूरतों के अनुसार उनका पुनर्मूल्य...