Skip to main content

अंधविश्वास और तर्कशीलता पर हुआ गवेषणा संवाद, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट महिलाओं का सम्मान

सतत् और दक्ष ऊर्जा का प्रतीक: सारनी की यूनिट 10 ने नया मानक स्थापित किया!!

मध्यप्रदेश सारनी पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह (STPS), सारनी की 250 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट नंबर 10 ने एक बार फिर अपने अभियंताओं और तकनीकी कर्मियों के असाधारण समर्पण और कड़ी मेहनत के दम पर 200 दिन तक सतत् और निर्बाध विद्युत उत्पादन कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह उल्लेखनीय उपलब्धि इस वर्ष 5 मार्च 2025 से शुरू हुई विद्युत उत्पादन श्रृंखला के अंतर्गत हासिल की गई है।

12 वर्षों में यूनिट ने रचे नए कीर्तिमान

यूनिट नंबर 10 की कमीशनिंग 18 अगस्त 2013 को हुई थी। इसके बाद से यह यूनिट लगातार ऑपरेशन और विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करती आ रही है। पिछले बारह वर्षों में इस यूनिट ने कई रिकॉर्ड स्थापित किए हैं:

·         वित्तीय वर्ष 2022-23 में यूनिट ने 305 दिन तक लगातार विद्युत उत्पादन कर नया रिकॉर्ड बनाया।

·         वित्तीय वर्ष 2023-24 में इस यूनिट ने क्रमश: 170 दिन और 200 दिन तक लगातार उत्पादन करने की उपलब्धि हासिल की।

इस प्रकार यूनिट नंबर 10 ने न केवल निरंतर उत्पादन के क्षेत्र में, बल्कि ऑपरेशनल दक्षता और प्लांट प्रबंधन के क्षेत्र में भी नए मानक स्थापित किए हैं।

यूनिट का तकनीकी प्रदर्शन: पीएएफ, प्लांट लोड और अन्य आंकड़े

यूनिट नंबर 10 द्वारा 200 दिन तक निरंतर उत्पादन के दौरान प्राप्त तकनीकी आंकड़े भी उल्लेखनीय हैं:

·         प्लांट अवेलेबिलिटी फेक्टर (PAF): 98.34%

यह दर्शाता है कि यूनिट लगभग पूरी अवधि के लिए संचालन में उपलब्ध रही और तकनीकी या अन्य कारणों से बंद होने की दर न्यूनतम रही।

·         प्लांट लोड फेक्टर (PLF): 84.23%

यह यूनिट की उत्पादन क्षमता के वास्तविक उपयोग को दर्शाता है। 84.23% का PLF यह संकेत देता है कि यूनिट ने अपने अधिकतम उत्पादन स्तर का अच्छा प्रतिशत हासिल किया।

·         ऑक्ज़िलरी कंजम्पशन (Auxiliary Consumption): 8.94%

यह यूनिट द्वारा अपनी प्रक्रिया में उपयोग होने वाली ऊर्जा का प्रतिशत दर्शाता है। कम ऑक्ज़िलरी कंजम्पशन उच्च दक्षता का संकेत है।

इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि यूनिट नंबर 10 ने केवल समय पर उत्पादन ही नहीं किया, बल्कि ऊर्जा उत्पादन की गुणवत्ता और दक्षता में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

अभियंताओं और तकनीकी कर्मियों का समर्पण

यूनिट नंबर 10 की सफलता के पीछे अभियंताओं और तकनीकी कर्मियों का अथक परिश्रम मुख्य कारण है। विद्युत उत्पादन में लगातार संचालन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि इसमें संचालन, रखरखाव, तकनीकी निगरानी और सुरक्षा की उच्च स्तर की आवश्यकता होती है।

MPPGCL के अधिकारियों ने बताया कि यूनिट के कर्मचारियों ने अपने अनुभव और विशेषज्ञता के साथ हर छोटे-बड़े तकनीकी मुद्दे का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया। इसके अलावा, नियमित निरीक्षण और मॉनिटरिंग के माध्यम से यूनिट का प्रदर्शन उच्च स्तर पर बनाए रखा गया।

मध्यप्रदेश में ऊर्जा सुरक्षा और सतत् उत्पादन का संदेश

सतत् और निर्बाध विद्युत उत्पादन केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह राज्य में ऊर्जा सुरक्षा और विकास के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। विद्युत आपूर्ति में निरंतरता सुनिश्चित होने से औद्योगिक उत्पादन, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति, तथा विकास परियोजनाओं में स्थिरता बनी रहती है।

ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस उपलब्धि पर यूनिट नंबर 10 के अभियंताओं और तकनीकी कर्मियों को बधाई दी और उनके समर्पण की सराहना की।

सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी की यूनिट नंबर 10 की यह उपलब्धि न केवल MPPGCL के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह पूरे मध्यप्रदेश में सतत् और दक्ष ऊर्जा उत्पादन का उदाहरण पेश करती है। 200 दिन तक निर्बाध विद्युत उत्पादन और 98.34% PAF जैसे आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि अनुशासन, तकनीकी दक्षता और टीमवर्क के माध्यम से विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को छुआ जा सकता है।

The News Grit, 23/09/2025

Comments

Popular posts from this blog

प्रोजेक्ट आरोहण: NHAI की नई योजना, लेकिन किसके लिए?

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ( NHAI) ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल करते हुए टोल प्लाज़ा कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा और करियर निर्माण के लिए ‘प्रोजेक्ट आरोहण’ की शुरुआत की है। इस योजना का शुभारंभ एनएचएआई के अध्यक्ष श्री संतोष कुमार यादव ने नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में किया। इस अवसर पर वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के कार्यकारी निदेशक एवं संयुक्त सीईओ डॉ. जफर खान और एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। शिक्षा तक समान पहुँच देने का प्रयास एनएचएआई ने वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के साथ मिलकर यह योजना शुरू की है , जिसका मकसद टोल प्लाज़ा कर्मचारियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इस पहल का उद्देश्य वित्तीय बाधाओं को दूर करना , सामाजिक-आर्थिक भेदों को कम करना और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों , जिनमें निम्न-आय वाले परिवारों की लड़कियाँ , पहली पीढ़ी के शिक्षार्थी तथा अनुसूचित जाति , अनुसूचित जनजाति , अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र शामिल हैं , के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुँच प्रदान करना है। एनएचएआई का मानना है कि शिक्षा ही वह साध...

अमेरिका ने भारतीय आयात पर 50% टैरिफ लगाया, लाखों नौकरियों पर संकट!!

अमेरिका ने बुधवार से भारत से आने वाले अधिकांश आयातित उत्पादों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लागू कर दिया है। यह कदम अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा ( CBP) द्वारा जारी नोटिस के बाद प्रभावी हुआ , जिसमें कहा गया था कि यह आदेश राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 6 अगस्त 2025 के कार्यकारी आदेश 14329 के तहत लागू किया जा रहा है। इस आदेश का शीर्षक था – “रूसी संघ की सरकार द्वारा संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए खतरों को संबोधित करना।” किन उत्पादों पर लागू और किन्हें छूट सीबीपी के अनुसार , यह शुल्क उन सभी भारतीय वस्तुओं पर लागू होगा जो अमेरिका में उपभोग के लिए आयातित की जाती हैं। हालांकि , लोहा , इस्पात , एल्युमीनियम , वाहन , तांबा और इनके कुछ व्युत्पन्न उत्पादों को इस अतिरिक्त ड्यूटी से बाहर रखा गया है। वहीं , अमेरिकी बाजार में भारत के करीब 30.2% निर्यात (लगभग 27.6 अरब डॉलर) को शुल्क मुक्त प्रवेश मिलता रहेगा। इसमें फार्मा ( 12.7 अरब डॉलर) , इलेक्ट्रॉनिक्स ( 8.18 अरब डॉलर) , रिफाइंड लाइट ऑयल और एविएशन टरबाइन फ्यूल ( 3.29 अरब डॉलर) , पुस्तकें और ब्रोशर ( 165.9 मिलियन डॉलर) तथा प्लास्टिक ( 155.1 मिलियन...

भोपाल बनेगा देश का स्पोर्ट्स साइंस और हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग हब!!

खेल के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल करने और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण देने की दिशा में मध्यप्रदेश एक बड़ा कदम उठा रहा है। खेल विभाग द्वारा नाथु बरखेड़ा स्थित स्पोर्ट्स सिटी में लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक स्पोर्ट्स साइंस एवं हाई-परफॉर्मेंस सेंटर स्थापित किया जा रहा है। यह सेंटर उन सभी आधुनिक वैज्ञानिक और तकनीकी सुविधाओं से लैस होगा , जिनकी आज के समय में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को निखारने और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में जरूरत होती है। इसमें खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता , मानसिक दृढ़ता , चोटों से बचाव , और कुल प्रदर्शन सुधार पर व्यापक रूप से काम किया जाएगा। क्यों जरूरी है स्पोर्ट्स साइंस सेंटर ? आज का खेल जगत बेहद तेज और चुनौतीपूर्ण हो गया है। सिर्फ प्रतिभा या अच्छी कोचिंग अब पर्याप्त नहीं है। विशेषज्ञ बताते हैं कि कई खिलाड़ी , चाहे वे कितने ही प्रतिभाशाली हों , मनोवैज्ञानिक दबाव , तकनीकी कमी या चोटों की वजह से अपने लक्ष्य तक नहीं पहुँच पाते। अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा में सफलता के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तकन...