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अंधविश्वास और तर्कशीलता पर हुआ गवेषणा संवाद, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट महिलाओं का सम्मान

इलेक्ट्रिक वाहनों में आई नई चाल, जानिए क्यों है यह प्रोजेक्ट खास!!

भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को नई दिशा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) ने देश के पहले 240 वोल्ट इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल प्लेटफॉर्म के विकास और व्यावसायीकरण को समर्थन दिया है। यह परियोजना चेन्नई स्थित रैप्टी एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित की जा रही है।

पहली बार इलेक्ट्रिक दोपहिया में हाई-वोल्टेज तकनीक

यह नवीन तकनीक, जो अब तक मुख्यतः इलेक्ट्रिक कारों में उपयोग हो रही थी, को इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों में पहली बार लागू किया गया है। 240 वोल्ट डीसी आर्किटेक्चर पर आधारित यह मोटरसाइकिल तेज़ चार्जिंग क्षमता, बेहतर पावर और दक्षता प्रदान करती है। इसे भारत के बढ़ते सार्वजनिक चार्जिंग नेटवर्क के साथ सहज रूप से जुड़ने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

साथ ही, इस हाई-वोल्टेज प्रणाली के पूरक के रूप में एक विशेष बैटरी पैक विकसित किया गया है, जिसे ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) द्वारा प्रमाणित किया गया है।

6 साल की रिसर्च का नतीजा

इस परियोजना के तहत हाई-वोल्टेज सिस्टम को सपोर्ट करने के लिए एक उन्नत बैटरी पैक भी तैयार किया गया है, जिसे ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) से प्रमाणन प्राप्त हुआ है। कंपनी की वह अनुसंधान इकाई, जिसे वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग (DSIR) की मान्यता प्राप्त है, ने इस तकनीक पर छह वर्षों से अधिक समय तक लगातार कार्य किया। इस अवधि में इलेक्ट्रॉनिक और मैकेनिकल सिस्टम्स के डिजाइन से लेकर एम्बेडेड सॉफ़्टवेयर के विकास और परीक्षण तक हर स्तर पर गहन प्रयास किए गए। इन वर्षों की मेहनत और परीक्षण प्रक्रियाओं ने यह सुनिश्चित किया कि विकसित तकनीक पूरी तरह स्वदेशी हो, साथ ही गुणवत्ता और विश्वसनीयता के अंतरराष्ट्रीय मानकों पर भी खरी उतरे।

स्मार्ट और पर्यावरण-अनुकूल टेक्नोलॉजी

यह हाई-वोल्टेज मोटरसाइकिल केवल शक्तिशाली बैटरी प्रणाली तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई उन्नत स्मार्ट सुविधाएँ भी शामिल की गई हैं। इनमें रिमोट डायग्नोस्टिक्स की क्षमता है, जिससे वाहन में किसी भी तरह की तकनीकी खराबी का पता दूर से लगाया जा सकता है। इसके साथ ही, स्मार्ट कनेक्टिविटी और नियमित सॉफ़्टवेयर अपडेट इसे तकनीकी रूप से हमेशा नवीनतम बनाए रखते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह मोटरसाइकिल शून्य अपशिष्ट तथा बिना बाह्य उत्सर्जन के संवहनीय विनिर्माण पर आधारित है। और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग सिद्धांतों के अनुरूप तैयार की गई है। इस तरह यह परियोजना न केवल पर्यावरण-अनुकूल विकल्प प्रदान करती है, बल्कि भारत की दीर्घकालिक सस्टेनेबल मोबिलिटी रणनीति को भी मजबूती देती है।

प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड के सचिव राजेश कुमार पाठक ने कहा: "इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों में हाई-वोल्टेज तकनीक भारत के विशाल वाहन बाजार में ईवी अपनाने की रफ्तार तेज करेगी। TDB इस परियोजना का समर्थन कर स्थानीय अनुसंधान और विकास को प्रोत्साहन देने के साथ सतत गतिशीलता समाधान को देश में ही विकसित और निर्मित करना सुनिश्चित करता है।"

रैप्टी एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के CEO दिनेश अर्जुन ने कहा: "TDB का सहयोग हमारे दीर्घकालिक अनुसंधान प्रयासों को मान्यता देता है और हमें इस प्लेटफॉर्म को विस्तार देने में मदद करेगा। यह स्वदेशी और भविष्य उन्मुख मोबिलिटी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जो वैश्विक स्तर पर विद्युत चालित वाहन परिवर्तन में भारत की भूमिका को मजबूत करेगा।"

राष्ट्रीय और वैश्विक महत्व

यह परियोजना सीधे तौर पर भारत सरकार की आत्मनिर्भर भारत पहल को मजबूत करती है। साथ ही यह संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDG-11: सतत शहर और समुदाय तथा SDG-13: जलवायु कार्रवाई) में योगदान देती है।

भारत का पहला 240 वोल्ट इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल प्लेटफॉर्म एक महत्वपूर्ण तकनीकी नवाचार है। यह परियोजना देश में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के विकास को प्रोत्साहित करने और भारत को वैश्विक इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने की संभावनाओं को बढ़ाती है।

The News Grit, 18/09/2025

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