Skip to main content

इंदौर में पहली बार टैंडम पैराग्लाइडिंग फेस्टिवल, आसमान में उड़ान का रोमांच!!

केंद्र सरकार ने रिटायर कर्मचारियों की पेंशन और PPO के समय पर भुगतान के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए!!

केंद्रीय कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति पर पेंशन और अन्य पेंशनरी देयकों (Retirement Dues) में होने वाली देरी को रोकने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के अधीन पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) ने एक व्यापक गाइडलाइन जारी की है, जिसके तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर रिटायर होने वाले कर्मचारी को समय पर पेंशन मिले और Pension Payment Order (PPO/e-PPO) उसकी सेवानिवृत्ति तिथि से कम से कम दो माह पहले जारी हो।

क्यों ज़रूरी थीं नई गाइडलाइन?

कई बार देखा गया है कि सेवा पुस्तिका (Service Book) का सत्यापन समय पर पूरा नहीं होता, दस्तावेज़ अधूरे रहते हैं या विजिलेंस क्लियरेंस में देरी हो जाती है। नतीजा यह होता है कि रिटायर कर्मचारी को महीनों तक पेंशन के लिए इंतजार करना पड़ता है। सरकार का मानना है कि अब डिजिटल सिस्टम और स्पष्ट जिम्मेदारी तय करके इस समस्या का समाधान करना जरूरी है।

गाइडलाइन के मुख्य बिंदु

PPO/e-PPO समय पर जारी करना

·         CCS (Pension) Rules, 2021 की धारा 63(1)(a) के मुताबिक PPO/e-PPO सेवानिवृत्ति से 2 महीने पहले जारी होना अनिवार्य है।

·         अब हर मंत्रालय/विभाग को यह नियम कड़ाई से लागू करना होगा।

सेवा रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण

·         सभी मंत्रालय/विभागों को e-HRMS (Human Resource Management System) अपनाना होगा।

·         गृह मंत्रालय (CAPFs) को Employee Payroll System (EPS) और डिजिटल सर्विस बुक को पूर्ण रूप से लागू करना होगा।

पेंशन मित्र / वेलफेयर ऑफिसर

·         रेलवे की तर्ज पर अब हर मंत्रालय/विभाग में “पेंशन मित्र” नियुक्त किए जाएंगे।

·         यह अधिकारी रिटायर हो रहे कर्मचारी को फॉर्म भरने, दस्तावेज़ तैयार करने और परिवार पेंशन के मामलों में सहयोग करेंगे।

·         इसके लिए अलग से विस्तृत सर्कुलर भी जारी किया जाएगा।

विजिलेंस क्लियरेंस (VC)

·         केवल VC न मिलने के कारण पेंशन में देरी नहीं होगी।

·         यदि विभागीय/न्यायिक कार्यवाही लंबित है, तो कर्मचारी को प्रोविजनल पेंशन मिलेगी और ग्रेच्युटी अंतिम आदेश तक रोकी जाएगी।

निगरानी और उच्च स्तरीय समिति (HLOC)

·         DoPPW की ओर से एक High Level Oversight Committee (HLOC) बनाई जाएगी, जिसकी अध्यक्षता सचिव (पेंशन) करेंगे।

·         इसमें Controller General of Accounts, DG (CGHS), DG (NIC), Pr. CCA (MHA/Finance) आदि शामिल होंगे।

·         समिति हर दो माह में बैठक करेगी, लंबित मामलों की समीक्षा करेगी और सुधारात्मक सुझाव देगी।

मंत्रालयों/विभागों में नोडल अधिकारी

·         हर मंत्रालय में नोडल अधिकारी (Joint Secretary/Director स्तर) नियुक्त होंगे।

·         यह अधिकारी Bhavishya Portal पर कर्मचारियों की पेंशन प्रक्रिया मॉनिटर करेंगे।

·         वे सुनिश्चित करेंगे कि सेवा सत्यापन (Service Verification) समय पर हो और हर साल 31 जनवरी तक इसकी रिपोर्ट मंत्रालय के सचिव को भेजी जाए।

"भविष्य" पोर्टल

·         1 जनवरी 2017 से ही अनिवार्य किया गया था।

·         अब तक 99 मंत्रालय/विभाग, 1036 कार्यालय और 9536 DDO इस पर जुड़ चुके हैं।

·         करीब 2.94 लाख PPO इस पोर्टल से जारी किए जा चुके हैं।

·         अब इसका और अपग्रेडेड वर्जन इस्तेमाल होगा और मैनुअल प्रोसेसिंग धीरे-धीरे बंद होगी।

समयसीमा

सेवानिवृत्ति पर समय पर पेंशन सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने पूरी प्रक्रिया की स्पष्ट समयसीमा तय की है। इसके अनुसार, रिटायर होने वाले कर्मचारियों की सूची उनकी सेवा समाप्ति से 12 से 15 माह पहले तैयार की जाएगी। इसके बाद, सेवानिवृत्ति से 8 माह पहले तक सेवा रिकॉर्ड का पूर्ण सत्यापन कर लिया जाएगा। निर्धारित प्रक्रिया के तहत 6 माह पहले कर्मचारी से आवश्यक फॉर्म-6A भरवाया जाएगा, ताकि सभी औपचारिकताएँ समय रहते पूरी हो सकें। सेवानिवृत्ति से ठीक 2 माह पहले संबंधित कर्मचारी का PPO/e-PPO जारी कर दिया जाएगा। अंत में, सेवानिवृत्ति की तारीख तक PPO कर्मचारी को सौंप दिया जाएगा और उसी दिन से पेंशन राशि उनके बैंक खाते में जमा होनी शुरू हो जाएगी।

सरकार की यह पहल पेंशन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। अब हर कर्मचारी को यह भरोसा मिलेगा कि सेवानिवृत्ति के दिन से ही उसकी पेंशन शुरू हो जाएगी और उसे महीनों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

The News Grit, 01/10/2025

Comments

Popular posts from this blog

प्रोजेक्ट आरोहण: NHAI की नई योजना, लेकिन किसके लिए?

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ( NHAI) ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल करते हुए टोल प्लाज़ा कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा और करियर निर्माण के लिए ‘प्रोजेक्ट आरोहण’ की शुरुआत की है। इस योजना का शुभारंभ एनएचएआई के अध्यक्ष श्री संतोष कुमार यादव ने नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में किया। इस अवसर पर वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के कार्यकारी निदेशक एवं संयुक्त सीईओ डॉ. जफर खान और एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। शिक्षा तक समान पहुँच देने का प्रयास एनएचएआई ने वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के साथ मिलकर यह योजना शुरू की है , जिसका मकसद टोल प्लाज़ा कर्मचारियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इस पहल का उद्देश्य वित्तीय बाधाओं को दूर करना , सामाजिक-आर्थिक भेदों को कम करना और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों , जिनमें निम्न-आय वाले परिवारों की लड़कियाँ , पहली पीढ़ी के शिक्षार्थी तथा अनुसूचित जाति , अनुसूचित जनजाति , अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र शामिल हैं , के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुँच प्रदान करना है। एनएचएआई का मानना है कि शिक्षा ही वह साध...

बढ़ते एशिया को रोकने में कोरियाई उपमहाद्वीप की उथल पुथल के भरोसे अमरीकी थिंकटैंक!!

आधुनिक वित्तीय और आर्थिक प्रणाली औपनिवेशिक यूरोप और नवऔपनिवेशिक अमरीकी आधिपत्य की देन है। किंतु 21 वीं सदी आते-आते एशिया की नई उभरती अर्थव्यवस्थाओं चीन , भारत , जापान , कोरिया , वियतनाम , इंडोनेशिया आदि ने यह साबित कर दिया कि यह सदी एशिया की है। यही कारण है कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एशिया में बढ़ते प्रभाव और असंतुलन को देखते हुए लगातार तनावपूर्ण बयानबाज़ी कर रहे हैं। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग से उनकी हालिया मुलाक़ात इसी पृष्ठभूमि में बेहद महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है। शांति की पहल और ट्रम्प टॉवर का सपना व्हाइट हाउस में हुई मुलाक़ात के दौरान दोनों नेताओं ने उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन से संवाद स्थापित करने की इच्छा जताई। ली ने कहा कि यदि विभाजित कोरिया में शांति स्थापित हो जाती है तो यह ऐतिहासिक होगा। उन्होंने व्यंग्य और संकेत दोनों में जोड़ा कि “आप (ट्रम्प) उत्तर कोरिया में ट्रम्प टॉवर बना सकते हैं , जहाँ मैं आकर गोल्फ़ खेलूँगा।” ट्रम्प ने भी पुरानी मित्रता याद दिलाई और कहा कि वे किम जोंग उन से पहले ही तीन बार मिल चुके हैं और भविष्य में दोबारा मिलन...

भोपाल बनेगा देश का स्पोर्ट्स साइंस और हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग हब!!

खेल के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल करने और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण देने की दिशा में मध्यप्रदेश एक बड़ा कदम उठा रहा है। खेल विभाग द्वारा नाथु बरखेड़ा स्थित स्पोर्ट्स सिटी में लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक स्पोर्ट्स साइंस एवं हाई-परफॉर्मेंस सेंटर स्थापित किया जा रहा है। यह सेंटर उन सभी आधुनिक वैज्ञानिक और तकनीकी सुविधाओं से लैस होगा , जिनकी आज के समय में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को निखारने और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में जरूरत होती है। इसमें खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता , मानसिक दृढ़ता , चोटों से बचाव , और कुल प्रदर्शन सुधार पर व्यापक रूप से काम किया जाएगा। क्यों जरूरी है स्पोर्ट्स साइंस सेंटर ? आज का खेल जगत बेहद तेज और चुनौतीपूर्ण हो गया है। सिर्फ प्रतिभा या अच्छी कोचिंग अब पर्याप्त नहीं है। विशेषज्ञ बताते हैं कि कई खिलाड़ी , चाहे वे कितने ही प्रतिभाशाली हों , मनोवैज्ञानिक दबाव , तकनीकी कमी या चोटों की वजह से अपने लक्ष्य तक नहीं पहुँच पाते। अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा में सफलता के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तकन...