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अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़, ₹40 करोड़ से अधिक का सोना जब्त!!

समुद्री मिशनों के लिए डीआरडीओ की नई तकनीक तैयार!!

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने बारूदी सुरंग निरोधक अभियानों की क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। डीआरडीओ की नौसेना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला ( NSTL), विशाखापत्तनम ने मानव-पोर्टेबल ऑटोनोमस अंडरवॉटर व्हीकल्स ( MP-AUV) की नई पीढ़ी का सफलतापूर्वक विकास किया है। यह अत्याधुनिक तकनीक भारतीय नौसेना को समुद्र में बारूदी सुरंगों की पहचान , वर्गीकरण और उन्हें निष्क्रिय करने में तेज , सुरक्षित और अधिक प्रभावी विकल्प प्रदान करेगी। अत्याधुनिक सेंसर और एआई-आधारित पहचान प्रणाली नई पीढ़ी के MP-AUV कई प्रमुख तकनीकी फीचर्स से लैस हैं। इनमें साइड-स्कैन सोनार और अंडरवॉटर कैमरे शामिल हैं , जो वास्तविक समय में बारूदी सुरंग जैसी संदिग्ध वस्तुओं का पता लगाने और वर्गीकृत करने में सक्षम हैं। ऑनबोर्ड डीप-लर्निंग आधारित टारगेट रिकॉग्निशन एल्गोरिदम इन वाहनों को स्वतः वर्गीकरण की क्षमता प्रदान करता है। इससे ऑपरेटर का कार्यभार काफी कम होता है और मिशन का समय भी घट जाता है। बेहतर संचार और स्थितिजन्य जागरूकता एयूवी के बीच संचालन के दौरान सूचना के आदान-प्रदान को सुगम बना...

ऑपरेशन ‘प्रहार’ की बड़ी सफलता: खरगोन में 3200 गांजा पौधे जब्त!!

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खरगोन जिले में एक बड़ी सफलता दर्ज की गई है। जिले के दुर्गम पहाड़ी और “नो नेटवर्क जोन” वाले क्षेत्रों में की जा रही अवैध गांजा खेती का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान में पुलिस ने कुल 3200 गांजे के पौधे जब्त किए , जिनका कुल वजन 35.51 क्विंटल (3,551 किलो 240 ग्राम) है। इस जब्ती की estimated कीमत लगभग 1 करोड़ 77 लाख 56 हजार 200 रुपये आंकी गई है। बरामद पौधों की ऊँचाई औसतन 5 से 7 फीट के बीच पाई गई , जिससे यह स्पष्ट होता है कि खेती लंबे समय से की जा रही थी और इसकी तैयारी भी संगठित रूप से की गई थी। पुलिस टीम को इस पूरी कार्रवाई के दौरान दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। पौधों को उखाड़ने , एकत्रित करने और सुरक्षित स्थान तक लाने में टीम को कई घंटों तक लगातार मेहनत करनी पड़ी। यह कार्रवाई केवल जब्ती तक सीमित नहीं रही , बल्कि इसने यह भी उजागर किया कि इस क्षेत्र में लंबे समय से संगठित रूप से अवैध खेती की जा रही थी , जिसे छिपाने के लिए दुर्...

बिजली चोरी और अनियमितताओं के मामलों में समझौते का अवसर!!

न्यायिक प्रक्रिया को तेज और जनहितैषी बनाने के उद्देश्य से नेशनल लोक अदालत का आयोजन  13 दिसंबर 2025 को किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में आयोजित होने वाली इस लोक अदालत में विशेष रूप से बिजली चोरी और विद्युत अनियमितताओं से जुड़े प्रकरणों का निपटारा समझौते के माध्यम से किया जाएगा। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के अंतर्गत दर्ज मामलों में अनावश्यक कानूनी कार्यवाही से बचने के लिए इस लोक अदालत का लाभ अवश्य उठाएँ। उन्होंने कहा कि जो उपभोक्ता या उपयोगकर्ता अपने लंबित बिजली चोरी के मामलों में समझौता करना चाहते हैं , वे शीघ्र ही अपने संबंधित बिजली कार्यालयों से संपर्क करें। बिजली चोरी मामलों में समझौते की विशेष व्यवस्था राज्य की विद्युत वितरण कंपनियों ने निर्णय लिया है कि विद्युत अधिनियम की धारा 135 के अंतर्गत दर्ज लंबित और विचाराधीन मामलों का निपटारा इस लोक अदालत में किया जाएगा। इस पहल के तहत निम्नदाब श्रेणी के उपभोक्ताओं को विशेष राहत दी जाएगी , जिनमें शामिल हैं - ·         ...

डिजिटल धोखाधड़ी पर सख्त कार्रवाई - इंदौर से बड़ा अपडेट!!

आधुनिक दौर में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों के बीच , इंदौर पुलिस ने ठगी और आर्थिक अपराधों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। पुलिस की तत्पर कार्रवाई का असर अब साफ दिखाई दे रहा है। वर्ष 2025 में क्राइम ब्रांच इंदौर की साइबर फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन टीम ने उल्लेखनीय सफलता हासिल करते हुए ऑनलाइन ठगी के शिकार नागरिकों को ₹ 12 करोड़ 61 लाख 18 हजार 340 रुपये की राशि वापस दिलाई है। इंदौर कमिश्नरेट क्षेत्र में ऑनलाइन ठगी और आर्थिक अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर संतोष कुमार सिंह ने विशेष निर्देश जारी किए थे। उनके मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच इंदौर की टीम को साइबर अपराधों की शिकायतों पर फौरन और प्रभावी कार्रवाई के लिए तैनात किया गया। इसका नतीजा यह हुआ कि सालभर में हजारों लोगों को राहत मिली और अपराधियों के नेटवर्क पर लगातार शिकंजा कसा गया। प्रमुख ऑनलाइन ठगी के तरीके क्राइम ब्रांच की रिपोर्ट के अनुसार , शहर में जिन प्रमुख प्रकार के ऑनलाइन फ्रॉड सामने आए , वे इस प्रकार हैं: ·          इन्वेस्टमेंट फ्रॉड - टास्क , ट्रेडिंग या उच्च रिटर्न का झ...

एशियाई चैंपियनशिप में अनुज्ञा शर्मा ने दिलाया देश को कांस्य पदक!

जापान के टोक्यो शहर में 2 से 5 नवंबर 2025 तक आयोजित एशियाई कूडो चैंपियनशिप में मध्यप्रदेश की प्रतिभावान खिलाड़ी अनुज्ञा शर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए कांस्य पदक जीता। इस उपलब्धि के साथ अनुज्ञा ने न केवल प्रदेश , बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया। 220 कैटेगरी में प्रतियोगिता के दौरान अनुज्ञा ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए जापान की खिलाड़ी को परास्त किया और अपने संघर्ष , आत्मविश्वास व समर्पण से यह ऐतिहासिक पदक हासिल किया। उनकी इस सफलता पर मध्यप्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने अनुज्ञा शर्मा को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। मंत्री सारंग ने कहा कि “अनुज्ञा ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का तिरंगा ऊँचा किया है , उनकी यह सफलता प्रदेश की सभी बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है।” सिलेक्शन ट्रायल से लेकर एशिया तक का सफर अनुज्ञा शर्मा का चयन 2 और 3 अगस्त 2025 को सूरत (गुजरात) स्थित एथलेटिका जिम में आयोजित कूडो एशियाई चैंपियनशिप सिलेक्शन ट्रायल के माध्यम से हुआ था। देश के विभिन्न राज्यों से आईं सैकड़ों प्रतिभाओं के बीच अनुज्ञा ने दमदार प्रदर्शन करते हुए ट्र...

भारतीय नौसेना में शामिल होगा ‘इक्षक’: स्वदेशी हाइड्रोग्राफिक उत्कृष्टता का नया अध्याय!!

भारतीय नौसेना अपनी जल सर्वेक्षण क्षमताओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाने जा रही है। 6 नवंबर , 2025 को कोच्चि के नौसेना बेस में एक भव्य समारोह के दौरान भारतीय नौसेना ‘एसवीएल इक्षक’ को औपचारिक रूप से अपनी सेवा में शामिल करेगी। यह समारोह भारतीय नौसेना के लिए ऐतिहासिक क्षण होगा , जिसमें नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे और पोत को कमीशन करेंगे।  ‘ इक्षक’: स्वदेशी तकनीकी क्षमता का परिचायक इक्षक , सर्वेक्षण पोत (वृहद) [एस.वी.एल.] श्रेणी का तीसरा पोत है और यह दक्षिणी नौसेना कमान में शामिल होने वाला पहला जहाज होगा। इस पोत का निर्माण कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स ( GRSE) लिमिटेड ने किया है। यह पोत भारत की स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता , तकनीकी आत्मनिर्भरता और "आत्मनिर्भर भारत" अभियान की सफलता का शानदार उदाहरण है। इक्षक के निर्माण में 80% से अधिक स्वदेशी उपकरणों और सामग्रियों का उपयोग किया गया है। यह न केवल भारत की बढ़ती नौसैनिक तकनीकी दक्षता को प्रदर्शित करता है , बल्कि GRSE और देश के MSME क्षेत्र के बीच सशक्त होते औद्यो...

क्रांति गौड़: जिसने गेंद उठाने से लेकर वर्ल्ड कप जीत तक का सफर तय किया!!

बुंदेलखंड की धूल से निकली एक साधारण लड़की आज पूरे देश का गर्व बन गई है। छतरपुर जिले के छोटे से गाँव घुवारा की क्रांति गौड़ ने वह कर दिखाया , जो कभी किसी ने सोचा भी नहीं था। जो कभी स्थानीय टूर्नामेंटों में “बॉल गर्ल” बनकर गेंद उठाया करती थी , आज वही लड़की भारतीय क्रिकेट टीम की प्रमुख गेंदबाज बनकर आईसीसी महिला वर्ल्ड कप 2025 में भारत को 47 साल बाद विश्व विजेता बनाने में अहम भूमिका निभा चुकी है। गाँव की मिट्टी में पली , पर सपने आसमान के क्रांति गौड़ का बचपन घुवारा गाँव में बीता। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी , पिता पुलिसकर्मी थे , लेकिन 2012 में नौकरी छूट जाने के बाद घर की हालत और खराब हो गई। आठवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी , पर क्रांति ने सपनों को नहीं छोड़ा। गाँव में जब भी टेनिस बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट होते , तो वह गेंद उठाने जाती , और उसी मैदान में उसने अपना भविष्य देख लिया। संघर्ष से शुरू हुआ क्रिकेट का सफर वर्ष 2017 में क्रांति ने साईं क्रिकेट एकेडमी , छतरपुर में प्रवेश लिया। कोच राजीव बिल्थारे ने उसकी प्रतिभा पहचान ली। उन्होंने न सिर्फ क्रांति की फीस माफ की , बल्कि ...

समर्पण और साधना से मिली सफलता, आस्था ने विश्व मंच पर बिखेरी भारतीय संस्कृति की चमक!!

सागर की युवा कथक नृत्यांगना आस्था गुप्ता ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी कला का परचम लहराया है। उन्होंने थाईलैंड के पटाया शहर में आयोजित 15 वें कल्चरल ओलंपियाड ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट ( 25 से 29 अक्टूबर 2025) में युवावर्ग की शास्त्रीय श्रेणी में द्वितीय स्थान प्राप्त कर भारत , मध्यप्रदेश और सागर का नाम रोशन किया। यह प्रतिष्ठित आयोजन एबीएसएस ग्लोबल काउंसिल ऑफ आर्ट एंड कल्चर द्वारा यूनेस्को की सांस्कृतिक शाखा के सहयोग से किया गया था , जिसमें भारत सहित कई देशों के कलाकारों ने हिस्सा लिया। आस्था ने अपनी मनमोहक कथक प्रस्तुति से निर्णायकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और भारतीय संस्कृति की गरिमा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित किया। पुणे से पटाया तक का सफर आस्था का यह गौरवशाली सफर पुणे से शुरू हुआ। उन्होंने अखिल भारतीय सांस्कृतिक संघ , पुणे द्वारा आयोजित 21 वें कल्चरल फोरम ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। यह प्रतियोगिता 21 मई से 1 जून 2025 तक जवाहरलाल नेहरू ऑडिटोरियम , पुणे में हुई थी , जिसमें आस्था ने 31 मई को कथक प्रस्तुति देकर चौथा स्थान प्राप्त किया था। इसी उपलब्धि के आधार प...

एआई अब बनेगा स्कूली शिक्षा का हिस्सा, 2026-27 से कक्षा 3 से होगी शुरुआत!!

शिक्षा मंत्रालय स्कूली शिक्षा को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ढ़ालने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रहा है। मंत्रालय के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने घोषणा की है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से देश के सभी स्कूलों में कक्षा 3 और उससे आगे के विद्यार्थियों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता ( Artificial Intelligence - AI) और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग पर आधारित नया पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति ( NEP) 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2023 के अनुरूप है। शिक्षा में एआई का समावेश परामर्श बैठक में डीओएसईएल के सचिव संजय कुमार ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता अब केवल एक तकनीकी विषय नहीं रही , बल्कि इसे हमारे आसपास की दुनिया से जुड़े एक बुनियादी सार्वभौमिक कौशल के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम व्यापक , समावेशी और एनसीएफ एसई 2023 के अनुरूप होना चाहिए। सचिव ने आगे कहा कि प्रत्येक बच्चे की अलग और विशिष्ट क्षमता हमारी प्राथमिकता है , और नीति निर्माताओं का दायित्व है कि वे शिक्षा की न्यूनतम मानक सीमाएँ तय करें और समय-समय पर बदलती जरूरतों के अनुसार उनका पुनर्मूल्य...

देशभर में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर चलाया जा रहा है सर्वे!!

सुप्रीम कोर्ट की गंभीर चिंता के बाद गठित राष्ट्रीय टास्क फोर्स ( NTF) की अध्यक्षता न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) एस. रवीन्द्र भट कर रहे हैं। देश में छात्रों के बीच बढ़ती आत्महत्या की घटनाओं को लेकर सर्वोच्च न्यायालय ने गहरी चिंता व्यक्त की थी। इसी क्रम में , अदालत ने 24 मार्च 2025 को इस टास्क फोर्स का गठन किया , जो अब पूरे देश में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। इस टास्क फोर्स में शिक्षा , मानसिक स्वास्थ्य , मानवाधिकार और छात्र कल्याण के क्षेत्र के प्रमुख विशेषज्ञ शामिल हैं। मुख्य उद्देश्य इस टास्क फोर्स का मुख्य उद्देश्य छात्रों में आत्महत्या के बढ़ते मामलों के कारणों का वैज्ञानिक अध्ययन करना , शैक्षणिक संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के उपाय सुझाना और आत्महत्या रोकथाम के लिए व्यवहारिक नीतियाँ तैयार करना है। इस पहल में रैगिंग , भेदभाव , शैक्षणिक दबाव , सामाजिक-आर्थिक तनाव तथा मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। भारत में उच्च शिक्षा का दायरा और चुनौती वर्तमान में भारत में 60,000 से अधिक उच्च शिक्षा संस्थान हैं , जिनमें लगभग 4.4...