सीमा पार तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने दुबई और बांग्लादेश से संचालित एक अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। डीआरआई ने दिल्ली और अगरतला में तलाशी के दौरान 29 किलोग्राम विदेशी मूल का सोना, जिसकी अनुमानित कीमत ₹40 करोड़ से अधिक है, और ₹2.90 करोड़ नकद जब्त किया। इस मामले में सिंडिकेट से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
विशेष
खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई
डीआरआई को
मिली पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर 6
जनवरी 2026 को इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। कार्रवाई के
दौरान सिंडिकेट के एक प्रमुख सदस्य को दिल्ली स्थित एक घरेलू लॉजिस्टिक्स वेयरहाउस
से उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह अगरतला, त्रिपुरा से आई दो खेपों की डिलीवरी लेने पहुंचा था।
वेयरहाउस
से 15 किलो सोना बरामद
जब इन खेपों
की जांच की गई, तो उनमें से 15 किलोग्राम विदेशी मूल का सोना बरामद हुआ। सोने पर अंतरराष्ट्रीय रिफाइनरी
के निशान पाए गए, जिससे इसके विदेशी होने की पुष्टि हुई।
बरामद सोने की अनुमानित कीमत ₹20.73 करोड़ आंकी गई है।
दिल्ली
और अगरतला में एकसाथ छापेमारी
इसके बाद
डीआरआई ने दिल्ली और अगरतला में कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इस
दौरान अतिरिक्त 14.2 किलोग्राम विदेशी
सोना और ₹2.90 करोड़ नकद जब्त किया गया। जब्त नकदी में
भारतीय और बांग्लादेशी मुद्रा दोनों शामिल हैं, जो इस तस्करी
नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय लिंक को और मजबूत करती है।
कुल
जब्ती और गिरफ्तारी
इस तरह,
सीमा शुल्क अधिनियम के तहत कुल मिलाकर 29.2 किलोग्राम सोना, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹40 करोड़ है, तथा ₹2.90 करोड़ नकद जब्त किया गया है। अब तक इस
अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी सिंडिकेट के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
ऐसे
चल रहा था तस्करी का नेटवर्क
जांच में
खुलासा हुआ है कि यह संगठित सिंडिकेट
·
भारत-बांग्लादेश
सीमा (त्रिपुरा) के जरिए सोने की तस्करी करता था,
·
इसके बाद दुबई और
बांग्लादेश में बैठे हैंडलर्स इसे नियंत्रित करते थे,
·
जबकि अगरतला में
ज्वेलरी दुकानों से जुड़े लोकल ऑपरेटर इसकी सप्लाई चेन संभालते थे।
·
तस्करी किया गया
सोना घरेलू कार्गो और लॉजिस्टिक्स सेवाओं के जरिए दिल्ली भेजा जाता था।
जांच
जारी
फिलहाल इस
पूरे मामले में डीआरआई द्वारा गहन और बहुस्तरीय जांच जारी है। एजेंसी को उम्मीद है
कि जांच के दौरान इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य प्रमुख आरोपियों,
वित्तीय लेनदेन, लॉजिस्टिक्स चैनलों और
हैंडलर्स की पहचान कर उन्हें भी कानून के दायरे में लाया जाएगा।
The News Grit, 08/01/2026


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