एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने वर्ष 2026 के गेहूं कटाई सीजन को ध्यान में रखते हुए फसल अवशेष (पराली) जलाने की समस्या को खत्म करने के लिए व्यापक वैधानिक निर्देश जारी किए हैं। ये निर्देश मुख्य रूप से पंजाब , हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारों को दिए गए हैं , जबकि दिल्ली और राजस्थान से भी सहयोग की अपेक्षा जताई गई है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि कृषि अवशेष जलाने की घटनाएं स्थानीय स्तर के साथ-साथ पूरे एनसीआर क्षेत्र की हवा की गुणवत्ता पर गंभीर असर डालती हैं। इसलिए इस समस्या से निपटने के लिए पहले से योजनाबद्ध , समन्वित और समयबद्ध कार्रवाई जरूरी है। उपग्रह निगरानी से सामने आए आंकड़े आयोग ने बताया कि गेहूं कटाई सीजन के दौरान आग की घटनाओं की निगरानी उपग्रह आधारित प्रणाली से की जाती है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) द्वारा तय मानक प्रोटोकॉल के अनुसार अप्रैल–मई 2025 के सीजन में आग की घटनाएं दर्ज की गईं। आंकड़ों के अनुसार इस अवधि में पंजाब में 10,207,...
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