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रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने गगनयान के लिए ड्रोग पैराशूट का क्वालीफिकेशन लोड परीक्षण सफलतापूर्वक किया!!

भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम को एक महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि मिली है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने गगनयान मिशन के लिए ड्रोग पैराशूट का क्वालीफिकेशन स्तर का लोड परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह परीक्षण अंतरिक्ष मिशन की सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

चंडीगढ़ स्थित टीबीआरएल में हुआ परीक्षण

यह परीक्षण चंडीगढ़ स्थित टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लैबोरेटरी के ‘रेल ट्रैक रॉकेट स्लेड’ केंद्र में किया गया। यह केंद्र एक विशिष्ट गतिशील परीक्षण सुविधा है, जिसका उपयोग उच्च गति वाले एरोडायनामिक और बैलिस्टिक मूल्यांकन के लिए किया जाता है। यहां जटिल परिस्थितियों का कृत्रिम निर्माण कर उपकरणों की मजबूती और प्रदर्शन को परखा जाता है।

कई एजेंसियों की संयुक्त भागीदारी

परीक्षण 18 फरवरी 2026 को विभिन्न संस्थानों की संयुक्त टीमों द्वारा संपन्न किया गया। इसमें भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO), विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र, एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (ADRDE) और टीबीआरएल के विशेषज्ञ शामिल रहे। सभी टीमों ने समन्वित रूप से परीक्षण प्रक्रिया को अंजाम दिया।

अधिकतम उड़ान भार से भी ज्यादा लोड का अनुकरण

डायनमिक परीक्षण के दौरान उन भारों का अनुकरण किया गया जो वास्तविक उड़ान के अधिकतम भार से भी अधिक थे। इस प्रकार के क्वालीफिकेशन लोड टेस्ट का उद्देश्य पैराशूट सिस्टम के डिजाइन में अतिरिक्त सुरक्षा मार्जिन को सत्यापित करना होता है। सफल परिणाम यह दर्शाते हैं कि पैराशूट प्रणाली आपात परिस्थितियों में भी सुरक्षित प्रदर्शन करने में सक्षम है।

रिबन पैराशूट तकनीक में भारत की विशेषज्ञता

यह परीक्षण उच्च शक्ति वाले ‘रिबन पैराशूट’ के डिजाइन और निर्माण में भारत की विशेषज्ञता को सिद्ध करता है। यह उपलब्धि एक बार फिर अंतरिक्ष और रक्षा कार्यक्रमों के लिए उन्नत परीक्षण सुविधाएं, उपकरण और तकनीकी विशेषज्ञता प्रदान करने में टीबीआऱएल के विशाल योगदान को रेखांकित करती है।

रक्षा मंत्री ने दी बधाई

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफलता पर DRDO, ISRO और संबंधित उद्योग साझेदारों को बधाई दी।  उन्होंने कहा कि यह परीक्षण ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में एक और बड़ा कदम है।

डीआरडीओ प्रमुख ने सराहा टीम का प्रयास

रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने भी इस सफल क्वालीफिकेशन स्तरीय लोड परीक्षण से जुड़ी सभी टीमों को बधाई दी है।

गगनयान मिशन के लिए अहम कदम

ड्रोग पैराशूट सिस्टम अंतरिक्ष कैप्सूल की सुरक्षित रिकवरी प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। इस सफल क्वालीफिकेशन परीक्षण से गगनयान मिशन की विश्वसनीयता और सुरक्षा ढांचे को और मजबूती मिली है, जिससे भारत के मानव अंतरिक्ष अभियान की तैयारियों को गति मिलेगी।

The News Grit, 20/02/2026

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