Skip to main content

जनगणना महाअभियान 1 मई से शुरू: तीन चरणों में होगा सर्वे, स्वगणना पोर्टल से नागरिक खुद अपडेट कर सकेंगे जानकारी!!

जनगणना महाअभियान 1 मई से शुरू: तीन चरणों में होगा सर्वे, स्वगणना पोर्टल से नागरिक खुद अपडेट कर सकेंगे जानकारी!!

देशव्यापी जनगणना महाअभियान के तहत आगामी प्रक्रिया को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। Census of India के अंतर्गत प्रस्तावित जनगणना–2027 के लिए जिला स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनगणना का पूरा कार्य पारदर्शिता, सटीकता और निर्धारित दिशानिर्देशों के अक्षरशः पालन के साथ किया जाए। जिला प्रशासन के अनुसार जनगणना का प्रथम चरण 1 मई से शुरू होगा, जिसमें सबसे पहले मकानों की गणना की जाएगी। इसके बाद अन्य दो चरण क्रमवार संचालित होंगे।

कलेक्टर ने दिए पारदर्शिता और सटीक डेटा संग्रह के निर्देश

सागर जिला कलेक्टर संदीप जी. आर. ने जनगणना–2027 के जिला स्तरीय अधिकारियों के प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि सभी अधिकारी और प्रगणक पूरी जिम्मेदारी के साथ डेटा संग्रह करें। उन्होंने कहा कि हर स्तर पर पारदर्शिता बनाए रखना और आधिकारिक निर्देशों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है।

उन्होंने बताया कि इस बार नागरिकों को भी अपनी जानकारी स्वयं दर्ज करने का अवसर दिया जाएगा। स्वगणना पोर्टल के माध्यम से लोग अपनी जनगणना संबंधी जानकारी अपडेट कर सकेंगे, जिसे बाद में प्रगणक द्वारा सत्यापित कर अंतिम रूप से सबमिट किया जाएगा।

तीन चरणों में पूरी होगी जनगणना प्रक्रिया

प्रशासनिक जानकारी के अनुसार जनगणना–2027 का कार्य तीन चरणों में संपन्न होगा। उपलब्ध आधिकारिक विवरण के मुताबिक पहला चरण 1 मई से शुरू होगा, जिसमें मकानों की गणना (मकान सूचीकरण) की जाएगी। आगे के दो चरण भी क्रमवार आयोजित किए जाएंगे, जिनका विस्तृत विवरण प्रशिक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को अलग से प्रदान किया जा रहा है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रगणकों की नियुक्ति समय पर की जाए और उन्हें विस्तृत एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि फील्ड में किसी प्रकार की त्रुटि न हो।

डिजिटल माध्यम से होगा घर-घर सर्वे

प्रशिक्षण के दौरान राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनरों ने बताया कि जनगणना–2027 में डेटा संग्रहण की पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से की जाएगी। इसके लिए स्वगणना (SE) पोर्टल, मोबाइल आधारित HLO ऐप तथा मकान सूचीकरण ब्लॉक क्रिएटर (HLBC) वेब पोर्टल का उपयोग किया जाएगा, जबकि जनगणना प्रबंधन और निगरानी प्रणाली वेब पोर्टल के माध्यम से मॉनिटरिंग की जाएगी। अधिकारियों को बताया गया कि प्रगणक घर-घर जाकर अपने मोबाइल फोन में एप के माध्यम से जानकारी एकत्रित करेंगे। साथ ही स्वगणना पोर्टल के जरिए नागरिक स्वयं भी अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे, जिसे बाद में प्रगणक द्वारा सत्यापित कर सबमिट किया जाएगा। पर्यवेक्षक स्तर पर सुपरवाइजर ऐप और फील्ड निरीक्षण के माध्यम से डेटा की निगरानी और जांच की जाएगी।

अधिकारियों को दी गई कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी

प्रशिक्षण सत्र में अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, चार्ज जनगणना अधिकारी (तहसीलदार) तथा जिला सूचना अधिकारियों को जनगणना–2027 की पूरी कार्यप्रणाली विस्तार से समझाई गई। प्रशिक्षण के दौरान मकान सूचीकरण की प्रक्रिया, हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) की पहचान, लेआउट मैप तैयार करना, मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा संग्रह, डेटा सिंक और सत्यापन, पर्यवेक्षण तथा प्रमाणन प्रक्रिया जैसे प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से बताया गया कि आंकड़ों की सटीकता नीति निर्माण और भविष्य की विकास योजनाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए प्रत्येक प्रविष्टि सावधानीपूर्वक और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दर्ज की जाए।

प्रगणक और पर्यवेक्षक की जिम्मेदारियां तय

प्रशिक्षण के दौरान प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के कर्तव्यों को भी विस्तार से स्पष्ट किया गया। अधिकारियों को बताया गया कि प्रगणक निर्धारित प्रशिक्षण प्राप्त करें, मोबाइल ऐप का सही उपयोग करें, घर-घर सर्वे के माध्यम से जानकारी एकत्रित करें, पूर्ण कवरेज सुनिश्चित करें तथा स्वगणना पोर्टल से प्राप्त प्रविष्टियों का सत्यापन कर अंतिम रूप से दर्ज करें। वहीं पर्यवेक्षकों की जिम्मेदारी प्रगणकों के कार्य की नियमित निगरानी करना, सुपरवाइजर ऐप के माध्यम से डेटा की जांच करना, फील्ड निरीक्षण करना तथा कार्य के दौरान आने वाली समस्याओं का समय पर समाधान उपलब्ध कराना है।

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए अलग प्रशिक्षण

जिला स्तरीय टीमों का चरणबद्ध प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकारियों का प्रशिक्षण 17–18 फरवरी को तथा शहरी क्षेत्र के अधिकारियों का प्रशिक्षण 19–20 फरवरी को रखा गया। प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी तकनीकी तथा प्रक्रियात्मक रूप से पूरी तरह तैयार हों, ताकि जनगणना–2027 का महाअभियान व्यवस्थित, भरोसेमंद और त्रुटिरहित तरीके से संपन्न हो सके।

The News Grit, 19/02/2026

Comments

Popular posts from this blog

प्रोजेक्ट आरोहण: NHAI की नई योजना, लेकिन किसके लिए?

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ( NHAI) ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल करते हुए टोल प्लाज़ा कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा और करियर निर्माण के लिए ‘प्रोजेक्ट आरोहण’ की शुरुआत की है। इस योजना का शुभारंभ एनएचएआई के अध्यक्ष श्री संतोष कुमार यादव ने नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में किया। इस अवसर पर वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के कार्यकारी निदेशक एवं संयुक्त सीईओ डॉ. जफर खान और एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। शिक्षा तक समान पहुँच देने का प्रयास एनएचएआई ने वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के साथ मिलकर यह योजना शुरू की है , जिसका मकसद टोल प्लाज़ा कर्मचारियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इस पहल का उद्देश्य वित्तीय बाधाओं को दूर करना , सामाजिक-आर्थिक भेदों को कम करना और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों , जिनमें निम्न-आय वाले परिवारों की लड़कियाँ , पहली पीढ़ी के शिक्षार्थी तथा अनुसूचित जाति , अनुसूचित जनजाति , अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र शामिल हैं , के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुँच प्रदान करना है। एनएचएआई का मानना है कि शिक्षा ही वह साध...

बढ़ते एशिया को रोकने में कोरियाई उपमहाद्वीप की उथल पुथल के भरोसे अमरीकी थिंकटैंक!!

आधुनिक वित्तीय और आर्थिक प्रणाली औपनिवेशिक यूरोप और नवऔपनिवेशिक अमरीकी आधिपत्य की देन है। किंतु 21 वीं सदी आते-आते एशिया की नई उभरती अर्थव्यवस्थाओं चीन , भारत , जापान , कोरिया , वियतनाम , इंडोनेशिया आदि ने यह साबित कर दिया कि यह सदी एशिया की है। यही कारण है कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एशिया में बढ़ते प्रभाव और असंतुलन को देखते हुए लगातार तनावपूर्ण बयानबाज़ी कर रहे हैं। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग से उनकी हालिया मुलाक़ात इसी पृष्ठभूमि में बेहद महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है। शांति की पहल और ट्रम्प टॉवर का सपना व्हाइट हाउस में हुई मुलाक़ात के दौरान दोनों नेताओं ने उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन से संवाद स्थापित करने की इच्छा जताई। ली ने कहा कि यदि विभाजित कोरिया में शांति स्थापित हो जाती है तो यह ऐतिहासिक होगा। उन्होंने व्यंग्य और संकेत दोनों में जोड़ा कि “आप (ट्रम्प) उत्तर कोरिया में ट्रम्प टॉवर बना सकते हैं , जहाँ मैं आकर गोल्फ़ खेलूँगा।” ट्रम्प ने भी पुरानी मित्रता याद दिलाई और कहा कि वे किम जोंग उन से पहले ही तीन बार मिल चुके हैं और भविष्य में दोबारा मिलन...

भोपाल बनेगा देश का स्पोर्ट्स साइंस और हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग हब!!

खेल के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल करने और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण देने की दिशा में मध्यप्रदेश एक बड़ा कदम उठा रहा है। खेल विभाग द्वारा नाथु बरखेड़ा स्थित स्पोर्ट्स सिटी में लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक स्पोर्ट्स साइंस एवं हाई-परफॉर्मेंस सेंटर स्थापित किया जा रहा है। यह सेंटर उन सभी आधुनिक वैज्ञानिक और तकनीकी सुविधाओं से लैस होगा , जिनकी आज के समय में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को निखारने और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में जरूरत होती है। इसमें खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता , मानसिक दृढ़ता , चोटों से बचाव , और कुल प्रदर्शन सुधार पर व्यापक रूप से काम किया जाएगा। क्यों जरूरी है स्पोर्ट्स साइंस सेंटर ? आज का खेल जगत बेहद तेज और चुनौतीपूर्ण हो गया है। सिर्फ प्रतिभा या अच्छी कोचिंग अब पर्याप्त नहीं है। विशेषज्ञ बताते हैं कि कई खिलाड़ी , चाहे वे कितने ही प्रतिभाशाली हों , मनोवैज्ञानिक दबाव , तकनीकी कमी या चोटों की वजह से अपने लक्ष्य तक नहीं पहुँच पाते। अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा में सफलता के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तकन...