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पारदर्शी और छात्र-हितैषी शिक्षा की ओर कदम: स्कूलों में होगा बुक एक्सचेंज प्रोग्राम, लगेगा पुस्तक मेला!!

सागर। जिले में शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुलभ और छात्र-हितैषी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जिला प्रशासन और निजी स्कूल संचालकों के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक के बाद अभिभावकों को राहत देने वाले कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर संदीप जी आर ने की।

अब कहीं से भी खरीद सकेंगे किताबें और यूनिफॉर्म

अक्सर अभिभावकों की शिकायत रहती थी कि उन्हें निर्धारित दुकानों से ही महंगी किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है। अब इस व्यवस्था में बदलाव किया गया है।

·         खुला बाजार: अभिभावक अब अपनी सुविधा अनुसार किसी भी दुकान से किताबें और यूनिफॉर्म खरीद सकेंगे।

·         डिस्प्ले मॉडल अनिवार्य: प्रत्येक निजी स्कूल को अपने रिसेप्शन पर यूनिफॉर्म का एक सैंपल मॉडल प्रदर्शित करना होगा, ताकि अभिभावक कपड़े की गुणवत्ता, रंग और डिजाइन देखकर बाजार से उचित मूल्य पर सामग्री ले सकें।

इस फैसले से अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम होने की उम्मीद है।

बुक एक्सचेंज प्रोग्राम’ और ‘पुस्तक मेला’ की शुरुआत

महंगी किताबों के खर्च को कम करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिले के स्कूलों में बुक एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू किया जाएगा।

·         स्कूलों में पुस्तक मेलों का आयोजन होगा।

·         वरिष्ठ छात्र अपनी पुरानी किताबें जूनियर छात्रों को दे सकेंगे।

·         जरूरतमंद विद्यार्थियों को कम लागत या निःशुल्क पुस्तकें उपलब्ध होंगी।

·         कागज की बचत के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

जो विद्यार्थी अपनी पुस्तकें दान या भेंट स्वरूप देंगे, उन्हें विद्यालय की ओर से प्रमाण पत्र, बैज या प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। इससे छात्रों में सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी।

फीस वृद्धि पर रोक

बैठक में निजी स्कूल संचालकों ने शैक्षणिक सत्र में फीस वृद्धि नहीं करने पर सहमति जताई। कलेक्टर के विशेष प्रयासों और संवाद की सकारात्मक पहल का यह परिणाम माना जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य शिक्षा को व्यवसायिक रूप देने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाना और अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ कम करना है।

उड़ान योजना’ से मिलेगा NEET और IIT-JEE की कोचिंग

कलेक्टर की सबसे महत्वाकांक्षी पहल ‘उड़ान योजना’ है। इस योजना के तहत जिले के मेधावी विद्यार्थियों को स्कूल परिसर में ही राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं- NEET और IIT-JEE-की विशेष कोचिंग और मार्गदर्शन दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संसाधनों की कमी के कारण सागर जिले का कोई भी प्रतिभाशाली छात्र अपने सपनों से पीछे न रह जाए। इससे छात्रों को महंगी कोचिंग संस्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

समन्वय से होगा सुधार

बैठक में कलेक्टर संदीप जी आर ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि समन्वय के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाना है। उन्होंने कहा कि शिक्षक, स्कूल संचालक और अभिभावक-तीनों मिलकर ही बच्चों का भविष्य संवार सकते हैं। उन्होंने दोहराया कि शिक्षा को सुलभ, पारदर्शी और सकारात्मक वातावरण में उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। बैठक में पुलिस अधीक्षक विकास शाहवाल, जिला पंचायत सीईओ विवेक केवी, एसडीएम अमन मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन, डीपीसी गिरीश मिश्रा सहित सभी निजी विद्यालयों के संचालक उपस्थित रहे।

कलेक्टर की पहल से सागर जिले में शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जनहितकारी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाया गया है। बुक एक्सचेंज, पुस्तक मेला, फीस वृद्धि पर रोक और उड़ान योजना जैसे निर्णय न केवल अभिभावकों को राहत देंगे, बल्कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होंगे।

The News Grit, 23/02/2026

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