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Showing posts from March, 2026

अंधविश्वास और तर्कशीलता पर हुआ गवेषणा संवाद, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट महिलाओं का सम्मान

अंधविश्वास और तर्कशीलता पर हुआ गवेषणा संवाद, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट महिलाओं का सम्मान

सागर। गवेषणा मानवोत्थान , पर्यावरण तथा स्वास्थ्य जागरूकता समिति द्वारा “अंधविश्वास बनाम तर्कशीलता : भारतीय और अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य” विषय पर एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। राजघाट रोड तिली स्थित एक होटल के सभागार में हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी , सामाजिक कार्यकर्ता और शहर के नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में तर्कशील समिति से जुड़े डॉ. बलविंदर बरनाला मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में समाज में प्रचलित अनेक अंधविश्वासों की चर्चा करते हुए तर्क , वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अनुभवजन्य प्रमाणों के माध्यम से उन्हें चुनौती दी। उन्होंने कहा कि समाज में जागरूकता और वैज्ञानिक सोच का विकास ही अंधविश्वासों को समाप्त करने का सबसे प्रभावी तरीका है। संवाद के दौरान उन्होंने उपस्थित श्रोताओं से प्रश्न आमंत्रित किए और उनके समाधान भी प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में विषय प्रवर्तन डॉ. राजेश गौतम और डॉ. सुनील साहू ने किया। संवाद के दूसरे सत्र ...

बिजली चोरी के लंबित प्रकरणों के निपटारे का मौका, 14 मार्च को लगेगी लोक अदालत!!

आगामी 14 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में बिजली चोरी और विद्युत से जुड़ी अन्य अनियमितताओं के लंबित मामलों का समाधान समझौते के माध्यम से किया जाएगा। इस संबंध में मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने विद्युत उपभोक्ताओं और उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि वे अदालत में समझौता कर अपने लंबित मामलों का निराकरण कराएं और अनावश्यक कानूनी कार्रवाई से बचें। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि Electricity Act 2003 की धारा 135 के अंतर्गत बिजली चोरी से जुड़े जो प्रकरण लंबित हैं या विशेष न्यायालयों में विचाराधीन हैं , उनके निपटारे के लिए यह एक अच्छा अवसर है। इसके लिए संबंधित उपभोक्ताओं को अपने नजदीकी बिजली कार्यालय से संपर्क करना होगा। किन उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ विद्युत वितरण कंपनियों के अनुसार इस लोक अदालत में निम्नदाब श्रेणी के उपभोक्ताओं को राहत दी जाएगी। इनमें सभी घरेलू उपभोक्ता , सभी कृषि उपभोक्ता , 5 किलोवॉट तक के गैर-घरेलू उपभोक्ता तथा 10 अश्व शक्ति तक के औद्योगिक उपभोक्ता शामिल हैं। इन श्रेणियों के बिजली चोरी से जुड़े लंबित प्रकरणों का समझौते के माध्यम से निराकरण ...

मध्यप्रदेश में अवैध अफीम की खेती पर पुलिस का शिकंजा, एक सप्ताह में 3 करोड़ से अधिक की फसल जब्त!!

प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन और तस्करी पर रोक लगाने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में पिछले एक सप्ताह के दौरान छतरपुर , टीकमगढ़ और दमोह जिलों में चलाए गए विशेष अभियान के तहत पुलिस ने अवैध अफीम की खेती के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 7890 किलोग्राम से अधिक अफीम की फसल जब्त की है। जब्त की गई इस फसल की अनुमानित बाजार कीमत 3 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। सभी मामलों में आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। छतरपुर में खेत से 1140 किलोग्राम अफीम बरामद छतरपुर जिले के गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र के ग्राम उर्दमऊ में पुलिस को खेत में अवैध रूप से अफीम की खेती किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर खेत का निरीक्षण किया , जहां लगभग आधा एकड़ क्षेत्र में डोडा युक्त अफीम के पौधे पाए गए। पुलिस ने विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए खेत में लगे सभी पौधों को जड़ सहित उखाड़कर जब्त कर लिया। जब्त की गई फसल का कुल वजन करीब 1140 किलोग्राम पाया गया , जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 7...

सर्वाइकल कैंसर रोकथाम की पहल: जागरूकता और टीकाकरण से मिलेगी सुरक्षा!!

सागर। महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के उद्देश्य से जिले में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है। कलेक्टर संदीप जी आर ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा है कि अभिभावक अपनी किशोरी बालिकाओं का समय पर टीकाकरण कराएं , ताकि उन्हें भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके। 28 फरवरी से शुरू हुआ अभियान कलेक्टर ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार जिले में 28 फरवरी 2026 से एचपीवी टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत उन किशोरियों को टीका लगाया जा रहा है जिन्होंने 14 वां जन्मदिन मना लिया है , लेकिन अभी 15 वां जन्मदिन नहीं मनाया है। यह अभियान आगामी तीन महीनों तक शासकीय अवकाश को छोड़कर लगातार चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह वैक्सीन भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है और पूरी तरह सुरक्षित तथा निःशुल्क है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार किशोरियों को 0.5 मिलीलीटर की एकल खुराक इंट्रामस्कुलर इंजेक्शन के माध्यम से दी जाएगी। जिले में बनाए गए कई टीकाकरण केंद्र ...

बालाघाट की नसीबा खान ने करघे से बुनी स्वदेशी और स्वावलंबन की प्रेरक कहानी!!

मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के एक गांव मेहंदीवाड़ा (वारा सिवनी) से निकली एक अनूठी पहल आज परंपरा , स्वदेशी और महिला स्वावलंबन की प्रेरक मिसाल बन गई है। यहां की बुनकर नसीबा खान अपने करघे पर बुने एक विशेष स्टोल के माध्यम से न केवल पारंपरिक हथकरघा कला को जीवित रख रही हैं , बल्कि ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता और सृजनशीलता की नई कहानी भी लिख रही हैं। यह पहल “हाउस ऑफ तसल्ली” स्टार्टअप - राफ्टएंडरसन प्रायवेट लिमिटेड के प्रयासों और “विमेन वीव” के सहयोग से संभव हुई है। इस सहयोग ने स्थानीय बुनकरों की कला को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का रास्ता खोल दिया है। करघे से बुनी स्वदेशी की कहानी नसीबा खान द्वारा तैयार किया गया स्टोल साधारण वस्त्र नहीं है , बल्कि यह सादगी , स्वदेशी और आत्मनिर्भरता की भावना का प्रतीक है। इसे हाथ से कांते गए ऑर्गेनिक कपास के धागों से करघे पर बुना गया है। इस स्टोल की सबसे खास विशेषता इसमें बुना गया चरखे का मोटिफ है , जो महात्मा गांधी के स्वदेशी और महिला स्वावलंबन के विचारों को समर्पित है। दो दिनों की मेहनत से तैयार हुआ अनोखा डिजाइन इस स्टोल को तैयार करने में लगभग दो दिन...

पारंपरिक खेती से आधुनिक बागवानी तक, रामसिंह कुशवाह बने किसानों के लिए मिसाल!!

भोपाल के फन्दा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बरखेड़ा बोंदर गांव में किसान रामसिंह कुशवाह ने पारंपरिक खेती से आधुनिक बागवानी की ओर कदम बढ़ाकर एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। कभी धान , गेहूं और सोयाबीन जैसी पारंपरिक फसलों पर निर्भर रहने वाले कुशवाह आज फूलों और फलों की आधुनिक खेती से हर महीने लाखों रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। उनकी सफलता केवल आर्थिक उन्नति तक सीमित नहीं है , बल्कि यह किसानों के सशक्तिकरण , नवाचार और सरकारी योजनाओं के प्रभावी उपयोग की मिसाल भी बन गई है। पारंपरिक खेती से आगे बढ़ने की सोच रामसिंह कुशवाह का परिवार वर्षों से पारंपरिक खेती करता आ रहा था। खेतों में मुख्य रूप से धान , गेहूं और सोयाबीन जैसी फसलें उगाई जाती थीं। लेकिन बढ़ती लागत और अपेक्षाकृत कम लाभ के कारण खेती से मिलने वाली आय सीमित थी। इन परिस्थितियों में परिवार के सामने आर्थिक चुनौतियाँ बनी रहती थीं और खेती को लाभकारी बनाने के नए विकल्पों की तलाश जारी थी। योजना से मिली नई दिशा इसी दौरान कुशवाह को उद्यानिकी विभाग द्वारा संचालित एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना की जानकारी मिली। उन्होंने राष्ट्रीय विकास ...

एमपी पुलिस के घुड़सवारों का कमाल, राष्ट्रीय प्रतियोगिता में 6 पदक हासिल!!

मध्यप्रदेश पुलिस के घुड़सवारी दल ने 44 वीं अखिल भारतीय पुलिस घुड़सवारी प्रतियोगिता एवं माउंटेड पुलिस ड्यूटी मीट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल 6 पदक ( 2 स्वर्ण , 2 रजत और 2 कांस्य) जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 15 से 27 फरवरी 2026 के बीच सीमा सुरक्षा बल अकादमी , टेकनपुर में आयोजित की गई , जिसमें देशभर की पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की 21 टीमों , 345 अश्वों और लगभग 700 राइडर्स ने भाग लिया। खिलाड़ियों का सम्मान प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुलिस मुख्यालय , भोपाल में आयोजित समारोह में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने मेडल पहनाकर और प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने टीम के घुड़सवारों की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत , अनुशासन और उत्कृष्ट प्रशिक्षण का परिणाम है। साथ ही यह उपलब्धि मध्यप्रदेश पुलिस की पेशेवर दक्षता और प्रशिक्षण व्यवस्था की गुणवत्ता को भी दर्शाती है। डीजीपी मकवाणा ने सभी प्रतिभागियों को उचित पुरस्कार देने की घोषणा करते हुए भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए निरंतर अभ्य...

कूनो में बढ़ता चीतों का कुनबा, जैव विविधता को मिल रही नई ताकत!!

मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में बोत्सवाना से लाए गए 9 चीतों के आगमन के साथ भारत की महत्वाकांक्षी चीता पुनर्बसाहट परियोजना ने एक नया अध्याय जोड़ दिया है। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने इसे भारत और बोत्सवाना के बीच जैव विविधता संरक्षण की ऐतिहासिक साझेदारी बताया। तीन चीतों को प्रतीकात्मक रूप से किया रिलीज केंद्रीय मंत्री ने शनिवार सुबह कूनो पहुंचकर बोत्सवाना से आए 9 चीतों में से तीन चीतों को क्वारंटीन के लिए बनाए गए विशेष बाड़ों में प्रतीकात्मक रूप से रिलीज किया। ये सभी चीते भारतीय वायुसेना के तीन हेलीकॉप्टरों के माध्यम से ग्वालियर एयरपोर्ट से कूनो नेशनल पार्क लाए गए। इन 9 चीतों में 6 मादा और 3 नर शामिल हैं। पार्क प्रशासन के अनुसार , सभी चीतों को स्वास्थ्य परीक्षण और अनुकूलन प्रक्रिया के तहत कुछ समय के लिए क्वारंटीन में रखा जाएगा , जिसके बाद उन्हें निर्धारित चरणबद्ध प्रक्रिया के अनुसार खुले जंगल में छोड़ा जाएगा। 48 हुई कुल संख्या बोत्सवाना से आए इन 9 चीतों के बाद अब प्रदेश में चीतों की कुल संख्या 48 हो गई है। इनमें से 45 चीते कूनो नेशनल पार्क में हैं...