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आधार डेटा पूरी तरह सुरक्षित, यूआईडीएआई डेटाबेस में अब तक कोई सेंधमारी नहीं: सरकार!!

आधार कार्ड धारकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा को लेकर सरकार ने बड़ा आश्वासन दिया है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि अब तक यूआईडीएआई के केंद्रीय डेटाबेस से आधार कार्ड धारकों के डेटा का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा कि आधार विश्व की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली है, जिसके अंतर्गत करीब 134 करोड़ सक्रिय आधार धारक पंजीकृत हैं। इस प्रणाली के माध्यम से अब तक 16,000 करोड़ से अधिक प्रमाणीकरण लेनदेन सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं, जो इसकी व्यापकता और उपयोगिता को दर्शाता है।

बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू

आधार जारी करने वाली संस्था भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने आधार संख्या धारकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के लिए व्यापक और मजबूत सुरक्षा उपाय लागू किए हैं। मंत्री ने बताया कि यूआईडीएआई ने अपने डेटाबेस की सुरक्षा के लिए गहन और बहुस्तरीय सुरक्षा प्रणाली विकसित की है, जिसकी निरंतर समीक्षा और ऑडिट किया जाता है।

उन्नत एन्क्रिप्शन तकनीक का इस्तेमाल

डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यूआईडीएआई डेटा के संचरण (ट्रांसमिशन) और भंडारण (स्टोरेज) दोनों ही चरणों में उन्नत एन्क्रिप्शन तकनीकों का उपयोग करता है, जिससे किसी भी प्रकार की अनधिकृत पहुंच या दुरुपयोग की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।

अंतरराष्ट्रीय मानकों से प्रमाणित प्रणाली

यूआईडीएआई की सूचना सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली को एसटीक्यूसी द्वारा ISO 27001:2022 प्रमाणन प्राप्त है। इसके साथ ही, संस्था को ISO/IEC 27701:2019 (गोपनीयता सूचना प्रबंधन प्रणाली) का भी प्रमाणन मिला हुआ है, जो डेटा गोपनीयता के उच्च अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन सुनिश्चित करता है।

राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी

आधार प्रणाली को एक संरक्षित प्रणाली घोषित किया गया है। इसके चलते राष्ट्रीय महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना संरक्षण केंद्र (एनसीआईआईपीसी) यूआईडीएआई को उसकी साइबर सुरक्षा स्थिति मजबूत बनाए रखने के लिए लगातार सुरक्षा संबंधी सलाह प्रदान करता है।

स्वतंत्र एजेंसी द्वारा निरंतर ऑडिट

मंत्री ने बताया कि आधार प्रणाली के लिए शासन, जोखिम, अनुपालन और प्रदर्शन (जीआरसीपी) ढांचे के अनुपालन की निगरानी हेतु एक स्वतंत्र लेखापरीक्षा एजेंसी नियुक्त की गई है। यह एजेंसी यूआईडीएआई एप्लिकेशन का नियमित साइबर सुरक्षा ऑडिट करती है, जिसमें स्टैटिक एप्लिकेशन सिक्योरिटी टेस्टिंग (SAST) और डायनेमिक एप्लिकेशन सिक्योरिटी टेस्टिंग (DAST) जैसी उन्नत जांच प्रक्रियाएं शामिल हैं।

सरकार का स्पष्ट संदेश

सरकार ने स्पष्ट किया है कि आधार डेटा की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और अब तक यूआईडीएआई डेटाबेस से किसी भी प्रकार की सेंधमारी या डेटा लीक की कोई घटना सामने नहीं आई है। यह जानकारी लोकसभा में साझा की गई। सरकार और यूआईडीएआई दोनों ही आधार प्रणाली को सुरक्षित, भरोसेमंद और गोपनीय बनाए रखने के लिए आधुनिक तकनीक, अंतरराष्ट्रीय मानकों और निरंतर निगरानी पर आधारित मजबूत ढांचे के साथ काम कर रहे हैं।

The News Grit, 17/12/2025

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