Skip to main content

Posts

Showing posts from January, 2026

अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़, ₹40 करोड़ से अधिक का सोना जब्त!!

अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़, ₹40 करोड़ से अधिक का सोना जब्त!!

सीमा पार तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए , राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने दुबई और बांग्लादेश से संचालित एक अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। डीआरआई ने दिल्ली और अगरतला में तलाशी के दौरान 29 किलोग्राम विदेशी मूल का सोना , जिसकी अनुमानित कीमत ₹ 40 करोड़ से अधिक है , और ₹ 2.90 करोड़ नकद जब्त किया। इस मामले में सिंडिकेट से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। विशेष खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई डीआरआई को मिली पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर 6 जनवरी 2026 को इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। कार्रवाई के दौरान सिंडिकेट के एक प्रमुख सदस्य को दिल्ली स्थित एक घरेलू लॉजिस्टिक्स वेयरहाउस से उस समय गिरफ्तार किया गया , जब वह अगरतला , त्रिपुरा से आई दो खेपों की डिलीवरी लेने पहुंचा था। वेयरहाउस से 15 किलो सोना बरामद जब इन खेपों की जांच की गई , तो उनमें से 15 किलोग्राम विदेशी मूल का सोना बरामद हुआ। सोने पर अंतरराष्ट्रीय रिफाइनरी के निशान पाए गए , जिससे इसके विदेशी होने की पुष्टि हुई। बरामद सोने की अनुमानित कीमत ₹20.73 करोड़ आंकी गई है। दिल्ली और ...

समुद्र प्रताप: भारतीय तटरक्षक बल में स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण पोत का समावेश!!

भारत द्वारा जहाज निर्माण और समुद्री क्षमता विकास में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 5 जनवरी, 2026 को गोवा में भारतीय तटरक्षक बल के बेड़े में अत्याधुनिक प्रदूषण नियंत्रण पोत ‘समुद्र प्रताप’ को औपचारिक रूप से शामिल किया। यह गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित दो प्रदूषण नियंत्रण पोतों में से पहला है और भारत का पहला स्वदेशी रूप से डिजाइन किया गया प्रदूषण नियंत्रण पोत भी है। समुद्र प्रताप भारतीय तटरक्षक बल के बेड़े का अब तक का सबसे बड़ा पोत है, जो समुद्री पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, तटीय गश्ती और समुद्री सुरक्षा को एक नई मजबूती प्रदान करेगा। आत्मनिर्भर भारत की समुद्री पहचान 60 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी घटकों से निर्मित समुद्र प्रताप को रक्षा मंत्री ने भारत के परिपक्व रक्षा औद्योगिक इको-सिस्टम का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि देश लगातार प्रयास कर रहा है कि जहाज निर्माण में स्वदेशी सामग्री की हिस्सेदारी को 90 प्रतिशत तक बढ़ाया जाए। यह पोत इस बात का प्रमाण है कि भारत आज जटिल समुद्री प्लेटफॉर्म को स्वदेशी तकनीक से डिजाइन, निर्माण और तैन...

दुर्लभ प्रवासी पक्षियों की मौजूदगी दर्ज, दक्षिण सागर में एशियन वॉटर बर्ड्स सेंसस संपन्न!!

सागर। वनमंडल दक्षिण सागर में पहली बार एशियन वॉटर बर्ड्स सेंसस 2026 का आयोजन 03 एवं 04 जनवरी 2026 को सफलतापूर्वक किया गया। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाला एक महत्वपूर्ण सर्वेक्षण कार्यक्रम है , जिसके अंतर्गत झीलों , तालाबों , नदियों और अन्य जल स्रोतों में पाए जाने वाले जलीय पक्षियों की गणना की जाती है। एशियन वॉटर बर्ड्स सेंसस का मुख्य उद्देश्य जलीय पक्षियों की संख्या , प्रजातीय विविधता तथा जल स्थलों की पारिस्थितिक स्थिति का वैज्ञानिक आकलन करना है , ताकि जलीय पक्षियों के संरक्षण , प्रबंधन और उनके प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा के लिए ठोस आधार तैयार किया जा सके। 09 तालाबों में हुआ सर्वेक्षण एशियन वॉटर बर्ड्स सेंसस 2026 के अंतर्गत वनमंडल दक्षिण सागर क्षेत्र के कुल 09 तालाबों का सर्वेक्षण किया गया। इस कार्य के लिए 04 सर्वेक्षण दलों का गठन किया गया , जिनमें वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे। सर्वेक्षण के दौरान दलों द्वारा जलाशयों के किनारों तक पहुँचकर जलीय पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों , उनकी संख्या , गतिविधियों तथा उनके प्राकृतिक आवास की स्थिति का बारीकी से अव...

गोल्डन आवर में मदद करने वालों के लिए कानूनी सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक प्रोत्साहन!!

सड़क दुर्घटना के दौरान हर पल बेहद कीमती होता है , खासकर वह पहला एक घंटा जिसे चिकित्सा विज्ञान में ‘गोल्डन आवर’ कहा जाता है। इसी अवधि में यदि घायल को समय पर इलाज मिल जाए , तो उसकी जान बचाई जा सकती है या आजीवन विकलांगता से बचाव संभव होता है। ऐसे में दुर्घटना स्थल पर मौजूद आम नागरिक की भूमिका निर्णायक हो जाती है। इसी मानवीय हस्तक्षेप को प्रोत्साहित और संरक्षित करने के लिए केंद्र सरकार ने ‘राह-वीर’ (नेक आदमी) नीति को प्रभावी रूप से लागू किया है। गुड समैरिटन नियम: डर से आज़ादी सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम , 2019 की धारा 134 ए के तहत वर्ष 2020 में गुड समैरिटन रूल्स अधिसूचित किए। इन नियमों का मूल उद्देश्य स्पष्ट है , जो व्यक्ति दुर्घटना पीड़ित की मदद करता है , उसे किसी भी प्रकार के कानूनी , प्रशासनिक या सामाजिक भय का सामना न करना पड़े। दुर्घटना में घायल किसी अजनबी को उठाकर अस्पताल पहुंचाने वाला व्यक्ति , चाहे वह उसका नाम भी न जानता हो , ‘ राह-वीर’ कहलाता है। कानून ऐसे नेक आदमी की गरिमा , निजता और स्वतंत्रता की पूरी तरह रक्षा करता है। क्या है ‘गोल्डन...

रेल यात्रियों के लिए बड़ी सौगात: गुवाहाटी–हावड़ा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन!!

भारतीय रेल ने नव वर्ष के अवसर पर देश को एक बड़ी और खास सौगात दी है। रेल , सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली स्थित रेल भवन में आयोजित एक बैठक के दौरान घोषणा की कि असम के गुवाहाटी और पश्चिम बंगाल के हावड़ा के बीच देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का संचालन शुरू किया जाएगा। उन्होंने सभी देशवासियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए इसे भारतीय रेल और रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी सौगात बताया। केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का संपूर्ण परीक्षण , तकनीकी जांच और प्रमाणीकरण प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि जनवरी माह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह उपलब्धि भारतीय रेल के लिए एक नए युग की शुरुआत है और 2026 भारतीय रेल के लिए बड़े सुधारों और यात्री-केंद्रित पहलों का वर्ष साबित होगा। पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत को मिलेगा सीधा लाभ गुवाहाटी–हावड़ा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से असम और पश्चिम बंगाल के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को सी...

सुरक्षित पेयजल पर सवाल: इंदौर की घटना ने उजागर की शहरी जल प्रबंधन की कमजोर कड़ी!!

जन-स्वास्थ्य किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति का सबसे अहम पैमाना होता है। स्वास्थ्य , शिक्षा , स्वच्छ पर्यावरण , सुरक्षित पेयजल और मजबूत बुनियादी ढांचा ये सभी किसी भी नागरिक के मूल अधिकारों में शामिल हैं। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि इन बुनियादी जरूरतों को सुनिश्चित करने में भारत के कई शहरी और ग्रामीण क्षेत्र अब भी संघर्ष कर रहे हैं। मध्य प्रदेश के इंदौर में हाल ही में सामने आई घटना इस कड़वी सच्चाई को एक बार फिर उजागर करती है। नगरपालिका द्वारा आपूर्ति किए गए कथित तौर पर सुरक्षित पेयजल के सेवन से एक बच्चे सहित कम से कम चार लोगों की मौत और हजारों लोगों के बीमार पड़ने की खबर ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। सैकड़ों मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं , जिनमें कई की हालत गंभीर बनी हुई है। यह घटना इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि इंदौर को लगातार कई वर्षों से देश का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया जा रहा है। स्वच्छता रैंकिंग बनाम स्वास्थ्य सुरक्षा इंदौर ने कचरा प्रबंधन , सफाई व्यवस्था और शहरी स्वच्छता के क्षेत्र में देशभर में मिसाल पेश की है। लेकिन साफ सड़कों और बेहतर कचरा निपटान के बावजूद , यदि...