Skip to main content

रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बढ़ी बाघों की संख्या, कान्हा से आया नया मेहमान, मोहली रेंज में छोड़ा गया!!

रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बढ़ी बाघों की संख्या, कान्हा से आया नया मेहमान, मोहली रेंज में छोड़ा गया!!

मध्य प्रदेश के सबसे बड़े टाइगर रिजर्व रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व (नौरादेही) में बाघों की संख्या बढ़ाने की दिशा में एक और अहम कदम उठाया गया है। कान्हा टाइगर रिजर्व से लाया गया तीन वर्षीय बाघ रविवार रात को नौरादेही टाइगर रिजर्व की मोहली रेंज में सुरक्षित रूप से छोड़ा गया। इस नए मेहमान की आमद से न केवल बाघों की संख्या में इजाफा होगा, बल्कि जीन विविधता बढ़ने से भविष्य में इनब्रीडिंग की संभावना भी कम होगी।

पेंच से कान्हा, अब नौरादेही तक का सफर

इस बाघ की कहानी संघर्ष और प्रशिक्षण से भरी रही है। अप्रैल 2023 में महज चार महीने की उम्र में यह शावक पेंच टाइगर रिजर्व में अपनी मां से बिछड़ गया था। इसके बाद उसे संरक्षण और प्रशिक्षण के लिए कान्हा टाइगर रिजर्व में शिफ्ट किया गया। कान्हा में शावक को घोरेला बाड़े में रखकर शिकार करने और जंगल में स्वतंत्र रूप से रहने का प्रशिक्षण दिया गया। समय के साथ बाघ ने जंगल में अपनी सक्रियता बढ़ाई, अपना क्षेत्र विकसित किया और दो सफल शिकार भी किए। अब करीब तीन वर्ष की उम्र पूरी होने पर वन विभाग से अनुमति मिलने के बाद उसे नौरादेही टाइगर रिजर्व में स्थानांतरित किया गया है।

मोहली रेंज में क्यों छोड़ा गया नया बाघ

टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. ए. ए. अंसारी के अनुसार, नए बाघ को फिलहाल मोहली रेंज में छोड़ा गया है। हाल ही में विस्थापन प्रक्रिया के तहत मोहली रेंज के उत्तर क्षेत्र में छह गांव खाली हुए हैं, जिससे वन्य प्राणियों के लिए एक बड़ा और सुरक्षित इलाका उपलब्ध हुआ है।

डॉ. अंसारी ने बताया कि नए बाघ और पहले से मौजूद बाघों के बीच तत्काल आमना-सामना न हो, इसलिए उसे इस क्षेत्र में रखा गया है। आने वाले समय में बाघ स्वयं अपनी टेरिटरी विकसित करेगा और धीरे-धीरे पूरे वातावरण के अनुकूल ढल जाएगा।

जीन परिवर्तन से मिलेगी भविष्य की पीढ़ी को मजबूती

विशेषज्ञों का मानना है कि कान्हा से आए इस नए बाघ की आमद से नौरादेही टाइगर रिजर्व में बाघों के जीन में सकारात्मक बदलाव आएगा। इससे इनब्रीडिंग के चांस कम होंगे और भविष्य में पैदा होने वाले शावक अधिक मजबूत जीन संरचना के साथ जन्म लेंगे।

डिप्टी डायरेक्टर के अनुसार, “नए बाघ से जो संतान आगे जन्म लेगी, उनके जीन में विविधता आएगी, जो किसी भी संरक्षित वन क्षेत्र के लिए बेहद जरूरी और लाभकारी मानी जाती है।”

संरक्षण प्रयासों को मिली नई मजबूती

नौरादेही टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़ाने के लिए यह स्थानांतरण एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है। इससे न केवल वन्यजीव संरक्षण को मजबूती मिलेगी, बल्कि मध्य प्रदेश को “टाइगर स्टेट” के रूप में और सशक्त पहचान भी मिलेगी। वन विभाग को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में नौरादेही टाइगर रिजर्व स्वस्थ और स्थायी बाघ आबादी का मजबूत केंद्र बनकर उभरेगा।

The News Grit, 21/01/2026

Comments

Popular posts from this blog

प्रोजेक्ट आरोहण: NHAI की नई योजना, लेकिन किसके लिए?

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ( NHAI) ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल करते हुए टोल प्लाज़ा कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा और करियर निर्माण के लिए ‘प्रोजेक्ट आरोहण’ की शुरुआत की है। इस योजना का शुभारंभ एनएचएआई के अध्यक्ष श्री संतोष कुमार यादव ने नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में किया। इस अवसर पर वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के कार्यकारी निदेशक एवं संयुक्त सीईओ डॉ. जफर खान और एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। शिक्षा तक समान पहुँच देने का प्रयास एनएचएआई ने वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के साथ मिलकर यह योजना शुरू की है , जिसका मकसद टोल प्लाज़ा कर्मचारियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इस पहल का उद्देश्य वित्तीय बाधाओं को दूर करना , सामाजिक-आर्थिक भेदों को कम करना और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों , जिनमें निम्न-आय वाले परिवारों की लड़कियाँ , पहली पीढ़ी के शिक्षार्थी तथा अनुसूचित जाति , अनुसूचित जनजाति , अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र शामिल हैं , के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुँच प्रदान करना है। एनएचएआई का मानना है कि शिक्षा ही वह साध...

बढ़ते एशिया को रोकने में कोरियाई उपमहाद्वीप की उथल पुथल के भरोसे अमरीकी थिंकटैंक!!

आधुनिक वित्तीय और आर्थिक प्रणाली औपनिवेशिक यूरोप और नवऔपनिवेशिक अमरीकी आधिपत्य की देन है। किंतु 21 वीं सदी आते-आते एशिया की नई उभरती अर्थव्यवस्थाओं चीन , भारत , जापान , कोरिया , वियतनाम , इंडोनेशिया आदि ने यह साबित कर दिया कि यह सदी एशिया की है। यही कारण है कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एशिया में बढ़ते प्रभाव और असंतुलन को देखते हुए लगातार तनावपूर्ण बयानबाज़ी कर रहे हैं। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग से उनकी हालिया मुलाक़ात इसी पृष्ठभूमि में बेहद महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है। शांति की पहल और ट्रम्प टॉवर का सपना व्हाइट हाउस में हुई मुलाक़ात के दौरान दोनों नेताओं ने उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन से संवाद स्थापित करने की इच्छा जताई। ली ने कहा कि यदि विभाजित कोरिया में शांति स्थापित हो जाती है तो यह ऐतिहासिक होगा। उन्होंने व्यंग्य और संकेत दोनों में जोड़ा कि “आप (ट्रम्प) उत्तर कोरिया में ट्रम्प टॉवर बना सकते हैं , जहाँ मैं आकर गोल्फ़ खेलूँगा।” ट्रम्प ने भी पुरानी मित्रता याद दिलाई और कहा कि वे किम जोंग उन से पहले ही तीन बार मिल चुके हैं और भविष्य में दोबारा मिलन...

भोपाल बनेगा देश का स्पोर्ट्स साइंस और हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग हब!!

खेल के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल करने और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण देने की दिशा में मध्यप्रदेश एक बड़ा कदम उठा रहा है। खेल विभाग द्वारा नाथु बरखेड़ा स्थित स्पोर्ट्स सिटी में लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक स्पोर्ट्स साइंस एवं हाई-परफॉर्मेंस सेंटर स्थापित किया जा रहा है। यह सेंटर उन सभी आधुनिक वैज्ञानिक और तकनीकी सुविधाओं से लैस होगा , जिनकी आज के समय में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को निखारने और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में जरूरत होती है। इसमें खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता , मानसिक दृढ़ता , चोटों से बचाव , और कुल प्रदर्शन सुधार पर व्यापक रूप से काम किया जाएगा। क्यों जरूरी है स्पोर्ट्स साइंस सेंटर ? आज का खेल जगत बेहद तेज और चुनौतीपूर्ण हो गया है। सिर्फ प्रतिभा या अच्छी कोचिंग अब पर्याप्त नहीं है। विशेषज्ञ बताते हैं कि कई खिलाड़ी , चाहे वे कितने ही प्रतिभाशाली हों , मनोवैज्ञानिक दबाव , तकनीकी कमी या चोटों की वजह से अपने लक्ष्य तक नहीं पहुँच पाते। अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा में सफलता के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तकन...