नया साल भारतीय रेलवे के लिए बदलाव और विस्तार का प्रतीक बनकर सामने आ रहा है। आम यात्रियों को किफायती, आधुनिक और आरामदायक रेल यात्रा उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, पश्चिम बंगाल और असम से देश के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने वाली नौ नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को जल्द ही हरी झंडी दिखाई जाएगी। इन ट्रेनों के शुरू होने से पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत की कनेक्टिविटी को नई गति मिलने की उम्मीद है।
प्रस्तावित सेवाओं के तहत गुवाहाटी से रोहतक, डिब्रूगढ़ से लखनऊ, न्यू जलपाईगुड़ी से तिरुचिरापल्ली और नागरकोइल तक लंबी दूरी की सीधी रेल सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा अलीपुरद्वार से बेंगलुरु और मुंबई, तथा कोलकाता से तांबरम, बनारस और आनंद विहार तक अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। भारतीय रेलवे का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब रेल यात्रा की मांग लगातार बढ़ रही है। चाहे रोजगार के लिए प्रवास करने वाले श्रमिक हों, शिक्षा के लिए लंबी दूरी तय करने वाले विद्यार्थी हों या परिवार से मिलने जाने वाले आम यात्री रेलवे का फोकस सभी को समान रूप से बेहतर सुविधा देने पर है। नई अमृत भारत एक्सप्रेस सेवाएं बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे अधिक आबादी वाले राज्यों से होकर गुजरेंगी और तमिलनाडु, महाराष्ट्र व कर्नाटक जैसे दूर-दराज के राज्यों तक सीधी पहुंच प्रदान करेंगी।
लगभग दो शताब्दियों पहले भारत में पहली ट्रेन के चलने के बाद से रेल यात्रा ने लंबा सफर तय किया है। समय के साथ भारतीय रेलवे ने सिर्फ प्रीमियम यात्रियों तक सीमित सुविधाओं को आम जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया है। विश्वसनीयता, सुरक्षा और आराम को केंद्र में रखकर यात्री-अनुकूल सेवाओं का विस्तार किया गया है, ताकि रेल अब केवल यात्रा का साधन न रहकर एक बेहतर अनुभव बन सके।
इसी सोच के तहत शुरू की गई अमृत भारत एक्सप्रेस आज रोजमर्रा के यात्रियों के लिए एक नई उम्मीद के रूप में उभरी है। अमृत काल की इस विशेष पहल का उद्देश्य लंबी दूरी की नॉन-एसी स्लीपर यात्रा को किफायती और सुलभ बनाना है। सरल किराया संरचना और बिना डायनामिक प्राइसिंग के यह सेवा खास तौर पर उन क्षेत्रों को जोड़ती है, जो अब तक सीमित अवसरों और कनेक्टिविटी की कमी से जूझते रहे हैं।
दिसंबर 2023 में शुरू हुई अमृत भारत एक्सप्रेस सेवाओं का नेटवर्क तेज़ी से फैल रहा है। वर्तमान में 30 ट्रेनें परिचालन में हैं और अब पूर्वी व उप-हिमालयी क्षेत्रों से दक्षिण, पश्चिम और मध्य भारत के प्रमुख गंतव्यों तक नई सेवाएं जोड़ी जा रही हैं। इन रूटों पर चलने वाली ट्रेनें उन इलाकों से गुजरेंगी, जहां प्रवासी मजदूरों और लंबी दूरी के यात्रियों की संख्या काफी अधिक है।
किफायती और लंबी दूरी की रेल कनेक्टिविटी को स्पष्ट रूप से मजबूत करने के उद्देश्य से भारतीय रेलवे प्रमुख कॉरिडोरों पर नौ अमृत भारत एक्सप्रेस सेवाएं शुरू कर रहा है। प्रस्तावित रूटों में गुवाहाटी (कामाख्या)–रोहतक, डिब्रूगढ़–लखनऊ (गोमती नगर), न्यू जलपाईगुड़ी–नागरकोइल, न्यू जलपाईगुड़ी–तिरुचिरापल्ली, अलीपुरद्वार–एसएमवीटी बेंगलुरु, अलीपुरद्वार–मुंबई (पनवेल), कोलकाता (संतरागाछी)–तांबरम, कोलकाता (हावड़ा)–आनंद विहार टर्मिनल और कोलकाता (सियालदह)–बनारस शामिल हैं।
न्यू जलपाईगुड़ी से शुरू होने वाली सेवाएं उत्तर बंगाल को देश के दक्षिणी छोर और मध्य तमिलनाडु से सीधे जोड़ेंगी। इससे विभिन्न भाषाई, सांस्कृतिक और आर्थिक क्षेत्रों के बीच निर्बाध रेल कॉरिडोर तैयार होंगे। इन रूटों को पूर्वी और दक्षिणी भारत के बीच नियमित रूप से यात्रा करने वाले प्रवासी मजदूरों, छात्रों, व्यापारियों और परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण जीवनरेखा के रूप में देखा जा रहा है।
इसी तरह, अलीपुरद्वार से शुरू होने वाली नई अमृत भारत एक्सप्रेस सेवाएं पूर्वोत्तर भारत के दुआर क्षेत्र को देश के प्रमुख दक्षिणी और पश्चिमी महानगरीय व औद्योगिक केंद्रों से जोड़ेंगी। भौगोलिक रूप से दूरस्थ लेकिन रणनीतिक दृष्टि से अहम इन क्षेत्रों के लिए ये ट्रेनें आर्थिक और सामाजिक सेतु का कार्य करेंगी, जिससे रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और बाजारों तक पहुंच आसान होगी।
बेंगलुरु और चेन्नई जैसे दक्षिणी महानगरों की ओर बढ़ने वाली सेवाएं पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत को आईटी, विनिर्माण और शिक्षा के बड़े केंद्रों से जोड़कर कार्यबल की आवाजाही और छात्र यात्राओं को सुगम बनाएंगी। वहीं मुंबई और पनवेल तक सीधी रेल कनेक्टिविटी पूर्व-पश्चिम एकीकरण को मजबूत करेगी और व्यापारिक यात्राओं के साथ-साथ प्रमुख वाणिज्यिक एवं लॉजिस्टिक्स हब तक पहुंच को सरल बनाएगी।
ओडिशा और आंध्र प्रदेश से होकर गुजरने वाले ये रूट ईस्टर्न कॉरिडोर पर निर्बाध यातायात को बेहतर बनाएंगे, जिससे औद्योगिक क्षेत्रों के साथ-साथ तटीय और तीर्थस्थलों को भी सीधा लाभ मिलेगा। सुविधाओं की बात करें तो अमृत भारत एक्सप्रेस में यात्रियों के लिए कई आधुनिक प्रावधान किए गए हैं। इनमें फोल्डेबल स्नैक टेबल, मोबाइल और बोतल होल्डर, रेडियम फ्लोर स्ट्रिप्स, आरामदायक सीटें और बर्थ, इलेक्ट्रो-न्यूमेटिक फ्लशिंग वाले आधुनिक टॉयलेट, अग्नि-सुरक्षा प्रणाली और दिव्यांग यात्रियों के अनुकूल सुविधाएं शामिल हैं। फास्ट चार्जिंग पॉइंट और पैंट्री कार जैसी व्यवस्थाएं लंबी दूरी की यात्रा को और अधिक सहज बनाती हैं।
आम यात्रियों की जरूरतों को केंद्र में रखकर तैयार की गई अमृत भारत एक्सप्रेस यह स्पष्ट संदेश देती है कि आधुनिक डिजाइन, भरोसेमंद संचालन और बेहतर सुविधाएं किफायती किराए पर भी संभव हैं। नॉन-एसी लंबी दूरी की यात्रा को नए सिरे से परिभाषित करते हुए, ये ट्रेनें समावेशी और यात्री-केंद्रित रेल आधुनिकीकरण की मिसाल पेश करती हैं।
अमृत भारत एक्सप्रेस दरअसल उस भविष्य-उन्मुख रेलवे प्रणाली का संकेत है, जहां बेहतर डिजाइन, स्वदेशी तकनीक और कुशल परिचालन मिलकर सभी वर्गों के लिए सुरक्षित, आरामदायक और भरोसेमंद रेल यात्रा को एक नया राष्ट्रीय मानक प्रदान करते हैं।
The News Grit, 15/01/2026


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