Skip to main content

बिजली चोरी के लंबित प्रकरणों के निपटारे का मौका, 14 मार्च को लगेगी लोक अदालत!!

सह्याद्रि बना ड्रग्स का अड्डा, डीआरआई ने चेकमेट किया नेटवर्क: 22 किलो मेफेड्रोन बरामद!!

सह्याद्रि पर्वतमाला के दुर्गम और घने इलाकों में छिपाकर चलाए जा रहे नशे के एक बड़े नेटवर्क का राजस्व आसूचना निदेशालय ने पर्दाफाश किया है। पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर डीआरआई ने ‘ऑपरेशन सह्याद्रि चेकमेट’ के तहत एक गुप्त, मोबाइल मेफेड्रोन (एनडीपीएस पदार्थ) निर्माण प्रयोगशाला को नष्ट करते हुए करीब 22 किलोग्राम मेफेड्रोन जब्त किया है। इस कार्रवाई में कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

मुर्गी फार्म की आड़ में चल रही थी मोबाइल ड्रग फैक्ट्री

जांच में सामने आया कि यह अवैध प्रयोगशाला इस तरह डिजाइन की गई थी कि वह बार-बार अपना स्थान बदल सके और कानून एजेंसियों की पकड़ से बची रहे। निगरानी के दौरान डीआरआई को एक मुर्गी फार्म की आड़ में संचालित गुप्त मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का पता चला। 24 जनवरी 2026 को चलाए गए बड़े ऑपरेशन में अधिकारियों ने ऐसी अस्थायी लेकिन पूरी तरह चालू मोबाइल लैब का भंडाफोड़ किया, जिसमें मेफेड्रोन के निर्माण से जुड़े उपकरण मौजूद थे।

21.912 किलोग्राम मेफेड्रोन जब्त, बाजार कीमत ₹55 करोड़

डीआरआई ने अलग-अलग रूपों में कुल 21.912 किलोग्राम मेफेड्रोन जब्त किया। इसमें

·         11.848 किलोग्राम तरल रूप में,

·         9.326 किलोग्राम अर्ध-तरल रूप में

·         और 738 ग्राम क्रिस्टल रूप में शामिल है।

इसके अलावा, लगभग 15 किलोग्राम तैयार एनडीपीएस पदार्थ बनाने के लिए तैयार 71.5 किलोग्राम कच्चा माल भी जब्त किया गया। अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए मादक पदार्थ की अवैध अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब ₹55 करोड़ है।

फाइनेंसर से ‘कुक’ तक, संगठित नेटवर्क का खुलासा

प्रारंभिक कार्रवाई में डीआरआई ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें

·         मेफेड्रोन निर्माण में शामिल ‘कुक’,

·         इस अवैध कारोबार का फाइनेंसर-कंसाइनर,

·         और मुर्गी फार्म का मालिक शामिल है।

जांच में यह भी सामने आया कि तैयार एनडीपीएस की पहली खेप को पोल्ट्री फार्म मालिक के घर में छिपाकर रखा गया था, ताकि उसे सुरक्षित रखा जा सके।

घने जंगल में देर रात कार्रवाई, दो और आरोपी दबोचे

इसके बाद की कार्रवाई में डीआरआई अधिकारियों ने घने जंगल में स्थित एक पुराने ऑक्ट्रॉय टोल नाके के पास देर रात निगरानी की। यहां से अंतिम उत्पाद लेने पहुंचे दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिससे पूरे नेटवर्क की एक अहम कड़ी उजागर हुई।

चार आरोपी पहले से आपराधिक रिकॉर्ड वाले

यह ध्यान देने योग्य है कि गिरफ्तार किए गए पांच लोगों में से चार पहले भी अपराध कर चुके हैं, जिन्हें एनडीपीएस अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया जा चुका है या एमसीओसीए, 1999 जैसे गंभीर कानूनों के तहत उन पर मुकदमा चलाया जा रहा है।

राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ी सफलता

डीआरआई की यह कार्रवाई संगठित मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। यह अभियान न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करता है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य, कानून-व्यवस्था और आर्थिक स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बनने वाले ड्रग नेटवर्क पर भी करारा प्रहार है। अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे अभियानों के जरिए डीआरआई देशभर में नशे के अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार सतर्क और प्रतिबद्ध है।

The News Grit, 27/01/2026

Comments

Popular posts from this blog

प्रोजेक्ट आरोहण: NHAI की नई योजना, लेकिन किसके लिए?

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ( NHAI) ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल करते हुए टोल प्लाज़ा कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा और करियर निर्माण के लिए ‘प्रोजेक्ट आरोहण’ की शुरुआत की है। इस योजना का शुभारंभ एनएचएआई के अध्यक्ष श्री संतोष कुमार यादव ने नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में किया। इस अवसर पर वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के कार्यकारी निदेशक एवं संयुक्त सीईओ डॉ. जफर खान और एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। शिक्षा तक समान पहुँच देने का प्रयास एनएचएआई ने वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के साथ मिलकर यह योजना शुरू की है , जिसका मकसद टोल प्लाज़ा कर्मचारियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इस पहल का उद्देश्य वित्तीय बाधाओं को दूर करना , सामाजिक-आर्थिक भेदों को कम करना और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों , जिनमें निम्न-आय वाले परिवारों की लड़कियाँ , पहली पीढ़ी के शिक्षार्थी तथा अनुसूचित जाति , अनुसूचित जनजाति , अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र शामिल हैं , के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुँच प्रदान करना है। एनएचएआई का मानना है कि शिक्षा ही वह साध...

अमेरिका ने भारतीय आयात पर 50% टैरिफ लगाया, लाखों नौकरियों पर संकट!!

अमेरिका ने बुधवार से भारत से आने वाले अधिकांश आयातित उत्पादों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लागू कर दिया है। यह कदम अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा ( CBP) द्वारा जारी नोटिस के बाद प्रभावी हुआ , जिसमें कहा गया था कि यह आदेश राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 6 अगस्त 2025 के कार्यकारी आदेश 14329 के तहत लागू किया जा रहा है। इस आदेश का शीर्षक था – “रूसी संघ की सरकार द्वारा संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए खतरों को संबोधित करना।” किन उत्पादों पर लागू और किन्हें छूट सीबीपी के अनुसार , यह शुल्क उन सभी भारतीय वस्तुओं पर लागू होगा जो अमेरिका में उपभोग के लिए आयातित की जाती हैं। हालांकि , लोहा , इस्पात , एल्युमीनियम , वाहन , तांबा और इनके कुछ व्युत्पन्न उत्पादों को इस अतिरिक्त ड्यूटी से बाहर रखा गया है। वहीं , अमेरिकी बाजार में भारत के करीब 30.2% निर्यात (लगभग 27.6 अरब डॉलर) को शुल्क मुक्त प्रवेश मिलता रहेगा। इसमें फार्मा ( 12.7 अरब डॉलर) , इलेक्ट्रॉनिक्स ( 8.18 अरब डॉलर) , रिफाइंड लाइट ऑयल और एविएशन टरबाइन फ्यूल ( 3.29 अरब डॉलर) , पुस्तकें और ब्रोशर ( 165.9 मिलियन डॉलर) तथा प्लास्टिक ( 155.1 मिलियन...

बढ़ते एशिया को रोकने में कोरियाई उपमहाद्वीप की उथल पुथल के भरोसे अमरीकी थिंकटैंक!!

आधुनिक वित्तीय और आर्थिक प्रणाली औपनिवेशिक यूरोप और नवऔपनिवेशिक अमरीकी आधिपत्य की देन है। किंतु 21 वीं सदी आते-आते एशिया की नई उभरती अर्थव्यवस्थाओं चीन , भारत , जापान , कोरिया , वियतनाम , इंडोनेशिया आदि ने यह साबित कर दिया कि यह सदी एशिया की है। यही कारण है कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एशिया में बढ़ते प्रभाव और असंतुलन को देखते हुए लगातार तनावपूर्ण बयानबाज़ी कर रहे हैं। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग से उनकी हालिया मुलाक़ात इसी पृष्ठभूमि में बेहद महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है। शांति की पहल और ट्रम्प टॉवर का सपना व्हाइट हाउस में हुई मुलाक़ात के दौरान दोनों नेताओं ने उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन से संवाद स्थापित करने की इच्छा जताई। ली ने कहा कि यदि विभाजित कोरिया में शांति स्थापित हो जाती है तो यह ऐतिहासिक होगा। उन्होंने व्यंग्य और संकेत दोनों में जोड़ा कि “आप (ट्रम्प) उत्तर कोरिया में ट्रम्प टॉवर बना सकते हैं , जहाँ मैं आकर गोल्फ़ खेलूँगा।” ट्रम्प ने भी पुरानी मित्रता याद दिलाई और कहा कि वे किम जोंग उन से पहले ही तीन बार मिल चुके हैं और भविष्य में दोबारा मिलन...