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अंधविश्वास और तर्कशीलता पर हुआ गवेषणा संवाद, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट महिलाओं का सम्मान

सह्याद्रि बना ड्रग्स का अड्डा, डीआरआई ने चेकमेट किया नेटवर्क: 22 किलो मेफेड्रोन बरामद!!

सह्याद्रि पर्वतमाला के दुर्गम और घने इलाकों में छिपाकर चलाए जा रहे नशे के एक बड़े नेटवर्क का राजस्व आसूचना निदेशालय ने पर्दाफाश किया है। पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर डीआरआई ने ‘ऑपरेशन सह्याद्रि चेकमेट’ के तहत एक गुप्त, मोबाइल मेफेड्रोन (एनडीपीएस पदार्थ) निर्माण प्रयोगशाला को नष्ट करते हुए करीब 22 किलोग्राम मेफेड्रोन जब्त किया है। इस कार्रवाई में कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

मुर्गी फार्म की आड़ में चल रही थी मोबाइल ड्रग फैक्ट्री

जांच में सामने आया कि यह अवैध प्रयोगशाला इस तरह डिजाइन की गई थी कि वह बार-बार अपना स्थान बदल सके और कानून एजेंसियों की पकड़ से बची रहे। निगरानी के दौरान डीआरआई को एक मुर्गी फार्म की आड़ में संचालित गुप्त मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का पता चला। 24 जनवरी 2026 को चलाए गए बड़े ऑपरेशन में अधिकारियों ने ऐसी अस्थायी लेकिन पूरी तरह चालू मोबाइल लैब का भंडाफोड़ किया, जिसमें मेफेड्रोन के निर्माण से जुड़े उपकरण मौजूद थे।

21.912 किलोग्राम मेफेड्रोन जब्त, बाजार कीमत ₹55 करोड़

डीआरआई ने अलग-अलग रूपों में कुल 21.912 किलोग्राम मेफेड्रोन जब्त किया। इसमें

·         11.848 किलोग्राम तरल रूप में,

·         9.326 किलोग्राम अर्ध-तरल रूप में

·         और 738 ग्राम क्रिस्टल रूप में शामिल है।

इसके अलावा, लगभग 15 किलोग्राम तैयार एनडीपीएस पदार्थ बनाने के लिए तैयार 71.5 किलोग्राम कच्चा माल भी जब्त किया गया। अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए मादक पदार्थ की अवैध अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब ₹55 करोड़ है।

फाइनेंसर से ‘कुक’ तक, संगठित नेटवर्क का खुलासा

प्रारंभिक कार्रवाई में डीआरआई ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें

·         मेफेड्रोन निर्माण में शामिल ‘कुक’,

·         इस अवैध कारोबार का फाइनेंसर-कंसाइनर,

·         और मुर्गी फार्म का मालिक शामिल है।

जांच में यह भी सामने आया कि तैयार एनडीपीएस की पहली खेप को पोल्ट्री फार्म मालिक के घर में छिपाकर रखा गया था, ताकि उसे सुरक्षित रखा जा सके।

घने जंगल में देर रात कार्रवाई, दो और आरोपी दबोचे

इसके बाद की कार्रवाई में डीआरआई अधिकारियों ने घने जंगल में स्थित एक पुराने ऑक्ट्रॉय टोल नाके के पास देर रात निगरानी की। यहां से अंतिम उत्पाद लेने पहुंचे दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिससे पूरे नेटवर्क की एक अहम कड़ी उजागर हुई।

चार आरोपी पहले से आपराधिक रिकॉर्ड वाले

यह ध्यान देने योग्य है कि गिरफ्तार किए गए पांच लोगों में से चार पहले भी अपराध कर चुके हैं, जिन्हें एनडीपीएस अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया जा चुका है या एमसीओसीए, 1999 जैसे गंभीर कानूनों के तहत उन पर मुकदमा चलाया जा रहा है।

राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ी सफलता

डीआरआई की यह कार्रवाई संगठित मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। यह अभियान न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करता है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य, कानून-व्यवस्था और आर्थिक स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बनने वाले ड्रग नेटवर्क पर भी करारा प्रहार है। अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे अभियानों के जरिए डीआरआई देशभर में नशे के अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार सतर्क और प्रतिबद्ध है।

The News Grit, 27/01/2026

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