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अंधविश्वास और तर्कशीलता पर हुआ गवेषणा संवाद, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट महिलाओं का सम्मान

भारतीय रेलवे का बड़ा तकनीकी कदम: विशाखापत्तनम रेलवे स्टेशन पर तैनात हुआ ह्यूमनॉइड रोबोट ‘एएससी अर्जुन’!!

स्वदेशी नवाचार और आधुनिक तकनीक के समन्वय का एक महत्‍वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत करते हुए, भारतीय रेलवे ने अपने नेटवर्क में पहली बार विशाखापत्तनम रेलवे स्टेशन पर ह्यूमनॉइड रोबोट ‘एएससी अर्जुन’ को तैनात किया है। यह पहल यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को सुदृढ़ करने के साथ-साथ स्टेशन संचालन को और अधिक स्मार्ट व प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यह पहल जनसुविधा और सुरक्षा के लिए नई और उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने की भारतीय रेलवे की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। ‘एएससी अर्जुन’ विशेष रूप से यात्रियों की आवाजाही के सबसे व्यस्त समय में स्टेशन संचालन को सुचारु बनाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के कर्मियों के साथ मिलकर कार्य करेगा।

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ अनावरण

इस अत्याधुनिक ह्यूमनॉइड रोबोट का अनावरण इंस्पेक्टर जनरल (आरपीएफ) आलोक बोहरा और संभागीय रेलवे प्रबंधक ललित बोहरा द्वारा किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ संभागीय सुरक्षा कमांडेंट (आरपीएफ) ए.के. दुबे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान भारतीय रेलवे द्वारा नवाचार-आधारित समाधानों और स्वदेशी विकास पर विशेष जोर दिया गया।

पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित

एएससी अर्जुन’ को विशाखापत्तनम में पूरी तरह स्वदेशी तकनीक का उपयोग करते हुए डिजाइन और विकसित किया गया है। इस परियोजना को सफल बनाने के लिए एक समर्पित टीम ने एक वर्ष से अधिक समय तक लगातार कार्य किया। यह उपलब्धि दैनिक रेलवे कार्यों में उन्नत तकनीकी प्रणालियों को एकीकृत करने की भारतीय रेलवे की बढ़ती क्षमताओं को दर्शाती है।

एआई आधारित सुरक्षा और निगरानी प्रणाली

यह ह्यूमनॉइड रोबोट कई अत्याधुनिक तकनीकी क्षमताओं से लैस है। इसमें फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS) के माध्यम से घुसपैठ का पता लगाने की सुविधा है। इसके साथ ही यह एआई-आधारित भीड़ निगरानी कर सकता है और किसी भी संदिग्ध या आपात स्थिति में आरपीएफ नियंत्रण कक्ष को वास्तविक समय में अलर्ट भेजता है।

तीन भाषाओं में सार्वजनिक घोषणाएं

एएससी अर्जुन’ यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अंग्रेजी, हिंदी और तेलुगु भाषाओं में स्वचालित सार्वजनिक घोषणाएं करने में सक्षम है। इससे यात्रियों को आवश्यक जानकारी समय पर मिलती है और सुरक्षा संबंधी मामलों में जागरूकता भी बढ़ती है।

24×7 गश्त और आपात प्रतिक्रिया में सक्षम

पूर्वनिर्धारित मार्गों पर आंशिक रूप से स्वायत्त नेविगेशन और बाधाओं से बचने की क्षमता के साथ यह रोबोट चौबीसों घंटे प्लेटफार्मों पर गश्त कर सकता है। इससे प्रभावी निगरानी सुनिश्चित होती है और मानव संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव हो पाता है। आपात स्थितियों से निपटने के लिए इसमें आग और धुएं का पता लगाने वाली उन्नत प्रणालियां भी लगाई गई हैं, जिससे समय रहते कार्रवाई की जा सकती है।

यात्री-अनुकूल और संवादक्षम डिजाइन

यात्रियों के साथ सहज संवाद को ध्यान में रखते हुए ‘एएससी अर्जुन’ को विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। यह यात्रियों का ‘नमस्ते’ के साथ स्वागत करता है और आरपीएफ कर्मियों को सलामी देता है। इसके साथ ही सूचना और सहायता के लिए इसमें उपयोग में आसान इंटरफ़ेस उपलब्ध कराया गया है, जिससे यात्रियों को तुरंत मदद मिल सके।

तकनीक से सुरक्षित और स्मार्ट रेलवे की ओर

भारतीय रेलवे देशभर में एक सुरक्षित, स्मार्ट और यात्री-अनुकूल रेलवे वातावरण बनाने के लिए तकनीक और स्वदेशी नवाचार का निरंतर लाभ उठा रहा है। विशाखापत्तनम रेलवे स्टेशन पर ‘एएससी अर्जुन’ की तैनाती इस दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है, जो भविष्य में रेलवे सुरक्षा और सेवाओं के स्वरूप को नई पहचान दे सकती है।

The News Grit, 24/01/2026

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