Skip to main content

बिजली चोरी के लंबित प्रकरणों के निपटारे का मौका, 14 मार्च को लगेगी लोक अदालत!!

"डॉ. हरिसिंह गौर की 155वीं जयंती पर आज सागर में भव्य गौर गौरव यात्रा, 6.5 किलोमीटर लंबी गेंदे के फूलों की माला अर्पित, डॉ. गौर को भारत रत्न दिलाने का संकल्प"!!

 "डॉ. हरिसिंह गौर की 155वीं जयंती पर आज सागर में भव्य गौर गौरव यात्रा, 6.5 किलोमीटर लंबी गेंदे के फूलों की माला अर्पित, डॉ. गौर को भारत रत्न दिलाने का संकल्प"

आज, 25 नवंबर 2024 को, सागर में डॉ. हरिसिंह गौर की 155वीं जयंती के अवसर पर एक ऐतिहासिक आयोजन हुआ। "दैनिक भास्कर" की पहल पर आयोजित गौर गौरव यात्रा में हजारों लोगों ने भाग लिया। यात्रा सुबह 7 बजे तीन बत्ती, कटरा सागर  से शुरू होकर डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय स्थित गौर मूर्ति तक पहुँची। इस यात्रा का मुख्य आकर्षण 6.5 किलोमीटर लंबी गेंदे के फूलों की माला थी, जिसे डॉ. गौर की प्रतिमा पर अर्पित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान, स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों और समाजसेवियों ने डॉ. हरिसिंह गौर के योगदान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एक संकल्प लिया कि वे डॉ. गौर को भारत रत्न दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। यह संकल्प डॉ. गौर के शिक्षा और समाज सुधार के क्षेत्र में किए गए अद्वितीय कार्यों के प्रति सम्मान और उनकी महानता को स्वीकार करने का प्रतीक था।

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य डॉ. गौर के योगदान को जन-जन तक पहुँचाना था, जिन्होंने भारतीय शिक्षा और समाज सुधार के क्षेत्र में अनमोल योगदान दिया। यात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, विद्यार्थी, और समाजसेवी शामिल हुए, जिन्होंने डॉ. गौर के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की।

इस आयोजन को सफल बनाने में डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय, बीटीआईआरटी संस्थान, दैनिक भास्कर और कल्पधाम ग्रुप सहित कई संस्थाओं का योगदान रहा। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि शिक्षा का समाज और देश के निर्माण में अत्यधिक महत्व है, और डॉ. गौर का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

यह गौर गौरव यात्रा न केवल डॉ. गौर की स्मृति को जीवित रखेगी, बल्कि समाज को उनके योगदान और विचारों से प्रेरणा लेने का भी एक अहम अवसर प्रदान करेगी। साथ ही, इस संकल्प ने डॉ. गौर को भारत रत्न दिलाने की दिशा में एक नया कदम रखा है।

YouTube Video Link :- https://youtu.be/LhrWIXyAXfE 

-The News Grit, 25/11/2024

Comments

Popular posts from this blog

प्रोजेक्ट आरोहण: NHAI की नई योजना, लेकिन किसके लिए?

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ( NHAI) ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल करते हुए टोल प्लाज़ा कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा और करियर निर्माण के लिए ‘प्रोजेक्ट आरोहण’ की शुरुआत की है। इस योजना का शुभारंभ एनएचएआई के अध्यक्ष श्री संतोष कुमार यादव ने नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में किया। इस अवसर पर वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के कार्यकारी निदेशक एवं संयुक्त सीईओ डॉ. जफर खान और एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। शिक्षा तक समान पहुँच देने का प्रयास एनएचएआई ने वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के साथ मिलकर यह योजना शुरू की है , जिसका मकसद टोल प्लाज़ा कर्मचारियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इस पहल का उद्देश्य वित्तीय बाधाओं को दूर करना , सामाजिक-आर्थिक भेदों को कम करना और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों , जिनमें निम्न-आय वाले परिवारों की लड़कियाँ , पहली पीढ़ी के शिक्षार्थी तथा अनुसूचित जाति , अनुसूचित जनजाति , अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र शामिल हैं , के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुँच प्रदान करना है। एनएचएआई का मानना है कि शिक्षा ही वह साध...

अमेरिका ने भारतीय आयात पर 50% टैरिफ लगाया, लाखों नौकरियों पर संकट!!

अमेरिका ने बुधवार से भारत से आने वाले अधिकांश आयातित उत्पादों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लागू कर दिया है। यह कदम अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा ( CBP) द्वारा जारी नोटिस के बाद प्रभावी हुआ , जिसमें कहा गया था कि यह आदेश राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 6 अगस्त 2025 के कार्यकारी आदेश 14329 के तहत लागू किया जा रहा है। इस आदेश का शीर्षक था – “रूसी संघ की सरकार द्वारा संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए खतरों को संबोधित करना।” किन उत्पादों पर लागू और किन्हें छूट सीबीपी के अनुसार , यह शुल्क उन सभी भारतीय वस्तुओं पर लागू होगा जो अमेरिका में उपभोग के लिए आयातित की जाती हैं। हालांकि , लोहा , इस्पात , एल्युमीनियम , वाहन , तांबा और इनके कुछ व्युत्पन्न उत्पादों को इस अतिरिक्त ड्यूटी से बाहर रखा गया है। वहीं , अमेरिकी बाजार में भारत के करीब 30.2% निर्यात (लगभग 27.6 अरब डॉलर) को शुल्क मुक्त प्रवेश मिलता रहेगा। इसमें फार्मा ( 12.7 अरब डॉलर) , इलेक्ट्रॉनिक्स ( 8.18 अरब डॉलर) , रिफाइंड लाइट ऑयल और एविएशन टरबाइन फ्यूल ( 3.29 अरब डॉलर) , पुस्तकें और ब्रोशर ( 165.9 मिलियन डॉलर) तथा प्लास्टिक ( 155.1 मिलियन...

बढ़ते एशिया को रोकने में कोरियाई उपमहाद्वीप की उथल पुथल के भरोसे अमरीकी थिंकटैंक!!

आधुनिक वित्तीय और आर्थिक प्रणाली औपनिवेशिक यूरोप और नवऔपनिवेशिक अमरीकी आधिपत्य की देन है। किंतु 21 वीं सदी आते-आते एशिया की नई उभरती अर्थव्यवस्थाओं चीन , भारत , जापान , कोरिया , वियतनाम , इंडोनेशिया आदि ने यह साबित कर दिया कि यह सदी एशिया की है। यही कारण है कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एशिया में बढ़ते प्रभाव और असंतुलन को देखते हुए लगातार तनावपूर्ण बयानबाज़ी कर रहे हैं। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग से उनकी हालिया मुलाक़ात इसी पृष्ठभूमि में बेहद महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है। शांति की पहल और ट्रम्प टॉवर का सपना व्हाइट हाउस में हुई मुलाक़ात के दौरान दोनों नेताओं ने उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन से संवाद स्थापित करने की इच्छा जताई। ली ने कहा कि यदि विभाजित कोरिया में शांति स्थापित हो जाती है तो यह ऐतिहासिक होगा। उन्होंने व्यंग्य और संकेत दोनों में जोड़ा कि “आप (ट्रम्प) उत्तर कोरिया में ट्रम्प टॉवर बना सकते हैं , जहाँ मैं आकर गोल्फ़ खेलूँगा।” ट्रम्प ने भी पुरानी मित्रता याद दिलाई और कहा कि वे किम जोंग उन से पहले ही तीन बार मिल चुके हैं और भविष्य में दोबारा मिलन...