Skip to main content

अंधविश्वास और तर्कशीलता पर हुआ गवेषणा संवाद, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट महिलाओं का सम्मान

राष्ट्रीय गणित दिवस के उपलक्ष्य में रानी दुर्गावती शासकीय महाविद्यालय परसवाड़ा में आयोजित कार्यक्रम!!

राष्ट्रीय गणित दिवस के उपलक्ष्य में रानी दुर्गावती शासकीय महाविद्यालय परसवाड़ा में आयोजित कार्यक्रम

श्रीनिवास रामानुजन के योगदानों को किया गया याद, विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़ कर लिया हिस्सा!!

रानी दुर्गावती शासकीय महाविद्यालय परसवाड़ा में 19 दिसंबर 2024 को राष्ट्रीय गणित दिवस (22 दिसंबर) के उपलक्ष्य में एक भव्य और महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रसिद्ध गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन के गणित के क्षेत्र में अद्वितीय योगदानों को श्रद्धांजलि अर्पित करना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ एल एल घोरमारे ने की।


कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चरणों में पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलन कर की गई, जिससे वातावरण में एक दिव्य और ज्ञानपूर्ण ऊर्जा का संचार हुआ। इस कार्यक्रम को मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् (MPCST) और राष्ट्रीय विज्ञान संचार एवं प्रौद्योगिकी परिषद् (NCSTC) द्वारा प्रायोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को गणित की सुंदरता और श्रीनिवास रामानुजन के योगदानों से परिचित कराने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। 


इनमें रंगोली, प्रश्न मंच, पोस्टर प्रस्तुतिकरण, मॉडल प्रदर्शन और भाषण जैसी प्रतियोगिताएं शामिल थीं, जिनमें विद्यार्थियों ने उत्साह से भाग लिया।


कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ एल एल घोरमारे और IQAC इंचार्ज डॉ ए के वैद्य ने गणित के महत्व पर अपने विचार रखे और विद्यार्थियों को ज्ञानवर्धक तथ्यों से अवगत कराया। कार्यक्रम की आयोजक डॉ जयश्री सूर्यवंशी ने रामानुजन के जीवन पर एक संक्षिप्त उद्बोधन दिया, जिसमें उनके गणित के क्षेत्र में किए गए अद्वितीय योगदानों की चर्चा की गई।मंच का संचालन श्री डी सी राठौर, विभागाध्यक्ष गणित, और डॉ श्रुति गौतम, सह-अध्यापक, वनस्पति शास्त्र ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी शिक्षकगण, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित थे, जिनकी गरिमामय उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

आज 20 दिसंबर को महाविद्यालय में गणित पर एक विशेष व्याख्यान आयोजित किया जाएगा, जिसमें विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर प्रवीण श्रीवास्तव, प्राचार्य, शासकीय एस एस पी महाविद्यालय, वारासिवनी और श्री जयंत खांडवे, प्राचार्य, शासकीय कन्या शिक्षा परिसर, परसवाड़ा उपस्थित होंगे।इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में गणित के प्रति एक नया उत्साह और सम्मान उत्पन्न किया और श्रीनिवास रामानुजन के योगदानों को याद करने का यह अवसर उनके जीवन और कार्यों को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्त्रोत बनाने में सहायक होगा।

- The News Grit, 19/12/2024


Comments

Popular posts from this blog

गवेषणा समिति ने जरूरतमंद बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें भेंट की

सागर बड़तूमा , 04 दिसंबर 2025: गवेषणा मानवोत्थान पर्यावरण तथा स्वास्थ्य जागरूकता समिति के सेवा प्रकल्प के अंतर्गत आज शासकीय अनुसूचित जाति महाविद्यालय कन्या छात्रावास और शासकीय अनुसूचित जाति सीनियर एवं जूनियर कन्या छात्रावास , बड़तूमा में जरूरतमंद बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें भेंट की गईं। इस अवसर पर बच्चों ने गवेषणा समिति और उनके सहयोगियों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। छात्रावास अधीक्षक , मैडम स्वाति ने डॉ. चंदन सिंह और संस्था के योगदान की सराहना की। उन्होंने बच्चों को जिज्ञासा लाइब्रेरी का दौरा करने के लिए आमंत्रित किया , जिससे उन्हें अध्ययन और ज्ञानवर्धन का अवसर मिलेगा। इस कार्यक्रम में गवेषणा समिति से डॉ. तरुण साहू और सोनू चौरसिया उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना और उनकी पढ़ाई में मदद करना था। गवेषणा समिति ऐसी पहल लगातार कर रही है , जिसमें केवल शिक्षा ही नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण , मानव गरिमा के संवर्धन और अंगदान जैसी अन्य महत्वपूर्ण सामाजिक गतिविधियाँ भी शामिल हैं। इस तरह की पहलों से बच्चों...

अंधविश्वास और तर्कशीलता पर हुआ गवेषणा संवाद, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट महिलाओं का सम्मान

सागर। गवेषणा मानवोत्थान , पर्यावरण तथा स्वास्थ्य जागरूकता समिति द्वारा “अंधविश्वास बनाम तर्कशीलता : भारतीय और अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य” विषय पर एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। राजघाट रोड तिली स्थित एक होटल के सभागार में हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी , सामाजिक कार्यकर्ता और शहर के नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में तर्कशील समिति से जुड़े डॉ. बलविंदर बरनाला मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में समाज में प्रचलित अनेक अंधविश्वासों की चर्चा करते हुए तर्क , वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अनुभवजन्य प्रमाणों के माध्यम से उन्हें चुनौती दी। उन्होंने कहा कि समाज में जागरूकता और वैज्ञानिक सोच का विकास ही अंधविश्वासों को समाप्त करने का सबसे प्रभावी तरीका है। संवाद के दौरान उन्होंने उपस्थित श्रोताओं से प्रश्न आमंत्रित किए और उनके समाधान भी प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में विषय प्रवर्तन डॉ. राजेश गौतम और डॉ. सुनील साहू ने किया। संवाद के दूसरे सत्र ...

आधार अपडेट शुल्क में वृद्धि: घर पर सेवा के लिए ₹700 तक शुल्क लागू!!

भारत सरकार के Unique Identification Authority of India (UIDAI) ने 19 सितंबर 2025 को एक नया Office Memorandum जारी किया है , जिसमें आधार सेवाओं के लिए शुल्क संरचना में बदलाव की घोषणा की गई है। यह बदलाव 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी होंगे और 30 सितंबर 2028 तक लागू रहेंगे। घर पर आधार सेवा शुल्क UIDAI ने घर पर आधार सेवा के लिए ₹700 (GST सहित) शुल्क निर्धारित किया है। यदि एक ही पते पर एक से अधिक निवासी इस सेवा का लाभ उठाते हैं , तो पहले निवासी से ₹700 लिया जाएगा , जबकि प्रत्येक अतिरिक्त निवासी से ₹350 लिया जाएगा। यह शुल्क सामान्य डेमोग्राफिक या बायोमेट्रिक अपडेट शुल्क के अतिरिक्त होगा। अन्य प्रमुख अपडेट शुल्क UIDAI द्वारा जारी नई फीस संरचना के तहत आधार अपडेट की विभिन्न सेवाओं के लिए शुल्क इस प्रकार निर्धारित किए गए हैं। 0 से 5 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए आधार जनरेशन मुफ्त रहेगा , वहीं 5 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए भी आधार जनरेशन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट , जो 5 से 7 वर्ष और 15 से 17 वर्ष की आयु के लिए जरूरी है , उसके लिए भी कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा...