Skip to main content

अंधविश्वास और तर्कशीलता पर हुआ गवेषणा संवाद, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट महिलाओं का सम्मान

कलेक्टर के निर्देश पर सागर जिले में मेडिकल स्टोर्स पर कार्रवाई, तीन लाइसेंस निलंबित!!

सागर जिले में औषधि दुकानों पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है, जो कलेक्टर श्री संदीप जी आर के निर्देश पर जिला औषधि विभाग द्वारा की जा रही है। हाल ही में, तीन मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं, जिनमें नियमों का उल्लंघन पाया गया था। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य जनता को गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराना और स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है।


जिला अनुज्ञप्ति अधिकारी श्री प्रीतस्वरूप और औषधि निरीक्षक श्री मनीष सुमन द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में औषधि दुकानों की निरीक्षण प्रक्रिया लगातार जारी है। हाल ही में, जिले में 43 औषधि दुकानों का निरीक्षण किया गया, जिनमें से तीन मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निलंबित किए गए। इसके अलावा, आठ मेडिकल स्टोर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जबकि पांच स्टोर्स को चेतावनी दी गई।

जिला अनुज्ञप्ति अधिकारी ने बताया कि कार्रवाई के दौरान 15 औषधि नमूनों को जांच और विश्लेषण के लिए लिया गया है। जिन मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निलंबित किए गए, उनमें सिंघई मेडिकल स्टोर (जबलपुर रोड, नेहा नगर, मकरोनिया सागर), मेसर्स माही मेडिको (बण्डा, जिला सागर), और मेसर्स आदि मेडिकल स्टोर (बण्डा, जिला सागर) शामिल हैं।


इसके साथ ही, जिन दुकानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, उनमें अश्विन केमिस्ट (दीनदयाल नगर मकरोनिया सागर), चिरायु मेडिकल स्टोर (खुरई रोड सागर), अरिहंत मेडिकल स्टोर (विद्या सागर नगर सागर), और कई अन्य दुकानें शामिल हैं। इन दुकानों के खिलाफ जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, जिन दुकानों को चेतावनी दी गई है, उनमें गनेश मेडिको, गुरूवर मेडिको, महावीर मेडिकल, आजाद फार्मा, और ओजस एजेंसी जैसी दुकानों का नाम है।

कलेक्टर श्री संदीप जी आर के निर्देश के अनुसार, जिले में चल रहे सभी औषधि दुकानों पर कार्रवाई जारी रहेगी और अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर सील भी किया जाएगा। इस प्रकार की कार्रवाई से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जिले के नागरिकों को केवल गुणवत्तापूर्ण और प्रमाणिक दवाइयां ही उपलब्ध हों।

इस कार्रवाई के जरिए यह संदेश भी दिया जा रहा है कि सागर जिले में किसी भी प्रकार की अनियमितता और धोखाधड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हर किसी को उच्च मानक का पालन करना होगा।

- The News Grit, 06/12/2024

Comments

Popular posts from this blog

गवेषणा समिति ने जरूरतमंद बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें भेंट की

सागर बड़तूमा , 04 दिसंबर 2025: गवेषणा मानवोत्थान पर्यावरण तथा स्वास्थ्य जागरूकता समिति के सेवा प्रकल्प के अंतर्गत आज शासकीय अनुसूचित जाति महाविद्यालय कन्या छात्रावास और शासकीय अनुसूचित जाति सीनियर एवं जूनियर कन्या छात्रावास , बड़तूमा में जरूरतमंद बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें भेंट की गईं। इस अवसर पर बच्चों ने गवेषणा समिति और उनके सहयोगियों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। छात्रावास अधीक्षक , मैडम स्वाति ने डॉ. चंदन सिंह और संस्था के योगदान की सराहना की। उन्होंने बच्चों को जिज्ञासा लाइब्रेरी का दौरा करने के लिए आमंत्रित किया , जिससे उन्हें अध्ययन और ज्ञानवर्धन का अवसर मिलेगा। इस कार्यक्रम में गवेषणा समिति से डॉ. तरुण साहू और सोनू चौरसिया उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना और उनकी पढ़ाई में मदद करना था। गवेषणा समिति ऐसी पहल लगातार कर रही है , जिसमें केवल शिक्षा ही नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण , मानव गरिमा के संवर्धन और अंगदान जैसी अन्य महत्वपूर्ण सामाजिक गतिविधियाँ भी शामिल हैं। इस तरह की पहलों से बच्चों...

अंधविश्वास और तर्कशीलता पर हुआ गवेषणा संवाद, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट महिलाओं का सम्मान

सागर। गवेषणा मानवोत्थान , पर्यावरण तथा स्वास्थ्य जागरूकता समिति द्वारा “अंधविश्वास बनाम तर्कशीलता : भारतीय और अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य” विषय पर एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। राजघाट रोड तिली स्थित एक होटल के सभागार में हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी , सामाजिक कार्यकर्ता और शहर के नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में तर्कशील समिति से जुड़े डॉ. बलविंदर बरनाला मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में समाज में प्रचलित अनेक अंधविश्वासों की चर्चा करते हुए तर्क , वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अनुभवजन्य प्रमाणों के माध्यम से उन्हें चुनौती दी। उन्होंने कहा कि समाज में जागरूकता और वैज्ञानिक सोच का विकास ही अंधविश्वासों को समाप्त करने का सबसे प्रभावी तरीका है। संवाद के दौरान उन्होंने उपस्थित श्रोताओं से प्रश्न आमंत्रित किए और उनके समाधान भी प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में विषय प्रवर्तन डॉ. राजेश गौतम और डॉ. सुनील साहू ने किया। संवाद के दूसरे सत्र ...

आधार अपडेट शुल्क में वृद्धि: घर पर सेवा के लिए ₹700 तक शुल्क लागू!!

भारत सरकार के Unique Identification Authority of India (UIDAI) ने 19 सितंबर 2025 को एक नया Office Memorandum जारी किया है , जिसमें आधार सेवाओं के लिए शुल्क संरचना में बदलाव की घोषणा की गई है। यह बदलाव 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी होंगे और 30 सितंबर 2028 तक लागू रहेंगे। घर पर आधार सेवा शुल्क UIDAI ने घर पर आधार सेवा के लिए ₹700 (GST सहित) शुल्क निर्धारित किया है। यदि एक ही पते पर एक से अधिक निवासी इस सेवा का लाभ उठाते हैं , तो पहले निवासी से ₹700 लिया जाएगा , जबकि प्रत्येक अतिरिक्त निवासी से ₹350 लिया जाएगा। यह शुल्क सामान्य डेमोग्राफिक या बायोमेट्रिक अपडेट शुल्क के अतिरिक्त होगा। अन्य प्रमुख अपडेट शुल्क UIDAI द्वारा जारी नई फीस संरचना के तहत आधार अपडेट की विभिन्न सेवाओं के लिए शुल्क इस प्रकार निर्धारित किए गए हैं। 0 से 5 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए आधार जनरेशन मुफ्त रहेगा , वहीं 5 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए भी आधार जनरेशन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट , जो 5 से 7 वर्ष और 15 से 17 वर्ष की आयु के लिए जरूरी है , उसके लिए भी कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा...