Skip to main content

अंधविश्वास और तर्कशीलता पर हुआ गवेषणा संवाद, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट महिलाओं का सम्मान

Lake View Residency, Bhopal को लीज पर देने का फैसला, होटल सेक्टर में नए निवेश की उम्मीद!!

भोपाल: मध्यप्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण पर्यटन संपत्तियों के विकास और आधुनिक प्रबंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मंत्रि-परिषद ने लेक व्यू रेसीडेंसी होटल, भोपाल को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत 60 वर्षों की लीज पर दिए जाने का अनुमोदन प्रदान किया है। इस लीज अवधि को आपसी सहमति से समान शर्तों पर एक बार में 10 वर्षों के लिए बढ़ाया जा सकेगा।
नीतिगत निर्णय एवं लीज विस्तार
निर्णय के अनुसार, होटल लेक व्यू रेसीडेंसी, भोपाल की मध्यप्रदेश होटल कार्पोरेशन लिमिटेड (एमपीएचसीएल) के पक्ष में कलेक्टर भोपाल द्वारा निष्पादित श्यामला हिल्स स्थित खसरा क्रमांक 21/3 में से 7.16 एकड़ भूमि की लीज अवधि को वर्ष 2042 से 60 वर्षों तक, अर्थात वर्ष 2102 तक, एकमुश्त बढ़ा दिया गया है। इसके साथ ही, इस लीज को निजी निवेशक के पक्ष में एमपीएसटीडीसी (मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम) या एमपीएचसीएल द्वारा सबलीज (उपपट्टा) पर देने का भी अनुमोदन किया गया है।
पर्यटन एवं निवेश को मिलेगा बढ़ावा
इस निर्णय से भोपाल के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मदद मिलेगी। निजी निवेशकों को होटल के विकास, संचालन, रखरखाव और प्रबंधन की जिम्मेदारी दी जाएगी, जिससे होटल के बुनियादी ढांचे में सुधार होगा और उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
पीपीपी मॉडल के फायदे
पीपीपी मॉडल के तहत, सरकार और निजी क्षेत्र मिलकर पर्यटन स्थलों के विकास में योगदान देते हैं। इससे सरकारी संसाधनों की बचत होती है और निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता का लाभ मिलता है। इस परियोजना के माध्यम से:
  • होटल का आधुनिकीकरण होगा।
  • रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
  • राज्य के पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
  • स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
निजी निवेशकों के लिए सुनहरा अवसर
सरकार के इस निर्णय के बाद निजी निवेशकों के लिए यह एक सुनहरा अवसर होगा कि वे इस होटल को आधुनिक सुविधाओं से लैस करें और इसे राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन के मानकों के अनुरूप विकसित करें।
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय न केवल पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देगा, बल्कि राज्य की आर्थिक स्थिति को भी सशक्त करेगा। इससे प्रदेश में पर्यटन का नया युग शुरू होने की संभावना है, जिसमें सरकारी और निजी क्षेत्र मिलकर काम करेंगे और भोपाल को पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेंगे।
The News Grit, 22/02/2025

Comments

Popular posts from this blog

गवेषणा समिति ने जरूरतमंद बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें भेंट की

सागर बड़तूमा , 04 दिसंबर 2025: गवेषणा मानवोत्थान पर्यावरण तथा स्वास्थ्य जागरूकता समिति के सेवा प्रकल्प के अंतर्गत आज शासकीय अनुसूचित जाति महाविद्यालय कन्या छात्रावास और शासकीय अनुसूचित जाति सीनियर एवं जूनियर कन्या छात्रावास , बड़तूमा में जरूरतमंद बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें भेंट की गईं। इस अवसर पर बच्चों ने गवेषणा समिति और उनके सहयोगियों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। छात्रावास अधीक्षक , मैडम स्वाति ने डॉ. चंदन सिंह और संस्था के योगदान की सराहना की। उन्होंने बच्चों को जिज्ञासा लाइब्रेरी का दौरा करने के लिए आमंत्रित किया , जिससे उन्हें अध्ययन और ज्ञानवर्धन का अवसर मिलेगा। इस कार्यक्रम में गवेषणा समिति से डॉ. तरुण साहू और सोनू चौरसिया उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना और उनकी पढ़ाई में मदद करना था। गवेषणा समिति ऐसी पहल लगातार कर रही है , जिसमें केवल शिक्षा ही नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण , मानव गरिमा के संवर्धन और अंगदान जैसी अन्य महत्वपूर्ण सामाजिक गतिविधियाँ भी शामिल हैं। इस तरह की पहलों से बच्चों...

अंधविश्वास और तर्कशीलता पर हुआ गवेषणा संवाद, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट महिलाओं का सम्मान

सागर। गवेषणा मानवोत्थान , पर्यावरण तथा स्वास्थ्य जागरूकता समिति द्वारा “अंधविश्वास बनाम तर्कशीलता : भारतीय और अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य” विषय पर एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। राजघाट रोड तिली स्थित एक होटल के सभागार में हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी , सामाजिक कार्यकर्ता और शहर के नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में तर्कशील समिति से जुड़े डॉ. बलविंदर बरनाला मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में समाज में प्रचलित अनेक अंधविश्वासों की चर्चा करते हुए तर्क , वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अनुभवजन्य प्रमाणों के माध्यम से उन्हें चुनौती दी। उन्होंने कहा कि समाज में जागरूकता और वैज्ञानिक सोच का विकास ही अंधविश्वासों को समाप्त करने का सबसे प्रभावी तरीका है। संवाद के दौरान उन्होंने उपस्थित श्रोताओं से प्रश्न आमंत्रित किए और उनके समाधान भी प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में विषय प्रवर्तन डॉ. राजेश गौतम और डॉ. सुनील साहू ने किया। संवाद के दूसरे सत्र ...

आधार अपडेट शुल्क में वृद्धि: घर पर सेवा के लिए ₹700 तक शुल्क लागू!!

भारत सरकार के Unique Identification Authority of India (UIDAI) ने 19 सितंबर 2025 को एक नया Office Memorandum जारी किया है , जिसमें आधार सेवाओं के लिए शुल्क संरचना में बदलाव की घोषणा की गई है। यह बदलाव 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी होंगे और 30 सितंबर 2028 तक लागू रहेंगे। घर पर आधार सेवा शुल्क UIDAI ने घर पर आधार सेवा के लिए ₹700 (GST सहित) शुल्क निर्धारित किया है। यदि एक ही पते पर एक से अधिक निवासी इस सेवा का लाभ उठाते हैं , तो पहले निवासी से ₹700 लिया जाएगा , जबकि प्रत्येक अतिरिक्त निवासी से ₹350 लिया जाएगा। यह शुल्क सामान्य डेमोग्राफिक या बायोमेट्रिक अपडेट शुल्क के अतिरिक्त होगा। अन्य प्रमुख अपडेट शुल्क UIDAI द्वारा जारी नई फीस संरचना के तहत आधार अपडेट की विभिन्न सेवाओं के लिए शुल्क इस प्रकार निर्धारित किए गए हैं। 0 से 5 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए आधार जनरेशन मुफ्त रहेगा , वहीं 5 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए भी आधार जनरेशन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट , जो 5 से 7 वर्ष और 15 से 17 वर्ष की आयु के लिए जरूरी है , उसके लिए भी कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा...