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अंधविश्वास और तर्कशीलता पर हुआ गवेषणा संवाद, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट महिलाओं का सम्मान

बेंगलुरु एयरपोर्ट पर कोकीन तस्करी का भंडाफोड़, कॉमिक बुक्स में छिपाकर लाए गए 40 करोड़ के ड्रग्स!!

राजस्व असूचना निदेशालय (Directorate of Revenue Intelligence) ने ड्रग तस्करी के खिलाफ एक और बड़ी सफलता हासिल की है। बेंगलुरु की डीआरआई क्षेत्रीय इकाई ने केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक भारतीय यात्री से 4 किलोग्राम से अधिक कोकीन जब्त की, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में क़ीमत करीब 40 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह कोकीन बड़ी चतुराई से सुपरहीरो कॉमिक्स के कवर में छिपाई गई थी।

डीआरआई को पहले से एक विशेष खुफिया इनपुट मिला था कि 18 जुलाई 2025 की सुबह दोहा से आने वाली एक उड़ान में एक यात्री नशीले पदार्थों की तस्करी कर सकता है। इसी सूचना के आधार पर एजेंसी के अधिकारियों ने एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद संदिग्ध भारतीय पुरुष यात्री को रोका।

कॉमिक्स में छिपी थी कोकीन

प्रारंभिक पूछताछ के दौरान यात्री ने खुद को सामान्य बताया, लेकिन जब उसके सामान की सावधानीपूर्वक जांच की गई, तो अधिकारियों को उसके पास रखी दो सुपरहीरो कॉमिक्स/पत्रिकाएँ असामान्य रूप से भारी लगीं।
जब अधिकारियों ने उन कॉमिक्स को ध्यान से चेक किया, तो उनके कवर के भीतर सफेद पाउडर छिपा मिला। जब बरामद सफेद पाउडर में कोकीन होने की पुष्टि हुई। तो उसका कुल वजन 4,006 ग्राम (4 किलोग्राम से अधिक) था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग 40 करोड़ रुपये आँकी गई है। इसे एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के तहत जब्त कर लिया गया है।

यात्री गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजा गया

डीआरआई अधिकारियों ने तुरंत एनडीपीएस अधिनियम, 1985 (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act) के तहत कोकीन को ज़ब्त कर लिया। साथ ही संदिग्ध यात्री को गिरफ्तार कर 18 जुलाई को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

कोकीन तस्करी में लगातार नई तरकीबें आजमाई गई

इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया है कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर नई-नई तरकीबों से सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने की कोशिश करते हैं। पहले जहां दवाइयों के डिब्बों, खाने-पीने की चीजों या इलेक्ट्रॉनिक सामानों में नशा छिपाया जाता था, अब कॉमिक बुक्स जैसी चीजों में भी इसका इस्तेमाल किया जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्कों की गतिविधियों पर निरंतर निगरानी बनाए रखना वर्तमान समय की एक बड़ी आवश्यकता बन चुकी है। हवाई अड्डों जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को तस्करी के लिए चुनना यह दर्शाता है कि ड्रग तस्कर अपने प्रयासों में लगातार बदलाव ला रहे हैं। बेंगलुरु एयरपोर्ट, जो कि भारत के व्यस्ततम अंतरराष्ट्रीय प्रवेश बिंदुओं में से एक है, वहां इस प्रकार की तस्करी की कोशिश यह संकेत देती है कि सुरक्षा व्यवस्था को हर स्तर पर चौकस बनाए रखने की ज़रूरत है। ऐसे मामलों के सामने आने से यह स्पष्ट होता है कि मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए निगरानी, तकनीक और सतर्कता के संयोजन को और अधिक प्रभावी बनाया जाना चाहिए।

सावधानी और सख्ती ही समाधान

यह मामला न सिर्फ ड्रग तस्करी की गहराई और जटिलता को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सजगता और कड़ी निगरानी से ही इस तरह की आपराधिक गतिविधियों को रोका जा सकता है। साथ ही समाज और युवाओं को नशे के विरुद्ध जागरूक होना होगा, क्योंकि यह सिर्फ एक कानूनी अपराध ही नहीं बल्कि मानवता और स्वास्थ्य का सबसे बड़ा दुश्मन भी है।

The News Grit,19/07/2025

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