Skip to main content

इंदौर में पहली बार टैंडम पैराग्लाइडिंग फेस्टिवल, आसमान में उड़ान का रोमांच!!

त्योहारों में भीड़ से राहत: रेलवे का राउंड ट्रिप पैकेज, वापसी पर 20% छूट!!

दिवाली और छठ के मौके पर घर जाने और लौटने में भीड़ से बचना अब आसान होगा। भारतीय रेलवे ने त्योहारों के मौसम में यात्रियों की सुविधा और भीड़ प्रबंधन के लिए "राउंड ट्रिप पैकेज" नाम की एक प्रायोगिक योजना शुरू की है। इस योजना के तहत प्रस्थान और वापसी की यात्रा साथ में बुक करने पर वापसी यात्रा के मूल किराए पर 20% की छूट मिलेगी।

बुकिंग और यात्रा की तारीखें

इस योजना के तहत टिकटों की बुकिंग 14 अगस्त 2025 से शुरू होगी। यात्री अपनी प्रस्थान यात्रा के लिए 13 अक्टूबर से 26 अक्टूबर 2025 के बीच चलने वाली ट्रेनों में टिकट बुक कर सकेंगे। वहीं, वापसी यात्रा 17 नवंबर से 1 दिसंबर 2025 के बीच की तिथियों में होगी। खास बात यह है कि वापसी टिकट पर सामान्य तौर पर लागू होने वाली 60 दिन की अग्रिम बुकिंग अवधि (ARP) का नियम नहीं होगा, यानी यात्री इसे किसी भी समय बुक कर सकते हैं, जिससे योजना और भी लचीली और सुविधाजनक बन जाती है।

योजना की खास बातें

·         छूट केवल तब मिलेगी जब प्रस्थान और वापसी दोनों टिकट एक ही यात्रियों के समूह के लिए बुक हों।

·         प्रस्थान यात्रा का टिकट बुक करने के बाद उसी पीएनआर से जुड़कर वापसी यात्रा बुक की जाएगी।

·         दोनों तरफ के टिकट कन्फर्म होने चाहिए।

·         वापसी यात्रा के मूल किराए पर 20% छूट मिलेगी।

·         प्रस्थान और वापसी दोनों यात्राएं समान श्रेणी और समान मार्ग (Origin–Destination Pair) में होंगी।

·         इन टिकटों पर रिफंड नहीं मिलेगा और कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा।

·         फ्लेक्सी किराया वाली ट्रेनों को छोड़कर, यह योजना सभी श्रेणियों और विशेष ट्रेनों में लागू होगी।

·         किसी भी अन्य छूट, वाउचर, पास या PTO का उपयोग नहीं होगा।

·         बुकिंग का माध्यम एक ही होना चाहिए – या तो पूरा ऑनलाइन, या पूरा आरक्षण काउंटर से।

·         चार्टिंग के समय अगर कोई अतिरिक्त किराया बनता है तो कोई अलग शुल्क नहीं लगेगा।

योजना का उद्देश्य

रेलवे का कहना है कि यह स्कीम त्योहारों के मौसम में दोनों दिशाओं से ट्रेनों के संतुलित उपयोग और भीड़ कम करने में मदद करेगी। इससे यात्रियों को समय पर कन्फर्म टिकट मिलेगा और उन्हें अलग-अलग तारीखों के लिए टिकट खोजने की परेशानी से छुटकारा मिलेगा।

किसके लिए सबसे उपयोगी

यह योजना खासतौर पर उन यात्रियों के लिए फायदेमंद है जो दिवाली और छठ पर अपने घर जाकर करीब पाँच हफ़्ते बाद लौटने की योजना बना रहे हैं। ऐसे लोग, जिनकी प्रस्थान और वापसी दोनों यात्राओं की तारीख पहले से तय है, इस स्कीम का अधिकतम लाभ उठा सकते हैं। साथ ही, जो यात्री कम किराए में बिना किसी अतिरिक्त झंझट के दोनों तरफ के टिकट एक साथ बुक करना चाहते हैं, उनके लिए यह पैकेज बेहद सुविधाजनक साबित होगा।

त्योहारों के मौसम में ट्रेनों में सीटें बहुत तेजी से भर जाती हैं, इसलिए इस योजना का लाभ सुनिश्चित करने के लिए समय रहते बुकिंग करना जरूरी है। देरी करने पर कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना कम हो सकती है और आपके हाथ से छूट और यात्रा—दोनों का मौका निकल सकता है। जल्दी बुकिंग करके न सिर्फ आप अपनी सीट सुरक्षित कर पाएंगे, बल्कि 20% किराया छूट का फायदा भी आसानी से उठा सकेंगे।

The News Grit, 11/08/2025

Comments

Popular posts from this blog

प्रोजेक्ट आरोहण: NHAI की नई योजना, लेकिन किसके लिए?

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ( NHAI) ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल करते हुए टोल प्लाज़ा कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा और करियर निर्माण के लिए ‘प्रोजेक्ट आरोहण’ की शुरुआत की है। इस योजना का शुभारंभ एनएचएआई के अध्यक्ष श्री संतोष कुमार यादव ने नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में किया। इस अवसर पर वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के कार्यकारी निदेशक एवं संयुक्त सीईओ डॉ. जफर खान और एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। शिक्षा तक समान पहुँच देने का प्रयास एनएचएआई ने वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के साथ मिलकर यह योजना शुरू की है , जिसका मकसद टोल प्लाज़ा कर्मचारियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इस पहल का उद्देश्य वित्तीय बाधाओं को दूर करना , सामाजिक-आर्थिक भेदों को कम करना और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों , जिनमें निम्न-आय वाले परिवारों की लड़कियाँ , पहली पीढ़ी के शिक्षार्थी तथा अनुसूचित जाति , अनुसूचित जनजाति , अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र शामिल हैं , के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुँच प्रदान करना है। एनएचएआई का मानना है कि शिक्षा ही वह साध...

बढ़ते एशिया को रोकने में कोरियाई उपमहाद्वीप की उथल पुथल के भरोसे अमरीकी थिंकटैंक!!

आधुनिक वित्तीय और आर्थिक प्रणाली औपनिवेशिक यूरोप और नवऔपनिवेशिक अमरीकी आधिपत्य की देन है। किंतु 21 वीं सदी आते-आते एशिया की नई उभरती अर्थव्यवस्थाओं चीन , भारत , जापान , कोरिया , वियतनाम , इंडोनेशिया आदि ने यह साबित कर दिया कि यह सदी एशिया की है। यही कारण है कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एशिया में बढ़ते प्रभाव और असंतुलन को देखते हुए लगातार तनावपूर्ण बयानबाज़ी कर रहे हैं। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग से उनकी हालिया मुलाक़ात इसी पृष्ठभूमि में बेहद महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है। शांति की पहल और ट्रम्प टॉवर का सपना व्हाइट हाउस में हुई मुलाक़ात के दौरान दोनों नेताओं ने उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन से संवाद स्थापित करने की इच्छा जताई। ली ने कहा कि यदि विभाजित कोरिया में शांति स्थापित हो जाती है तो यह ऐतिहासिक होगा। उन्होंने व्यंग्य और संकेत दोनों में जोड़ा कि “आप (ट्रम्प) उत्तर कोरिया में ट्रम्प टॉवर बना सकते हैं , जहाँ मैं आकर गोल्फ़ खेलूँगा।” ट्रम्प ने भी पुरानी मित्रता याद दिलाई और कहा कि वे किम जोंग उन से पहले ही तीन बार मिल चुके हैं और भविष्य में दोबारा मिलन...

भोपाल बनेगा देश का स्पोर्ट्स साइंस और हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग हब!!

खेल के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल करने और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण देने की दिशा में मध्यप्रदेश एक बड़ा कदम उठा रहा है। खेल विभाग द्वारा नाथु बरखेड़ा स्थित स्पोर्ट्स सिटी में लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक स्पोर्ट्स साइंस एवं हाई-परफॉर्मेंस सेंटर स्थापित किया जा रहा है। यह सेंटर उन सभी आधुनिक वैज्ञानिक और तकनीकी सुविधाओं से लैस होगा , जिनकी आज के समय में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को निखारने और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में जरूरत होती है। इसमें खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता , मानसिक दृढ़ता , चोटों से बचाव , और कुल प्रदर्शन सुधार पर व्यापक रूप से काम किया जाएगा। क्यों जरूरी है स्पोर्ट्स साइंस सेंटर ? आज का खेल जगत बेहद तेज और चुनौतीपूर्ण हो गया है। सिर्फ प्रतिभा या अच्छी कोचिंग अब पर्याप्त नहीं है। विशेषज्ञ बताते हैं कि कई खिलाड़ी , चाहे वे कितने ही प्रतिभाशाली हों , मनोवैज्ञानिक दबाव , तकनीकी कमी या चोटों की वजह से अपने लक्ष्य तक नहीं पहुँच पाते। अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा में सफलता के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तकन...