Skip to main content

इंदौर में पहली बार टैंडम पैराग्लाइडिंग फेस्टिवल, आसमान में उड़ान का रोमांच!!

बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर की नर्सिंग छात्राएं नियुक्ति की मांग को लेकर धरने पर बैठीं!!

सागर बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) की नर्सिंग बैच 2018–2019 की छात्राएं सोमवार 18/08/2025 को नियुक्ति की मांग को लेकर धरने पर बैठ गईं। छात्राओं ने मेडिकल कॉलेज परिसर के सामने नारेबाजी करते हुए पोस्टर-बैनरों के जरिए अपनी आवाज बुलंद की और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से गुहार लगाई।

छात्राओं का कहना है कि उन्होंने शासन की अनुबंध शर्तों का पालन करते हुए वर्ष 2020 में कोरोना जैसी महामारी के दौरान अपने जीवन को दांव पर लगाकर कठिन परिश्रम से सेवा दी और वर्ष 2022–23 में नर्सिंग प्रशिक्षण पूर्ण किया, ताकि शासन को प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ उपलब्ध कराया जा सके। लेकिन प्रशिक्षण पूर्ण होने के बावजूद आज तक उन्हें नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया गया।

छात्राओं ने बताया कि कॉलेज प्रशासन ने उनसे बॉन्ड भरवाया था, जिसमें साफ लिखा गया था कि प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद उन्हें स्थायी (परमानेंट) किया जाएगा। कुल 30 छात्राओं से बॉन्ड भरवाया गया, लेकिन अब कॉलेज प्रशासन और शासन अपनी बात से मुकर रहा है।

आधिकारिक पत्र में भी नियुक्ति का उल्लेख

छात्राओं ने यह भी बताया कि संचालक, चिकित्सा शिक्षा विभाग म.प्र. द्वारा पत्र क्रमांक 2182/2201 स्था./नर्सिंग/25/07/2024 में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि प्रशिक्षण पूर्ण करने के उपरांत नियम अनुसार शासकीय कॉलेज, विशेषकर बी.एम.सी. सागर में नियुक्ति दी जानी चाहिए। इसके बावजूद कॉलेज प्रशासन और शासन ने इस आदेश का पालन नहीं किया, जिससे छात्राओं का आक्रोश और बढ़ गया है।

भविष्य अंधकारमय होने का डर

नियुक्ति न होने से छात्राओं का मनोबल टूट रहा है और उनका भविष्य अंधकारमय कि तरफ बढ़ रहा है। छात्राओं ने आरोप लगाया कि शासन ने उनके भविष्य से खिलवाड़ किया है। इसी आक्रोश के चलते सभी छात्राएं मेडिकल कॉलेज के सामने धरने पर बैठ गईं।

धरना स्थल पर मौजूद छात्राओं ने कहा कि जब महामारी में उनकी सेवाओं की आवश्यकता थी, तब उन्हें मोर्चे पर लगाया गया, लेकिन अब नियुक्ति के समय उन्हें भुला दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर छात्राओं ने पोस्टरों और नारेबाजी के माध्यम से अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा और सीधे मुख्यमंत्री से अपील की कि उनके बॉन्ड और विभागीय पत्र के अनुसार शीघ्र नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं।

The News Grit, 18/08/2025

Comments

Popular posts from this blog

प्रोजेक्ट आरोहण: NHAI की नई योजना, लेकिन किसके लिए?

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ( NHAI) ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल करते हुए टोल प्लाज़ा कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा और करियर निर्माण के लिए ‘प्रोजेक्ट आरोहण’ की शुरुआत की है। इस योजना का शुभारंभ एनएचएआई के अध्यक्ष श्री संतोष कुमार यादव ने नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में किया। इस अवसर पर वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के कार्यकारी निदेशक एवं संयुक्त सीईओ डॉ. जफर खान और एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। शिक्षा तक समान पहुँच देने का प्रयास एनएचएआई ने वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के साथ मिलकर यह योजना शुरू की है , जिसका मकसद टोल प्लाज़ा कर्मचारियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इस पहल का उद्देश्य वित्तीय बाधाओं को दूर करना , सामाजिक-आर्थिक भेदों को कम करना और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों , जिनमें निम्न-आय वाले परिवारों की लड़कियाँ , पहली पीढ़ी के शिक्षार्थी तथा अनुसूचित जाति , अनुसूचित जनजाति , अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र शामिल हैं , के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुँच प्रदान करना है। एनएचएआई का मानना है कि शिक्षा ही वह साध...

बढ़ते एशिया को रोकने में कोरियाई उपमहाद्वीप की उथल पुथल के भरोसे अमरीकी थिंकटैंक!!

आधुनिक वित्तीय और आर्थिक प्रणाली औपनिवेशिक यूरोप और नवऔपनिवेशिक अमरीकी आधिपत्य की देन है। किंतु 21 वीं सदी आते-आते एशिया की नई उभरती अर्थव्यवस्थाओं चीन , भारत , जापान , कोरिया , वियतनाम , इंडोनेशिया आदि ने यह साबित कर दिया कि यह सदी एशिया की है। यही कारण है कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एशिया में बढ़ते प्रभाव और असंतुलन को देखते हुए लगातार तनावपूर्ण बयानबाज़ी कर रहे हैं। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग से उनकी हालिया मुलाक़ात इसी पृष्ठभूमि में बेहद महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है। शांति की पहल और ट्रम्प टॉवर का सपना व्हाइट हाउस में हुई मुलाक़ात के दौरान दोनों नेताओं ने उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन से संवाद स्थापित करने की इच्छा जताई। ली ने कहा कि यदि विभाजित कोरिया में शांति स्थापित हो जाती है तो यह ऐतिहासिक होगा। उन्होंने व्यंग्य और संकेत दोनों में जोड़ा कि “आप (ट्रम्प) उत्तर कोरिया में ट्रम्प टॉवर बना सकते हैं , जहाँ मैं आकर गोल्फ़ खेलूँगा।” ट्रम्प ने भी पुरानी मित्रता याद दिलाई और कहा कि वे किम जोंग उन से पहले ही तीन बार मिल चुके हैं और भविष्य में दोबारा मिलन...

भोपाल बनेगा देश का स्पोर्ट्स साइंस और हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग हब!!

खेल के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल करने और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण देने की दिशा में मध्यप्रदेश एक बड़ा कदम उठा रहा है। खेल विभाग द्वारा नाथु बरखेड़ा स्थित स्पोर्ट्स सिटी में लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक स्पोर्ट्स साइंस एवं हाई-परफॉर्मेंस सेंटर स्थापित किया जा रहा है। यह सेंटर उन सभी आधुनिक वैज्ञानिक और तकनीकी सुविधाओं से लैस होगा , जिनकी आज के समय में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को निखारने और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में जरूरत होती है। इसमें खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता , मानसिक दृढ़ता , चोटों से बचाव , और कुल प्रदर्शन सुधार पर व्यापक रूप से काम किया जाएगा। क्यों जरूरी है स्पोर्ट्स साइंस सेंटर ? आज का खेल जगत बेहद तेज और चुनौतीपूर्ण हो गया है। सिर्फ प्रतिभा या अच्छी कोचिंग अब पर्याप्त नहीं है। विशेषज्ञ बताते हैं कि कई खिलाड़ी , चाहे वे कितने ही प्रतिभाशाली हों , मनोवैज्ञानिक दबाव , तकनीकी कमी या चोटों की वजह से अपने लक्ष्य तक नहीं पहुँच पाते। अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा में सफलता के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तकन...