Skip to main content

पारंपरिक खेती से आधुनिक बागवानी तक, रामसिंह कुशवाह बने किसानों के लिए मिसाल!!

रानी दुर्गावती शासकीय महाविद्यालय, परसवाड़ा (जिला बालाघाट) में इको क्लब के अंतर्गत दो दिवसीय ट्राइबल आर्ट पेंटिंग कार्यशाला का सफल आयोजन!!

रानी दुर्गावती शासकीय महाविद्यालय, परसवाड़ा (जिला बालाघाट) में पर्यावरण शिक्षण कार्यक्रम एवं मिशन लाइफ के अंतर्गत इको क्लब द्वारा ट्राइबल आर्ट पेंटिंग की दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन दिनांक 12 एवं 13 जनवरी 2026 को सफलतापूर्वक किया गया।

इस कार्यशाला में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित श्री मनोज गड़पाल (बिंदु शैली आर्ट्स) एवं श्री संजय पंचेश्वर (गोंड पेंटिंग आर्ट) ने प्रतिभागियों को अपने कला-ज्ञान एवं अनुभव से मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यशाला की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एल. एल. घोरमारे द्वारा की गई। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य महोदय ने ट्राइबल आर्ट की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय महत्ता पर विस्तृत प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में आईक्यूएसी प्रभारी डॉ. ए. के. वैद्य ने इको क्लब के अंतर्गत आयोजित कार्यशाला के महत्व एवं उसके शैक्षणिक लाभों को रेखांकित किया। वहीं इको क्लब प्रभारी डॉ. जयश्री सूर्यवंशी ने युवाओं में पर्यावरण संरक्षण एवं जनजातीय कला के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर बल देते हुए सभी मंचासीन अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. शोभा शर्मा द्वारा किया गया, जिन्होंने ट्राइबल आर्ट की विभिन्न शैलियों एवं उनके सांस्कृतिक महत्व का विस्तार से वर्णन किया।

इस कार्यक्रम में श्री  डी आर मरावी , श्री संदेश राय और  नितिश गौतम व राजा तिवारी ने महत्वपूर्ण योगदान दिया  तथा इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त स्टाफ और छात्र-छात्राओं की सहभागिता रही ।

The News Grit, 14/01/2026

Comments

Popular posts from this blog

प्रोजेक्ट आरोहण: NHAI की नई योजना, लेकिन किसके लिए?

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ( NHAI) ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल करते हुए टोल प्लाज़ा कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा और करियर निर्माण के लिए ‘प्रोजेक्ट आरोहण’ की शुरुआत की है। इस योजना का शुभारंभ एनएचएआई के अध्यक्ष श्री संतोष कुमार यादव ने नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में किया। इस अवसर पर वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के कार्यकारी निदेशक एवं संयुक्त सीईओ डॉ. जफर खान और एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। शिक्षा तक समान पहुँच देने का प्रयास एनएचएआई ने वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के साथ मिलकर यह योजना शुरू की है , जिसका मकसद टोल प्लाज़ा कर्मचारियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इस पहल का उद्देश्य वित्तीय बाधाओं को दूर करना , सामाजिक-आर्थिक भेदों को कम करना और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों , जिनमें निम्न-आय वाले परिवारों की लड़कियाँ , पहली पीढ़ी के शिक्षार्थी तथा अनुसूचित जाति , अनुसूचित जनजाति , अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र शामिल हैं , के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुँच प्रदान करना है। एनएचएआई का मानना है कि शिक्षा ही वह साध...

अमेरिका ने भारतीय आयात पर 50% टैरिफ लगाया, लाखों नौकरियों पर संकट!!

अमेरिका ने बुधवार से भारत से आने वाले अधिकांश आयातित उत्पादों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लागू कर दिया है। यह कदम अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा ( CBP) द्वारा जारी नोटिस के बाद प्रभावी हुआ , जिसमें कहा गया था कि यह आदेश राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 6 अगस्त 2025 के कार्यकारी आदेश 14329 के तहत लागू किया जा रहा है। इस आदेश का शीर्षक था – “रूसी संघ की सरकार द्वारा संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए खतरों को संबोधित करना।” किन उत्पादों पर लागू और किन्हें छूट सीबीपी के अनुसार , यह शुल्क उन सभी भारतीय वस्तुओं पर लागू होगा जो अमेरिका में उपभोग के लिए आयातित की जाती हैं। हालांकि , लोहा , इस्पात , एल्युमीनियम , वाहन , तांबा और इनके कुछ व्युत्पन्न उत्पादों को इस अतिरिक्त ड्यूटी से बाहर रखा गया है। वहीं , अमेरिकी बाजार में भारत के करीब 30.2% निर्यात (लगभग 27.6 अरब डॉलर) को शुल्क मुक्त प्रवेश मिलता रहेगा। इसमें फार्मा ( 12.7 अरब डॉलर) , इलेक्ट्रॉनिक्स ( 8.18 अरब डॉलर) , रिफाइंड लाइट ऑयल और एविएशन टरबाइन फ्यूल ( 3.29 अरब डॉलर) , पुस्तकें और ब्रोशर ( 165.9 मिलियन डॉलर) तथा प्लास्टिक ( 155.1 मिलियन...

भोपाल बनेगा देश का स्पोर्ट्स साइंस और हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग हब!!

खेल के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल करने और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण देने की दिशा में मध्यप्रदेश एक बड़ा कदम उठा रहा है। खेल विभाग द्वारा नाथु बरखेड़ा स्थित स्पोर्ट्स सिटी में लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक स्पोर्ट्स साइंस एवं हाई-परफॉर्मेंस सेंटर स्थापित किया जा रहा है। यह सेंटर उन सभी आधुनिक वैज्ञानिक और तकनीकी सुविधाओं से लैस होगा , जिनकी आज के समय में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को निखारने और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में जरूरत होती है। इसमें खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता , मानसिक दृढ़ता , चोटों से बचाव , और कुल प्रदर्शन सुधार पर व्यापक रूप से काम किया जाएगा। क्यों जरूरी है स्पोर्ट्स साइंस सेंटर ? आज का खेल जगत बेहद तेज और चुनौतीपूर्ण हो गया है। सिर्फ प्रतिभा या अच्छी कोचिंग अब पर्याप्त नहीं है। विशेषज्ञ बताते हैं कि कई खिलाड़ी , चाहे वे कितने ही प्रतिभाशाली हों , मनोवैज्ञानिक दबाव , तकनीकी कमी या चोटों की वजह से अपने लक्ष्य तक नहीं पहुँच पाते। अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा में सफलता के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तकन...