Skip to main content

इंदौर में पहली बार टैंडम पैराग्लाइडिंग फेस्टिवल, आसमान में उड़ान का रोमांच!!

शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय सागर ने शुरू किया "कॉलेज चलो अभियान"!!

मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग की नीति के तहत, शासकीय कला एवं वाणिज्य (अग्रणी) महाविद्यालय सागर ने "कॉलेज चलो अभियान" की शुरुआत की है। इस अभियान का उद्देश्य स्कूली छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा से जोड़ना है। प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता के नेतृत्व में महाविद्यालय की फैकल्टी ने विभिन्न स्कूलों में जाकर महाविद्यालय के पाठ्यक्रमों और शासन की योजनाओं के बारे में जानकारी दी।


महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य डॉ. गोपा जैन ने अभियान की नोडल प्रभारी डॉ. प्रतिभा जैन, प्रशासनिक अधिकारी डॉ. शुचिता अग्रवाल, मीडिया प्रभारी डॉ. संदीप सबलोक और अभियान की टीम के अन्य सदस्यों के साथ बैठक की। उन्होंने टीम से कहा कि महाविद्यालय न केवल शैक्षणिक गुणवत्ता, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यह संदेश "कॉलेज चलो अभियान" के माध्यम से स्कूलों में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों तक पहुंचाना है।


इसके बाद, अभियान टीम ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला बाघराज, पं. रविशंकर शुक्ल कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और ज्ञानोदय आवासीय विद्यालय जाकर विद्यार्थियों को महाविद्यालय में उपलब्ध विभिन्न पाठ्यक्रमों, रोजगार उन्मुख प्रशिक्षण, एनसीसी, एनएसएस, खेलकूद, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों और छात्रवृत्तियों के बारे में जानकारी दी। विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि महाविद्यालय में प्रवेश लेने के लिए 12वीं कक्षा पास करने के बाद उच्च शिक्षा विभाग द्वारा घोषित प्रवेश कैलेंडर के अनुसार ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

यह अभियान छात्रों के बीच उच्च शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उन्हें बेहतर भविष्य की दिशा में मार्गदर्शन करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।


- The News Grit, 31/12/2024

Comments

Popular posts from this blog

प्रोजेक्ट आरोहण: NHAI की नई योजना, लेकिन किसके लिए?

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ( NHAI) ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल करते हुए टोल प्लाज़ा कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा और करियर निर्माण के लिए ‘प्रोजेक्ट आरोहण’ की शुरुआत की है। इस योजना का शुभारंभ एनएचएआई के अध्यक्ष श्री संतोष कुमार यादव ने नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में किया। इस अवसर पर वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के कार्यकारी निदेशक एवं संयुक्त सीईओ डॉ. जफर खान और एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। शिक्षा तक समान पहुँच देने का प्रयास एनएचएआई ने वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के साथ मिलकर यह योजना शुरू की है , जिसका मकसद टोल प्लाज़ा कर्मचारियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इस पहल का उद्देश्य वित्तीय बाधाओं को दूर करना , सामाजिक-आर्थिक भेदों को कम करना और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों , जिनमें निम्न-आय वाले परिवारों की लड़कियाँ , पहली पीढ़ी के शिक्षार्थी तथा अनुसूचित जाति , अनुसूचित जनजाति , अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र शामिल हैं , के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुँच प्रदान करना है। एनएचएआई का मानना है कि शिक्षा ही वह साध...

बढ़ते एशिया को रोकने में कोरियाई उपमहाद्वीप की उथल पुथल के भरोसे अमरीकी थिंकटैंक!!

आधुनिक वित्तीय और आर्थिक प्रणाली औपनिवेशिक यूरोप और नवऔपनिवेशिक अमरीकी आधिपत्य की देन है। किंतु 21 वीं सदी आते-आते एशिया की नई उभरती अर्थव्यवस्थाओं चीन , भारत , जापान , कोरिया , वियतनाम , इंडोनेशिया आदि ने यह साबित कर दिया कि यह सदी एशिया की है। यही कारण है कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एशिया में बढ़ते प्रभाव और असंतुलन को देखते हुए लगातार तनावपूर्ण बयानबाज़ी कर रहे हैं। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग से उनकी हालिया मुलाक़ात इसी पृष्ठभूमि में बेहद महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है। शांति की पहल और ट्रम्प टॉवर का सपना व्हाइट हाउस में हुई मुलाक़ात के दौरान दोनों नेताओं ने उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन से संवाद स्थापित करने की इच्छा जताई। ली ने कहा कि यदि विभाजित कोरिया में शांति स्थापित हो जाती है तो यह ऐतिहासिक होगा। उन्होंने व्यंग्य और संकेत दोनों में जोड़ा कि “आप (ट्रम्प) उत्तर कोरिया में ट्रम्प टॉवर बना सकते हैं , जहाँ मैं आकर गोल्फ़ खेलूँगा।” ट्रम्प ने भी पुरानी मित्रता याद दिलाई और कहा कि वे किम जोंग उन से पहले ही तीन बार मिल चुके हैं और भविष्य में दोबारा मिलन...

भोपाल बनेगा देश का स्पोर्ट्स साइंस और हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग हब!!

खेल के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल करने और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण देने की दिशा में मध्यप्रदेश एक बड़ा कदम उठा रहा है। खेल विभाग द्वारा नाथु बरखेड़ा स्थित स्पोर्ट्स सिटी में लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक स्पोर्ट्स साइंस एवं हाई-परफॉर्मेंस सेंटर स्थापित किया जा रहा है। यह सेंटर उन सभी आधुनिक वैज्ञानिक और तकनीकी सुविधाओं से लैस होगा , जिनकी आज के समय में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को निखारने और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में जरूरत होती है। इसमें खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता , मानसिक दृढ़ता , चोटों से बचाव , और कुल प्रदर्शन सुधार पर व्यापक रूप से काम किया जाएगा। क्यों जरूरी है स्पोर्ट्स साइंस सेंटर ? आज का खेल जगत बेहद तेज और चुनौतीपूर्ण हो गया है। सिर्फ प्रतिभा या अच्छी कोचिंग अब पर्याप्त नहीं है। विशेषज्ञ बताते हैं कि कई खिलाड़ी , चाहे वे कितने ही प्रतिभाशाली हों , मनोवैज्ञानिक दबाव , तकनीकी कमी या चोटों की वजह से अपने लक्ष्य तक नहीं पहुँच पाते। अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा में सफलता के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तकन...