Skip to main content

इंदौर में पहली बार टैंडम पैराग्लाइडिंग फेस्टिवल, आसमान में उड़ान का रोमांच!!

खेल और स्वास्थ्य का संगम: छात्राओं को सिखाया गया एरोबिक व्यायाम और पारंपरिक खेलों की बारीकियां!!



शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जमुनिया चिखली में छात्रों के शारीरिक और मानसिक विकास के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के तहत छात्राओं को नवीन व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत शारीरिक शिक्षा और खेलों से जुड़ी गतिविधियों में भाग लेने का अवसर प्रदान किया गया।


विशिष्ट अतिथि वसीम राजा खान, विकासखंड समयक देवरी खेल और युवा कल्याण विभाग से, ने छात्राओं को पारंपरिक खेल कबड्डी और खो-खो की बारीकियों से परिचित कराया। उन्होंने खेलों की तकनीकी समझ के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान किया। उन्होंने छात्राओं के बीच खो-खो और कबड्डी का मैत्रीपूर्ण मैच आयोजित कर खेल भावना को प्रोत्साहित किया। इसके अलावा, उन्होंने खेल क्षेत्र में छात्राओं की प्रतिभा को निखारने और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी आश्वासन दिया।


कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण एरोबिक व्यायाम रहा। छात्राओं को बताया गया कि एरोबिक व्यायाम न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि इसे म्यूजिक के साथ करने से यह और भी आनंदमय बन जाता है। इस व्यायाम से शरीर के सभी अंग सक्रिय होते हैं, जो शारीरिक और मानसिक ऊर्जा को बढ़ाते हैं।

इस आयोजन में विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य श्री भरत सिंह परिहार, वरिष्ठ शिक्षकगण, और योगाचार्य सहित कई शिक्षकों ने भाग लिया। ट्रेनर डॉ. अरविंद कुमार यादव ने छात्राओं को खेलों और स्वास्थ्य के महत्व पर मार्गदर्शन दिया।

कार्यक्रम के अंत में छात्राओं को खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन और उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं। यह आयोजन न केवल छात्राओं के लिए प्रेरणादायक रहा, बल्कि उन्हें अपनी खेल प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित भी किया। पारंपरिक खेलों को पुनर्जीवित करने और युवाओं को खेल के प्रति जागरूक करने की यह पहल एक सराहनीय कदम है।

- The News Grit, 14/01/2025


Comments

Popular posts from this blog

प्रोजेक्ट आरोहण: NHAI की नई योजना, लेकिन किसके लिए?

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ( NHAI) ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल करते हुए टोल प्लाज़ा कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा और करियर निर्माण के लिए ‘प्रोजेक्ट आरोहण’ की शुरुआत की है। इस योजना का शुभारंभ एनएचएआई के अध्यक्ष श्री संतोष कुमार यादव ने नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में किया। इस अवसर पर वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के कार्यकारी निदेशक एवं संयुक्त सीईओ डॉ. जफर खान और एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। शिक्षा तक समान पहुँच देने का प्रयास एनएचएआई ने वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के साथ मिलकर यह योजना शुरू की है , जिसका मकसद टोल प्लाज़ा कर्मचारियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इस पहल का उद्देश्य वित्तीय बाधाओं को दूर करना , सामाजिक-आर्थिक भेदों को कम करना और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों , जिनमें निम्न-आय वाले परिवारों की लड़कियाँ , पहली पीढ़ी के शिक्षार्थी तथा अनुसूचित जाति , अनुसूचित जनजाति , अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र शामिल हैं , के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुँच प्रदान करना है। एनएचएआई का मानना है कि शिक्षा ही वह साध...

बढ़ते एशिया को रोकने में कोरियाई उपमहाद्वीप की उथल पुथल के भरोसे अमरीकी थिंकटैंक!!

आधुनिक वित्तीय और आर्थिक प्रणाली औपनिवेशिक यूरोप और नवऔपनिवेशिक अमरीकी आधिपत्य की देन है। किंतु 21 वीं सदी आते-आते एशिया की नई उभरती अर्थव्यवस्थाओं चीन , भारत , जापान , कोरिया , वियतनाम , इंडोनेशिया आदि ने यह साबित कर दिया कि यह सदी एशिया की है। यही कारण है कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एशिया में बढ़ते प्रभाव और असंतुलन को देखते हुए लगातार तनावपूर्ण बयानबाज़ी कर रहे हैं। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग से उनकी हालिया मुलाक़ात इसी पृष्ठभूमि में बेहद महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है। शांति की पहल और ट्रम्प टॉवर का सपना व्हाइट हाउस में हुई मुलाक़ात के दौरान दोनों नेताओं ने उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन से संवाद स्थापित करने की इच्छा जताई। ली ने कहा कि यदि विभाजित कोरिया में शांति स्थापित हो जाती है तो यह ऐतिहासिक होगा। उन्होंने व्यंग्य और संकेत दोनों में जोड़ा कि “आप (ट्रम्प) उत्तर कोरिया में ट्रम्प टॉवर बना सकते हैं , जहाँ मैं आकर गोल्फ़ खेलूँगा।” ट्रम्प ने भी पुरानी मित्रता याद दिलाई और कहा कि वे किम जोंग उन से पहले ही तीन बार मिल चुके हैं और भविष्य में दोबारा मिलन...

भोपाल बनेगा देश का स्पोर्ट्स साइंस और हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग हब!!

खेल के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल करने और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण देने की दिशा में मध्यप्रदेश एक बड़ा कदम उठा रहा है। खेल विभाग द्वारा नाथु बरखेड़ा स्थित स्पोर्ट्स सिटी में लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक स्पोर्ट्स साइंस एवं हाई-परफॉर्मेंस सेंटर स्थापित किया जा रहा है। यह सेंटर उन सभी आधुनिक वैज्ञानिक और तकनीकी सुविधाओं से लैस होगा , जिनकी आज के समय में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को निखारने और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में जरूरत होती है। इसमें खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता , मानसिक दृढ़ता , चोटों से बचाव , और कुल प्रदर्शन सुधार पर व्यापक रूप से काम किया जाएगा। क्यों जरूरी है स्पोर्ट्स साइंस सेंटर ? आज का खेल जगत बेहद तेज और चुनौतीपूर्ण हो गया है। सिर्फ प्रतिभा या अच्छी कोचिंग अब पर्याप्त नहीं है। विशेषज्ञ बताते हैं कि कई खिलाड़ी , चाहे वे कितने ही प्रतिभाशाली हों , मनोवैज्ञानिक दबाव , तकनीकी कमी या चोटों की वजह से अपने लक्ष्य तक नहीं पहुँच पाते। अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा में सफलता के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तकन...