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SEBI की बागडोर तुहीन कांत पांडे के हाथ, क्या बदलेगा बाजार का खेल??

 वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तुहिन कांत पांडे को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है। वह माधबी पुरी बुच का स्थान लेंगे, जिनका कार्यकाल 28 फरवरी 2025 को समाप्त हो रहा है। पांडे का कार्यकाल तीन वर्षों का होगा।

तुहिन कांत पांडे का प्रशासनिक करियर:

  • वित्त सचिव: सितंबर 2024 में, पांडे को वित्त सचिव नियुक्त किया गया था, जहां उन्होंने वित्त मंत्रालय में प्रमुख भूमिका निभाई।
  • राजस्व सचिव: जनवरी 2025 में, केंद्रीय बजट से पहले, उन्हें राजस्व सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया, जिससे उन्होंने वित्त मंत्रालय में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।
  • निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव: पांडे ने DIPAM के सचिव के रूप में कार्य किया, जहां उन्होंने एयर इंडिया के निजीकरण और एलआईसी के सबसे बड़े आईपीओ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • अन्य महत्वपूर्ण पद: उन्होंने योजना आयोग (अब नीति आयोग) में संयुक्त सचिव, मंत्रिमंडल सचिवालय में संयुक्त सचिव, और वाणिज्य मंत्रालय में उप सचिव के रूप में भी सेवाएं दी हैं।                                                

शैक्षिक पृष्ठभूमि:

पांडे ने पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर और बर्मिंघम विश्वविद्यालय (यूके) से एमबीए की डिग्री प्राप्त की है।

SEBI (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) क्या है?

SEBI (Securities and Exchange Board of India) भारत में शेयर बाजार और वित्तीय बाजारों का नियामक (Regulator) है। इसकी स्थापना 1988 में की गई थी और इसे 1992 में एक संवैधानिक दर्जा मिला। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय वित्तीय बाजारों को पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है।

माधबी पुरी बुच का कार्यकाल:

माधबी पुरी बुच, जो SEBI की पहली महिला चेयरपर्सन थीं, ने 1 मार्च 2022 को पदभार संभाला था। अपने तीन वर्षीय कार्यकाल में, उन्होंने कई महत्वपूर्ण सुधार लागू किए, जैसे कि डेरिवेटिव बाजारों के लिए सख्त नियम, सुरक्षित निवेश विकल्पों को बढ़ावा, और कॉर्पोरेट तथा फंड हाउस के लिए कड़े खुलासे संबंधी नियम। उनका कार्यकाल 28 फरवरी 2025 को समाप्त हो रहा है।

तुहिन कांत पांडे की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब SEBI भारतीय वित्तीय बाजारों में पारदर्शिता और निवेशकों के विश्वास को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उनके व्यापक प्रशासनिक अनुभव से SEBI को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

The News Grit, 28/02/2025

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