नई दिल्ली में आयोजित विश्व पुस्तक मेला 2026 में भारतीय नौसेना की सशक्त उपस्थिति ने देश की गौरवशाली समुद्री परंपरा और नौसैनिक इतिहास को एक नई पहचान दी है। साहित्य, ज्ञान और सांस्कृतिक विरासत के इस प्रतिष्ठित आयोजन में भारतीय नौसेना की भागीदारी भारत की समुद्री विरासत के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
भारत सरकार
के शिक्षा मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संगठन राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (NBT)
द्वारा आयोजित इस 9 दिवसीय मेगा पुस्तक मेले
का उद्घाटन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने किया। देश-विदेश के प्रकाशकों,
लेखकों और पाठकों को एक मंच पर लाने वाला यह मेला ज्ञान और विचारों
के आदान-प्रदान का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
नौसेना
इतिहास प्रभाग के नेतृत्व में विशेष प्रस्तुति
भारतीय
नौसेना के प्रमुख अनुसंधान संस्थान नौसेना इतिहास प्रभाग इस पहल का नेतृत्व कर रहा
है। एनएचडी ने एनबीटी के सहयोग से भारतीय नौसेना के लिए विशेष स्टॉल स्थापित किए
हैं,
जहां नौसेना के प्रामाणिक प्रकाशनों के साथ-साथ बारीकी से तैयार किए
गए युद्धपोतों और अन्य जहाजों के मॉडल प्रदर्शित किए गए हैं। ये स्टॉल आगंतुकों को
भारतीय नौसेना के विकास, उसकी परंपराओं और परिचालन
उत्कृष्टता की जीवंत झलक प्रदान कर रहे हैं।
हॉल
नंबर 5 में नौसेना मंडप बना आकर्षण का
केंद्र
हॉल नंबर 5 में स्थित नौसेना मंडप इस मेले का प्रमुख आकर्षण बना हुआ है। यहां भारतीय
नौसेना के आधिकारिक इतिहास (1945–2021) के सात खंड, विभिन्न युद्धपोतों, पनडुब्बियों, वायु स्क्वाड्रनों और नौसैनिक प्रतिष्ठानों के इतिहास से संबंधित पुस्तकें,
साथ ही भारत के समग्र समुद्री इतिहास पर आधारित प्रकाशन प्रदर्शित
किए गए हैं। इन प्रदर्शनों के माध्यम से आगंतुकों को भारत की समृद्ध समुद्री और
नौसैनिक विरासत को गहराई से समझने का अवसर मिल रहा है।
विद्वत्ता
और दृश्य आकर्षण का अनूठा संगम
प्रदर्शनियां
भारत की समुद्री यात्रा का एक आकर्षक और प्रभावशाली वृत्तांत प्रस्तुत करती हैं,
जिसमें विद्वत्तापूर्ण शोध और दृश्य सौंदर्य का सुंदर संयोजन देखने
को मिलता है। पुस्तकें, मॉडल और जानकारीपूर्ण पैनल न केवल
इतिहास प्रेमियों बल्कि युवाओं और छात्रों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र हैं।
1971
के युद्ध पर विशेष पैनल चर्चा
अपने अकादमिक
प्रयासों के तहत, नौसेना इतिहास प्रभाग
ने 10 जनवरी 2026 को 1971 के युद्ध पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण पैनल चर्चा का आयोजन किया। इस चर्चा
का संचालन कमांडर नीरज वशिष्ठ ने किया। पैनल में सेवानिवृत्त वीआरसी कमांडर विजय
प्रकाश कपिल और प्रख्यात रक्षा पत्रकार संदीप उन्नीथन ने भाग लिया। वक्ताओं ने
भारतीय नौसेना के इतिहास के इस निर्णायक अध्याय पर गहन और तथ्यपरक विचार साझा किए।
समुद्री
रणनीति और नियम आधारित व्यवस्था पर विमर्श
नौसेना
इतिहास प्रभाग (एनएचडी) द्वारा आयोजित बौद्धिक एवं अकादमिक चर्चाओं की श्रृंखला
विश्व पुस्तक मेले के दौरान आगे भी जारी रहेगी। इसी क्रम में 11 जनवरी 2026 को शाम
6:00 बजे,
हॉल नंबर 5 के पवेलियन में ‘नौसेना समुद्री अभियान: अतीत और
वर्तमान’ विषय पर एक महत्वपूर्ण पैनल चर्चा आयोजित की गई, जिसमें
भारतीय नौसेना के समुद्री अभियानों के ऐतिहासिक विकास और वर्तमान रणनीतिक आयामों
पर विस्तार से विमर्श हुआ। इस सत्र का संचालन कमांडर कलेश मोहनन ने किया, जबकि पैनल में कैप्टन प्रशांत सी. मेनन और कमांडर नीरज वशिष्ठ ने अपने
अनुभवों और विश्लेषण के माध्यम से विषय को गहराई प्रदान की।
इसी श्रृंखला
को आगे बढ़ाते हुए 14 जनवरी 2026 को ‘नियम आधारित व्यवस्था का निर्माण: भारतीय
नौसेना की भूमिका’ विषय पर एक और महत्वपूर्ण पैनल चर्चा आयोजित की जाएगी। इस सत्र
का संचालन एसोसिएट प्रोफेसर अभिमन्यु सिंह अरहा करेंगे। पैनल में लेफ्टिनेंट
कमांडर अनुपमा थपलियाल और लेफ्टिनेंट जीवितेश सहारन भाग लेंगे,
जो हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता
और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को सुदृढ़ करने में भारतीय नौसेना की
भूमिका पर अपने विचार साझा करेंगे। ये पैनल चर्चाएं न केवल नौसेना के रणनीतिक
दृष्टिकोण को समझने का अवसर प्रदान करेंगी, बल्कि समुद्री
सुरक्षा और भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका पर सार्थक संवाद को भी प्रोत्साहित
करेंगी।
नौसेना
पर पुस्तक का विमोचन
इस विश्व
पुस्तक मेले का एक विशेष आकर्षण नौसेना इतिहास प्रभाग द्वारा तैयार की गई भारतीय
नौसेना पर आधारित एक नई पुस्तक का विमोचन होगा। इस पुस्तक का अनावरण नौसेना प्रमुख
द्वारा एक समारोह में किया जाएगा, जो नौसेना के
बौद्धिक और ऐतिहासिक प्रयासों को नई पहचान देगा।
युवाओं
को प्रेरित करने की पहल
प्रदर्शनियों
और चर्चाओं के साथ-साथ, एनएचडी युवा आगंतुकों
से सक्रिय संवाद कर रहा है। लड़के-लड़कियों को भारतीय नौसेना में करियर के अवसरों
से अवगत कराया जा रहा है और उन्हें देश सेवा के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
नौसेना से संबंधित प्रकाशनों और स्टॉलों ने पहले ही जनता का व्यापक ध्यान आकर्षित
किया है।
भारतीय
नौसेना ने नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 में
आने वाले सभी आगंतुकों को आमंत्रित किया है कि वे नौसेना मंडप का भ्रमण करें और
भारत की गौरवशाली नौसैनिक सेवा तथा चिरस्थायी समुद्री विरासत के बारे में अधिक
जानें। यह आयोजन न केवल इतिहास का उत्सव है, बल्कि भविष्य की
पीढ़ियों को प्रेरित करने का भी एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है।
The News Grit, 12/01/2026


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