Skip to main content

अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़, ₹40 करोड़ से अधिक का सोना जब्त!!

रेल यात्रियों के लिए बड़ी सौगात: गुवाहाटी–हावड़ा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन!!

भारतीय रेल ने नव वर्ष के अवसर पर देश को एक बड़ी और खास सौगात दी है। रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली स्थित रेल भवन में आयोजित एक बैठक के दौरान घोषणा की कि असम के गुवाहाटी और पश्चिम बंगाल के हावड़ा के बीच देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का संचालन शुरू किया जाएगा। उन्होंने सभी देशवासियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए इसे भारतीय रेल और रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी सौगात बताया।

केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का संपूर्ण परीक्षण, तकनीकी जांच और प्रमाणीकरण प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि जनवरी माह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह उपलब्धि भारतीय रेल के लिए एक नए युग की शुरुआत है और 2026 भारतीय रेल के लिए बड़े सुधारों और यात्री-केंद्रित पहलों का वर्ष साबित होगा।

पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत को मिलेगा सीधा लाभ

गुवाहाटी–हावड़ा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से असम और पश्चिम बंगाल के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा। असम में कामरूप महानगरपालिका और बोंगाईगांव तथा पश्चिम बंगाल में कूच बिहार, जलपाईगुड़ी, मालदा, मुर्शिदाबाद, पूर्वी बर्धमान, हुगली और हावड़ा जैसे जिलों की कनेक्टिविटी और सुदृढ़ होगी। इससे न केवल यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा, बल्कि क्षेत्रीय व्यापार, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिलेगा।

16 कोच, 823 यात्रियों की क्षमता

इस अत्याधुनिक वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे। इनमें

·         11 थ्री-टियर एसी कोच,

·         4 टू-टियर एसी कोच,

·         और 1 फर्स्ट क्लास एसी कोच शामिल है।

ट्रेन की कुल यात्री क्षमता लगभग 823 यात्रियों की होगी। यह संरचना विशेष रूप से रात्रिकालीन लंबी दूरी की यात्राओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है।

नई सस्पेंशन प्रणाली और एर्गोनॉमिक डिजाइन

रेल मंत्री ने बताया कि इस ट्रेन के लिए पूरी तरह से नए सस्पेंशन सिस्टम वाली नई बोगी विकसित की गई है। ट्रेन के डिजाइन मानकों को एक नए स्तर पर ले जाया गया है। इसके आंतरिक भाग, बर्थ और सीढ़ियां एर्गोनॉमिक डिजाइन पर आधारित हैं, जिससे यात्रियों को अधिक आराम, सुरक्षा और सुविधा मिलेगी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसमें विशेष और उन्नत मापदंड लागू किए गए हैं।

रात्रिकालीन यात्रा के लिए विशेष रूप से डिजाइन

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को खास तौर पर रात की यात्राओं के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी समय-सारिणी इस प्रकार तय की गई है कि ट्रेन शाम को अपने प्रस्थान स्थल से रवाना होकर अगली सुबह गंतव्य पर पहुंचेगी। इससे यात्रियों को समय की बचत के साथ-साथ आरामदायक नींद और बेहतर यात्रा अनुभव मिलेगा।

क्षेत्रीय व्यंजनों के साथ सांस्कृतिक अनुभव

इस ट्रेन की एक खास विशेषता इसका क्षेत्रीय खान-पान है।

·         गुवाहाटी से चलने वाली ट्रेन में प्रामाणिक असमिया व्यंजन,

·         जबकि कोलकाता से चलने वाली ट्रेन में पारंपरिक बंगाली व्यंजन परोसे जाएंगे।

इस पहल से रेल यात्रा केवल एक साधारण सफर नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से समृद्ध अनुभव बन जाएगी।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की प्रमुख विशेषताएं

·         180 किमी प्रति घंटे तक की गति वाली सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन

·         बेहतर तकियों के साथ एर्गोनॉमिक रूप से डिज़ाइन किए गए बर्थ

·         सुगम आवागमन के लिए स्वचालित प्रवेश द्वार और दरवाजे

·         बेहतर सस्पेंशन और शोर कम करने की उन्नत क्षमता

·         कवच सुरक्षा प्रणाली से सुसज्जित

·         उच्च स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए कीटाणुनाशक तकनीक

·         उन्नत नियंत्रण और सुरक्षा प्रणालियों से लैस ड्राइवर केबिन

·         वायुगतिकीय बाहरी बनावट और स्वचालित बाहरी यात्री दरवाजे

·         दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाएं

·         आपात स्थिति में यात्री और ट्रेन प्रबंधक/लोको पायलट के बीच संपर्क के लिए आपातकालीन टॉक-बैक यूनिट

·         सभी कोचों में सीसीटीवी कैमरे

·         विद्युत कैबिनेट और शौचालयों में एरोसोल आधारित अग्नि पहचान और शमन प्रणाली, जिससे अग्नि सुरक्षा और मजबूत हुई है

नए युग की शुरुआत

कुल मिलाकर, गुवाहाटी–हावड़ा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन भारतीय रेल के लिए एक नए युग की शुरुआत है। यह ट्रेन गति, आराम, सुरक्षा और आधुनिक तकनीक का बेहतरीन संगम है। यह पहल भारतीय रेल की यात्री-केंद्रित सोच, तकनीकी नवाचार और क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। रात्रिकालीन यात्रा के लिए यह ट्रेन यात्रियों को सुरक्षित, तेज, सुविधाजनक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध अनुभव प्रदान करेगी और आने वाले वर्षों में भारतीय रेल के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

The News Grit, 03/01/2026

Comments

Popular posts from this blog

प्रोजेक्ट आरोहण: NHAI की नई योजना, लेकिन किसके लिए?

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ( NHAI) ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल करते हुए टोल प्लाज़ा कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा और करियर निर्माण के लिए ‘प्रोजेक्ट आरोहण’ की शुरुआत की है। इस योजना का शुभारंभ एनएचएआई के अध्यक्ष श्री संतोष कुमार यादव ने नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में किया। इस अवसर पर वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के कार्यकारी निदेशक एवं संयुक्त सीईओ डॉ. जफर खान और एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। शिक्षा तक समान पहुँच देने का प्रयास एनएचएआई ने वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के साथ मिलकर यह योजना शुरू की है , जिसका मकसद टोल प्लाज़ा कर्मचारियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इस पहल का उद्देश्य वित्तीय बाधाओं को दूर करना , सामाजिक-आर्थिक भेदों को कम करना और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों , जिनमें निम्न-आय वाले परिवारों की लड़कियाँ , पहली पीढ़ी के शिक्षार्थी तथा अनुसूचित जाति , अनुसूचित जनजाति , अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र शामिल हैं , के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुँच प्रदान करना है। एनएचएआई का मानना है कि शिक्षा ही वह साध...

बढ़ते एशिया को रोकने में कोरियाई उपमहाद्वीप की उथल पुथल के भरोसे अमरीकी थिंकटैंक!!

आधुनिक वित्तीय और आर्थिक प्रणाली औपनिवेशिक यूरोप और नवऔपनिवेशिक अमरीकी आधिपत्य की देन है। किंतु 21 वीं सदी आते-आते एशिया की नई उभरती अर्थव्यवस्थाओं चीन , भारत , जापान , कोरिया , वियतनाम , इंडोनेशिया आदि ने यह साबित कर दिया कि यह सदी एशिया की है। यही कारण है कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एशिया में बढ़ते प्रभाव और असंतुलन को देखते हुए लगातार तनावपूर्ण बयानबाज़ी कर रहे हैं। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग से उनकी हालिया मुलाक़ात इसी पृष्ठभूमि में बेहद महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है। शांति की पहल और ट्रम्प टॉवर का सपना व्हाइट हाउस में हुई मुलाक़ात के दौरान दोनों नेताओं ने उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन से संवाद स्थापित करने की इच्छा जताई। ली ने कहा कि यदि विभाजित कोरिया में शांति स्थापित हो जाती है तो यह ऐतिहासिक होगा। उन्होंने व्यंग्य और संकेत दोनों में जोड़ा कि “आप (ट्रम्प) उत्तर कोरिया में ट्रम्प टॉवर बना सकते हैं , जहाँ मैं आकर गोल्फ़ खेलूँगा।” ट्रम्प ने भी पुरानी मित्रता याद दिलाई और कहा कि वे किम जोंग उन से पहले ही तीन बार मिल चुके हैं और भविष्य में दोबारा मिलन...

भोपाल बनेगा देश का स्पोर्ट्स साइंस और हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग हब!!

खेल के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल करने और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण देने की दिशा में मध्यप्रदेश एक बड़ा कदम उठा रहा है। खेल विभाग द्वारा नाथु बरखेड़ा स्थित स्पोर्ट्स सिटी में लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक स्पोर्ट्स साइंस एवं हाई-परफॉर्मेंस सेंटर स्थापित किया जा रहा है। यह सेंटर उन सभी आधुनिक वैज्ञानिक और तकनीकी सुविधाओं से लैस होगा , जिनकी आज के समय में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को निखारने और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में जरूरत होती है। इसमें खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता , मानसिक दृढ़ता , चोटों से बचाव , और कुल प्रदर्शन सुधार पर व्यापक रूप से काम किया जाएगा। क्यों जरूरी है स्पोर्ट्स साइंस सेंटर ? आज का खेल जगत बेहद तेज और चुनौतीपूर्ण हो गया है। सिर्फ प्रतिभा या अच्छी कोचिंग अब पर्याप्त नहीं है। विशेषज्ञ बताते हैं कि कई खिलाड़ी , चाहे वे कितने ही प्रतिभाशाली हों , मनोवैज्ञानिक दबाव , तकनीकी कमी या चोटों की वजह से अपने लक्ष्य तक नहीं पहुँच पाते। अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा में सफलता के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तकन...