भारतीय नौसेना ने पहली बार संयुक्त कार्य बल (CTF)–154 की कमान संभालकर वैश्विक समुद्री सुरक्षा सहयोग में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह कदम हिंद महासागर क्षेत्र और उससे आगे बहुराष्ट्रीय समुद्री सहयोग, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के प्रति भारत की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह कार्य बल Combined Maritime Forces (सीएमएफ) के अंतर्गत संचालित एक प्रमुख बहुराष्ट्रीय प्रशिक्षण टास्क फोर्स है, जो सदस्य देशों की समुद्री सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने पर केंद्रित है।
बहरीन
में आयोजित हुआ कमान परिवर्तन समारोह
सीटीएफ-154 का कमान परिवर्तन समारोह 11 फरवरी 2026 को बहरीन की राजधानी मनामा स्थित सीएमएफ मुख्यालय में आयोजित किया गया।
समारोह की अध्यक्षता United States Fifth Fleet के कमांडर
वाइस एडमिरल कर्ट ए. रेनशॉ ने की। इस अवसर पर भारतीय नौसेना के उप नौसेना प्रमुख
वाइस एडमिरल तरुण सोबती सहित विभिन्न सदस्य देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी उपस्थित
रहे। भारतीय नौसेना के शौर्य चक्र से सम्मानित कमोडोर मिलिंद एम. मोकाशी ने इतालवी
नौसेना के निवर्तमान कमांडर से सीटीएफ-154 के कमांडर का
पदभार औपचारिक रूप से ग्रहण किया।
क्या
है सीटीएफ-154 की भूमिका
सीटीएफ-154 की स्थापना मई 2023 में की गई थी। इसका मुख्य
उद्देश्य सदस्य देशों के बीच प्रशिक्षण, तालमेल और क्षमता
निर्माण के माध्यम से समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना है। यह टास्क फोर्स विशेष रूप
से बहुराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों के संचालन और समन्वय के लिए समर्पित है।
इसका
प्रशिक्षण ढांचा पांच प्रमुख स्तंभों पर आधारित है:
·
समुद्री क्षेत्र
जागरूकता (Maritime Domain Awareness)
·
समुद्र का कानून
·
समुद्री अवरोधन
अभियान
·
समुद्री बचाव और
सहायता
·
नेतृत्व विकास
बहुराष्ट्रीय
अभ्यास और प्रशिक्षण कार्यक्रम
सीटीएफ-154 नियमित रूप से समुद्री सुरक्षा संवर्धन प्रशिक्षण (MSET) कार्यक्रम, “कम्पास रोज” तथा उत्तरी और दक्षिणी
तत्परता जैसे अभ्यास आयोजित करता है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य सदस्य देशों की
नौसेनाओं और समुद्री एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाना और साझा खतरों से निपटने की
क्षमता विकसित करना है। इन पहलों के माध्यम से अवैध तस्करी, समुद्री
डकैती, हथियारों की गैरकानूनी आवाजाही और अनियमित प्रवासन
जैसे खतरों के खिलाफ परिचालन क्षमता को मजबूत किया जाता है।
अन्य
टास्क फोर्स के साथ समन्वय
सीटीएफ-154,
सीएमएफ के अन्य टास्क फोर्स के साथ मिलकर भी काम करता है, जिनमें समुद्री सुरक्षा, डकैती विरोधी अभियान और
क्षेत्रीय समुद्री निगरानी से जुड़े अलग-अलग मिशन शामिल हैं। इससे बहुराष्ट्रीय
स्तर पर समुद्री निगरानी और प्रतिक्रिया तंत्र अधिक प्रभावी बनता है।
भारत
की बढ़ती समुद्री भूमिका
सीटीएफ-154 की कमान संभालना इस बात का संकेत है कि बहुराष्ट्रीय समुद्री ढांचे में
भारत की भूमिका और विश्वसनीयता लगातार बढ़ रही है। यह भारत की पेशेवर विशेषज्ञता,
परिचालन अनुभव और एक भरोसेमंद समुद्री सुरक्षा भागीदार के रूप में
स्थापित होती छवि को भी मजबूत करता है।
भारतीय
नौसेना ने अपने कार्यकाल के दौरान उच्च प्रभाव वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों और
सहयोगात्मक पहलों के माध्यम से वैश्विक समुद्री साझेदारी को और सुदृढ़ करने का
लक्ष्य रखा है, ताकि समुद्री क्षेत्र में शांति,
समृद्धि और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
The News Grit, 13/02/2026


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