Skip to main content

पारंपरिक खेती से आधुनिक बागवानी तक, रामसिंह कुशवाह बने किसानों के लिए मिसाल!!

एमपी पुलिस के घुड़सवारों का कमाल, राष्ट्रीय प्रतियोगिता में 6 पदक हासिल!!

मध्यप्रदेश पुलिस के घुड़सवारी दल ने 44वीं अखिल भारतीय पुलिस घुड़सवारी प्रतियोगिता एवं माउंटेड पुलिस ड्यूटी मीट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल 6 पदक (2 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य) जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 15 से 27 फरवरी 2026 के बीच सीमा सुरक्षा बल अकादमी, टेकनपुर में आयोजित की गई, जिसमें देशभर की पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की 21 टीमों, 345 अश्वों और लगभग 700 राइडर्स ने भाग लिया।

खिलाड़ियों का सम्मान

प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुलिस मुख्यालय, भोपाल में आयोजित समारोह में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने मेडल पहनाकर और प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने टीम के घुड़सवारों की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रशिक्षण का परिणाम है। साथ ही यह उपलब्धि मध्यप्रदेश पुलिस की पेशेवर दक्षता और प्रशिक्षण व्यवस्था की गुणवत्ता को भी दर्शाती है। डीजीपी मकवाणा ने सभी प्रतिभागियों को उचित पुरस्कार देने की घोषणा करते हुए भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए निरंतर अभ्यास और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण पर बल दिया।

घुड़सवारों का शानदार प्रदर्शन

प्रतियोगिता के विभिन्न इवेंट्स में मध्यप्रदेश पुलिस के खिलाड़ियों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। सईस टेस्ट’ में उत्कृष्ट अश्व प्रबंधन का प्रदर्शन करते हुए, घनश्याम प्रजापति ने स्वर्ण पदक जीता। वहीं टीम के प्रमुख राइडर आरक्षक फराज खान ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए क्रॉस कंट्री स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया। फराज खान ने इसके अलावा पुलिस हॉर्स टेस्ट और क्रॉस कंट्री स्पर्धा में दो रजत पदक भी जीते। वहीं मेंटल हेजार्ड और शो जंपिंग ग्रेड-03 स्पर्धाओं में उन्होंने दो कांस्य पदक अपने नाम किए। इसके अतिरिक्त शो जंपिंग प्री-प्रिलिमिनरी स्पर्धा में चौथा स्थान प्राप्त कर उन्होंने मध्यप्रदेश पुलिस की प्रतिष्ठा को और ऊंचा किया।

माउंटेड पुलिस को और मजबूत बनाने पर जोर

पुलिस मुख्यालय में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान राज्य की माउंटेड पुलिस इकाई को और अधिक पेशेवर बनाने पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने आधुनिक प्रशिक्षण और कोचिंग मॉडल अपनाने, साथ ही उच्च नस्ल के स्पोर्ट्स ब्रीड घोड़ों की संख्या बढ़ाने की रणनीति पर विचार किया। इसका उद्देश्य भविष्य की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश पुलिस के प्रदर्शन को और बेहतर बनाना है।

वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

सम्मान समारोह में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एसएएफ चंचल शेखर, पुलिस महानिरीक्षक एसएएफ इंदौर रेंज चंद्रशेखर सोलंकी, पुलिस महानिरीक्षक एसएएफ इरशाद वली, डीआईजी आरएपीटीसी धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया, कमांडेंट 15वीं वाहिनी हितिका वासल, पर्यवेक्षक अधिकारी उप सेनानी प्राची द्विवेदी सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

मध्यप्रदेश पुलिस के इस उत्कृष्ट प्रदर्शन ने न केवल राज्य का मान बढ़ाया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि उचित प्रशिक्षण, अनुशासन और समर्पण के बल पर पुलिस बल खेलों में भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।

The News Grit, 06/03/2026

Comments

Popular posts from this blog

प्रोजेक्ट आरोहण: NHAI की नई योजना, लेकिन किसके लिए?

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ( NHAI) ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल करते हुए टोल प्लाज़ा कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा और करियर निर्माण के लिए ‘प्रोजेक्ट आरोहण’ की शुरुआत की है। इस योजना का शुभारंभ एनएचएआई के अध्यक्ष श्री संतोष कुमार यादव ने नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में किया। इस अवसर पर वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के कार्यकारी निदेशक एवं संयुक्त सीईओ डॉ. जफर खान और एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। शिक्षा तक समान पहुँच देने का प्रयास एनएचएआई ने वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के साथ मिलकर यह योजना शुरू की है , जिसका मकसद टोल प्लाज़ा कर्मचारियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इस पहल का उद्देश्य वित्तीय बाधाओं को दूर करना , सामाजिक-आर्थिक भेदों को कम करना और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों , जिनमें निम्न-आय वाले परिवारों की लड़कियाँ , पहली पीढ़ी के शिक्षार्थी तथा अनुसूचित जाति , अनुसूचित जनजाति , अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र शामिल हैं , के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुँच प्रदान करना है। एनएचएआई का मानना है कि शिक्षा ही वह साध...

अमेरिका ने भारतीय आयात पर 50% टैरिफ लगाया, लाखों नौकरियों पर संकट!!

अमेरिका ने बुधवार से भारत से आने वाले अधिकांश आयातित उत्पादों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लागू कर दिया है। यह कदम अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा ( CBP) द्वारा जारी नोटिस के बाद प्रभावी हुआ , जिसमें कहा गया था कि यह आदेश राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 6 अगस्त 2025 के कार्यकारी आदेश 14329 के तहत लागू किया जा रहा है। इस आदेश का शीर्षक था – “रूसी संघ की सरकार द्वारा संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए खतरों को संबोधित करना।” किन उत्पादों पर लागू और किन्हें छूट सीबीपी के अनुसार , यह शुल्क उन सभी भारतीय वस्तुओं पर लागू होगा जो अमेरिका में उपभोग के लिए आयातित की जाती हैं। हालांकि , लोहा , इस्पात , एल्युमीनियम , वाहन , तांबा और इनके कुछ व्युत्पन्न उत्पादों को इस अतिरिक्त ड्यूटी से बाहर रखा गया है। वहीं , अमेरिकी बाजार में भारत के करीब 30.2% निर्यात (लगभग 27.6 अरब डॉलर) को शुल्क मुक्त प्रवेश मिलता रहेगा। इसमें फार्मा ( 12.7 अरब डॉलर) , इलेक्ट्रॉनिक्स ( 8.18 अरब डॉलर) , रिफाइंड लाइट ऑयल और एविएशन टरबाइन फ्यूल ( 3.29 अरब डॉलर) , पुस्तकें और ब्रोशर ( 165.9 मिलियन डॉलर) तथा प्लास्टिक ( 155.1 मिलियन...

भोपाल बनेगा देश का स्पोर्ट्स साइंस और हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग हब!!

खेल के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल करने और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण देने की दिशा में मध्यप्रदेश एक बड़ा कदम उठा रहा है। खेल विभाग द्वारा नाथु बरखेड़ा स्थित स्पोर्ट्स सिटी में लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक स्पोर्ट्स साइंस एवं हाई-परफॉर्मेंस सेंटर स्थापित किया जा रहा है। यह सेंटर उन सभी आधुनिक वैज्ञानिक और तकनीकी सुविधाओं से लैस होगा , जिनकी आज के समय में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को निखारने और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में जरूरत होती है। इसमें खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता , मानसिक दृढ़ता , चोटों से बचाव , और कुल प्रदर्शन सुधार पर व्यापक रूप से काम किया जाएगा। क्यों जरूरी है स्पोर्ट्स साइंस सेंटर ? आज का खेल जगत बेहद तेज और चुनौतीपूर्ण हो गया है। सिर्फ प्रतिभा या अच्छी कोचिंग अब पर्याप्त नहीं है। विशेषज्ञ बताते हैं कि कई खिलाड़ी , चाहे वे कितने ही प्रतिभाशाली हों , मनोवैज्ञानिक दबाव , तकनीकी कमी या चोटों की वजह से अपने लक्ष्य तक नहीं पहुँच पाते। अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा में सफलता के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तकन...